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हिस्ट्रीशीटर व लुटेरों का थाने में हुआ सम्मान

Sun, 11 Mar 2018 02:44 AM IST
Updated Sun, 11 Mar 2018 02:44 AM IST
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हिस्ट्रीशीटर व लुटेरों का थाने में हुआ सम्मान
हिस्ट्रीशीटर और लुटेरों का थाने में सम्मान
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मेरठ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नारा अपराधियों की जगह जेल में या फिर ऊपर होनी चाहिए। जिसके तहत 42 बदमाश मुठभेड़ में ढेर, 100 से अधिक बदमाशों के पैर में गोली और दो हजार से ज्यादा बदमाश गिरफ्तार कर जेल भेज गए। लेकिन शनिवार को लिसाड़ीगेट में उल्टा रूप देखने को मिला। हिस्ट्रीशीटर और लुटेरों का थाने में माला पहनाकर पुलिस द्वारा सम्मान किया गया। पुलिस का कहना कि छह माह से इन अपराधियों ने कोई अपराध नहीं किया है। वह पुलिस के मित्र बनकर काम करेंगे। वहीं पेशेवर अपराधी के सम्मान का निर्देश पुलिस के आला अधिकारियों ने नहीं दिया। इसका पता लगने पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई है।
7 हिस्ट्रीशीटर समेत 16 पेशेवर अपराधियों का सम्मान
लिसाड़ी गेट थाने में 7 हिस्ट्रीशीटर समेत 16 पेशेवर अपराधियों का सम्मान किया गया। अपराधियों पर लूट, डकैती, चेन स्नैचिंग जैसी संगीन घटनाओं में यह शामिल रहे हैं। पुलिस का दावा कि छह माह से पुलिस ने इन हिस्ट्र्रीशीटरों के घर का सत्यापन किया तो पता चला कि इन सभी ने अपराध करना छोड़ दिया। इनमें इन लोगों ने अपने घर का काम काम संभालते हुए कपड़ा बेचना, ठेला लगना, पंचर की दुकान करना व अन्य काम कर रहे हैं। अपराधियों के सम्मान के दौरान पुलिस अधिकारी, इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट मोहम्मद असलम, इंस्पेक्टर कोतवाली यशवीर सिंह रहे। थाने में इन अपराधियों को समोसा, कोल्डड्रिंक के अलावा मिठाई खिलाई गई।
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पीड़ितों में अभी दहशत बरकरार
पुलिस ने जिन अपराधियोें का सम्मान किया है, उनसे पीड़ित लोगाें में खौफ है। सम्मान हुए अपराधियों के फोटो और वीडियो वायरल हुई तो लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए है। लोगों का कहना है कि जिन पेशेवर अपराधियों की दहशत इलाके में है, उनको पुलिस भला कैसे सम्मान दे सकती है। हालांकि पुलिस का दावा है कि इन अपराधियों को विरोध करने वाले लोग नहीं मिले है।
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ये अपराधी हुए सम्मानित
इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट मोहम्मद असलम के अनुसार आकिल, रहीस राणा, सरद मोहन, रवि, सलीम, अब्दुल वाहब, मोहम्मद हनीफ, शेरद्दीन, इमरान, नौशाद, उमर दराज, शकील पिस्टल, अजय सिंघल, वजीर, हेमंत हैं। ये सभी लिसाड़ी गेट और कोतवाली के रहने वाले हैं।
तत्कालीन कप्तानों के अभियान हवा में उड़ाए
जब पुलिस अफसरों ने थाने में अपराधियों को माला पहनाकर सम्मानित किया तो पूर्व में जिले में चले कई बड़े अभियानों को पुलिस ने हवा में उड़ा दिया। तत्कालीन एसएसपी दिनेश चंद्र दूबे ने अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया। पेशेवर अपराधियों के पोस्टर चौराहे पर लगवाए। तत्कालीन एसएसपी जेे. रविंदर गौड ने हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन कर घर पर भोपू अभियान शुरू कराया था। इस अभियान से अपराधी घर छोड़कर फरार होने लगे और पहली बार पड़ोसियों को सार्वजनिक तौर पर पता चला कि उनका पड़ोसी अपराधी है। एसएसपी रह चुके के. सत्यनारायणा ने भी चेन स्नैचर, पर्स लुटेरों, डकैती के आरोपी, हिस्ट्रीशीटरों के फोटो चौराहों पर लगवा दिए थे।

सम्मान करना गलत
पुलिस द्वारा पेशेवर अपराधियों का सम्मान करना गलत है। लगातार उपस्थित और निगरानी करने की जरूरत है। पेशेवर अपराधी वर्तमान में जो काम कर रहे है, उनको लिखा पढ़ी में रिपोर्ट बनाकर रखे। -प्रशांत कुमार, एडीजी मेरठ जोन


खास बातें:
लिसाड़ी गेट थाने में 16 अपराधियों को किया गया सम्मानित
इंस्पेक्टर से सीओ और एसपी सिटी ने पहनाई माला
एडीजी जोन ने कहा- नहीं होना चाहिए था सम्मान
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