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बाल संप्रेक्षण गृह में एसएसआई की भूमिका संदिग् ध

Tue, 04 Sep 2018 02:00 AM IST
Updated Tue, 04 Sep 2018 02:00 AM IST
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बाल संप्रेक्षण गृह में एसएसआई की भूमिका संदिग्
ध
मेरठ। सूरजकुंड स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में बच्चे से कुकर्म की घटना के बाद नौचंदी पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। इस मामले में एसपी सिटी रणविजय सिंह ने भी जांच शुरू कर दी है। पुलिस की जांच में सामने आया कि घटना के वक्त नौचंदी थाने के एसएसआई शशि कुमार पर कार्यवाहक एसओ का चार्ज था। जिसके बाद पूरे मामले में एसएसआई ने उच्च अधिकारियों को भी घटना के बारे में नहीं बताया। पीड़ित बच्चे के बयान भी बाद में दर्ज कराए गए।
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बाल संप्रेक्षण गृह में बच्चे से कुकर्म की घटना के बाद नौचंदी थाने के एसएसआई शशि कुमार सूचना के दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे। आरोप लग रहे हैं कि 23 अगस्त को जिस समय सूचना दी गई, उसके बाद भी जांच पड़ताल नहीं की गई और पूरे मामले को वे दबाने में लगे रहे। उस समय नौचंदी थाने के इंस्पेक्टर बृजेश सिंह 14 दिन की ट्रेनिंग पर थे। जिसके बाद सीओ सिविल लाइन और एसपी सिटी को भी एसएसआई ने गुमराह करने की कोशिश की। बाद में जब मामला गोपनीय ढंग से अधिकारियों को पता चला तो एसएसआई ने अपने को बचाने के लिए एक प्रशासनिक अधिकारी पर ठीकरा फोड़ दिया। पुलिस की जांच में सामने आया कि एसएसआई ने मामले को कमजोर करने के लिए ड्यूटी मुंशी से मिलकर तहरीर में खेल किया था। बाद में जब पीड़ित बच्चे के बयान हुए तो 24 अगस्त को मुकदमे में पॉक्सो एक्ट भी लगाया गया था। एसपी सिटी रणविजय सिंह का कहना है कि अभी तक की जांच में सामने आया कि एसएसआई शशि कुमार की पूरे मामले में लापरवाही सामने आयी है। इसकी रिपोर्ट एसएसपी को भेज दी जाएगी।
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खास बातें:
नौचंदी थाने में तैनात एसएसआई शशि कुमार के खिलाफ बैठी जांच
एसपी सिटी ने मांगी रिपोर्ट, गिर सकती है गाज
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