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निगम के कैमरे में कैद हुआ चोर, पकड़ा गया
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निगम के कैमरों में कैद हुआ चोर दबोचा
फुटेज देखने के बाद भी पुलिस ने चोर को थाने से छोड़ा
मेरठ। नगर निगम परिसर से चोरी की घटनाओं पर प्रतिबंध लगाने के लिए लगाए गए कैमरे में बुधवार को एक वाहन चोर कैद हो गया। चोर को रंगे हाथों साइकिल चुराते पकड़कर देहली गेट पुलिस को सौंप दिया गया। लेकिन पुलिस ने कैमरे की फुटेज देखने के बाद भी चोर को थाने से छोड़ दिया।
घटना बुधवार दोपहर की है। नगर निगम के सीनियर ऑडिटर कमल सिंह की साइकिल परिसर में खड़ी थी। एक युवक साइकिल का ताला तोड़कर उसे ले जाने लगा। चोरी की वारदात मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में लगी स्क्रीन पर दिखाई दी। इस पर निगम कर्मचारियों ने चोर को रंगे हाथों दबोच लिया। पूछताछ में चोर ने अपना नाम विजय तोमर बताया। बाद में उसके परिवार के लोग भी नगर निगम पहुंच गए। उन्होंने उसका सही नाम अलतमश बताया। अलतमश ने बताया कि वह नगर निगम के मुख्य गेट के बाहर कपड़े का कारोबार करता है। किसी के कहने पर उसने साइकिल चोरी की थी। मामले की सूचना थाना देहली गेट पुलिस को दी गयी। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी देखी। उसके बाद पुलिस ने चोर को थाने से इसलिए छोड़ दिया क्योंकि चोर ने साइकिल वापस कर दी थी। बता दें कि नगर निगम में कैमरे लगने से पहले प्रत्येक माह 15-20 वाहन चोरी होते थे। वह अलग बात है कि पुलिस उनकी रिपोर्ट ही नहीं लिखती थी।
थानेदार का वर्जन आना बाकी है==============
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फुटेज देखने के बाद भी पुलिस ने चोर को थाने से छोड़ा
मेरठ। नगर निगम परिसर से चोरी की घटनाओं पर प्रतिबंध लगाने के लिए लगाए गए कैमरे में बुधवार को एक वाहन चोर कैद हो गया। चोर को रंगे हाथों साइकिल चुराते पकड़कर देहली गेट पुलिस को सौंप दिया गया। लेकिन पुलिस ने कैमरे की फुटेज देखने के बाद भी चोर को थाने से छोड़ दिया।
घटना बुधवार दोपहर की है। नगर निगम के सीनियर ऑडिटर कमल सिंह की साइकिल परिसर में खड़ी थी। एक युवक साइकिल का ताला तोड़कर उसे ले जाने लगा। चोरी की वारदात मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में लगी स्क्रीन पर दिखाई दी। इस पर निगम कर्मचारियों ने चोर को रंगे हाथों दबोच लिया। पूछताछ में चोर ने अपना नाम विजय तोमर बताया। बाद में उसके परिवार के लोग भी नगर निगम पहुंच गए। उन्होंने उसका सही नाम अलतमश बताया। अलतमश ने बताया कि वह नगर निगम के मुख्य गेट के बाहर कपड़े का कारोबार करता है। किसी के कहने पर उसने साइकिल चोरी की थी। मामले की सूचना थाना देहली गेट पुलिस को दी गयी। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी देखी। उसके बाद पुलिस ने चोर को थाने से इसलिए छोड़ दिया क्योंकि चोर ने साइकिल वापस कर दी थी। बता दें कि नगर निगम में कैमरे लगने से पहले प्रत्येक माह 15-20 वाहन चोरी होते थे। वह अलग बात है कि पुलिस उनकी रिपोर्ट ही नहीं लिखती थी।
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थानेदार का वर्जन आना बाकी है==============