{"_id":"584468924f1c1b5222a8697a","slug":"50-lakh-ki-rangdaari","type":"story","status":"publish","title_hn":"50 लाख की रंगदारी न देने पर हुआ था पार्षद पर हमला, पांच गिरफ्तार ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
50 लाख की रंगदारी न देने पर हुआ था पार्षद पर हमला, पांच गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 05 Dec 2016 12:56 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाजपा पार्षद राजीव गुप्ता उर्फ काले पर जानलेवा हमला 50 लाख रुपये की रंगदारी न देने पर हुआ था। पुलिस ने इस मामले में 15 हजार के इनामी कुख्यात सतीश गिरी समेत पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इसी गैंग ने रंगदारी न देने पर सदर तहसील गेट पर रजिस्ट्रार कानूनगो की हत्या सरेशाम गोली मारकर की थी।
एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी ने रविवार को प्रेसवार्ता में बताया कि पार्षद राजीव पर 15 नवंबर की रात तीन गोलियां लगी थीं। जांच में सामने आया था कि पार्षद ने 50 लाख की रंगदारी देने से इंकार किया था, जिसके बाद सतीश गिरी ने हमला किया था। इस हमले के बाद भी पार्षद की पत्नी से 50 लाख की रंगदारी मांगी गई थी। रविवार सुबह एएसपी कैंट सिद्धार्थ और इंस्पेक्टर सदर बाजार पंकज पंत की टीम ने सोफिया तिराहे से सतीश समेत पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया। जिनमें ब्रह्मपुरी निवासी एक व्यापारी भी शामिल है। पूछताछ में सतीश ने बताया कि वह जिले के करीब एक दर्जन प्रतिष्ठित व्यापारियों से फोन कॉल और चिट्ठी भेजकर रंगदारी मांग चुका था। रंगदारी न देने पर सीधे हत्या को अंजाम देता।
कानूनगो से मांगे थे 10 लाख
सतीश ने पुलिस को बताया कि 22 नवंबर की शाम तहसील गेट पर रजिस्ट्रार कानूनगो दीनदयाल आर्य की हत्या दस लाख रुपये की रंगदारी न देने पर की थी। हत्या में उसके साथ सुरेंद्र राणा भी शामिल था।
विज्ञापन
कस्टडी से हुआ था फरार
सतीश अपने गांव के एक युवक की हत्या के मामले में फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। चार अक्टूबर 2016 को सिटी रेलवे स्टेशन मेरठ से वह कस्टडी से फरार हो गया था। जिसके बाद उस पर इनाम घोषित हुआ था। सतीश की एक बड़े व्यापारी की भी हत्या करने की प्लानिंग थी।
गिरफ्तार आरोपी
1. सतीश गिरी पुत्र बालेश्वर गिरी गांव स्याल थाना भावनपुर (गैंग लीडर)
वेस्ट यूपी में हत्या, लूट और रंगदारी के एक दर्जन से ज्यादा मुकदमे
2. सुरेंद्र राणा पुत्र भगवत सिंह गांव वैराफिरोजपुर थाना स्याना जिला बुलंदशहर
रंगदारी, लूूट, जानलेवा हमले के नौ मुकदमे। सतीश का पुराना साथी। दोनों साथ मिलकर रंगदारी मांगते थे
3. सोनू उर्फ चिंगा भैया पुत्र सुनील कुमार निवासी जयदेवीनगर थाना नौचंदी
दिल्ली में दुकान कर चुका है। व्यापारी विवेक के कहने पर सतीश गैंग से जुड़ा
4. सोनू पुत्र अतराज त्यागी निवासी रावण उर्फ बड़ा गांव खेकड़ा बागपत हाल निवासी राजनगर एक्सटेंशन ग्राम मोरटा जिला गाजियाबाद। बागपत में पांच मुकदमे
5. व्यापारी विवेक गोयल उर्फ अंकित लाला पुत्र प्रमोद गोयल निवासी ब्रह्मपुरी।
व्यापारियों के मोबाइल नंबर सतीश को उपलब्ध कराता था। बदले में सतीश रंगदारी का हिस्सा देता था।
बरामदगी
चार तमंचे, कारतूस, बिना नंबर की स्विफ्ट कार, फरारी व हत्या में प्रयुक्त पल्सर बाइक, चोरी की अपाचे बाइक रंगदारी मांगने और धमकी देने में प्रयुक्त आठ मोबाइल फोन।
विज्ञापन
एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी ने रविवार को प्रेसवार्ता में बताया कि पार्षद राजीव पर 15 नवंबर की रात तीन गोलियां लगी थीं। जांच में सामने आया था कि पार्षद ने 50 लाख की रंगदारी देने से इंकार किया था, जिसके बाद सतीश गिरी ने हमला किया था। इस हमले के बाद भी पार्षद की पत्नी से 50 लाख की रंगदारी मांगी गई थी। रविवार सुबह एएसपी कैंट सिद्धार्थ और इंस्पेक्टर सदर बाजार पंकज पंत की टीम ने सोफिया तिराहे से सतीश समेत पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया। जिनमें ब्रह्मपुरी निवासी एक व्यापारी भी शामिल है। पूछताछ में सतीश ने बताया कि वह जिले के करीब एक दर्जन प्रतिष्ठित व्यापारियों से फोन कॉल और चिट्ठी भेजकर रंगदारी मांग चुका था। रंगदारी न देने पर सीधे हत्या को अंजाम देता।
विज्ञापन
कानूनगो से मांगे थे 10 लाख
सतीश ने पुलिस को बताया कि 22 नवंबर की शाम तहसील गेट पर रजिस्ट्रार कानूनगो दीनदयाल आर्य की हत्या दस लाख रुपये की रंगदारी न देने पर की थी। हत्या में उसके साथ सुरेंद्र राणा भी शामिल था।
विज्ञापन
कस्टडी से हुआ था फरार
सतीश अपने गांव के एक युवक की हत्या के मामले में फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। चार अक्टूबर 2016 को सिटी रेलवे स्टेशन मेरठ से वह कस्टडी से फरार हो गया था। जिसके बाद उस पर इनाम घोषित हुआ था। सतीश की एक बड़े व्यापारी की भी हत्या करने की प्लानिंग थी।
गिरफ्तार आरोपी
1. सतीश गिरी पुत्र बालेश्वर गिरी गांव स्याल थाना भावनपुर (गैंग लीडर)
वेस्ट यूपी में हत्या, लूट और रंगदारी के एक दर्जन से ज्यादा मुकदमे
2. सुरेंद्र राणा पुत्र भगवत सिंह गांव वैराफिरोजपुर थाना स्याना जिला बुलंदशहर
रंगदारी, लूूट, जानलेवा हमले के नौ मुकदमे। सतीश का पुराना साथी। दोनों साथ मिलकर रंगदारी मांगते थे
3. सोनू उर्फ चिंगा भैया पुत्र सुनील कुमार निवासी जयदेवीनगर थाना नौचंदी
दिल्ली में दुकान कर चुका है। व्यापारी विवेक के कहने पर सतीश गैंग से जुड़ा
4. सोनू पुत्र अतराज त्यागी निवासी रावण उर्फ बड़ा गांव खेकड़ा बागपत हाल निवासी राजनगर एक्सटेंशन ग्राम मोरटा जिला गाजियाबाद। बागपत में पांच मुकदमे
5. व्यापारी विवेक गोयल उर्फ अंकित लाला पुत्र प्रमोद गोयल निवासी ब्रह्मपुरी।
व्यापारियों के मोबाइल नंबर सतीश को उपलब्ध कराता था। बदले में सतीश रंगदारी का हिस्सा देता था।
बरामदगी
चार तमंचे, कारतूस, बिना नंबर की स्विफ्ट कार, फरारी व हत्या में प्रयुक्त पल्सर बाइक, चोरी की अपाचे बाइक रंगदारी मांगने और धमकी देने में प्रयुक्त आठ मोबाइल फोन।