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कंकरखेड़ा में हुए दोहरे हत्याकांड़ के गवाहों ने भी मांगी सुरक्षा
Updated Tue, 06 Feb 2018 02:00 AM IST
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कंकरखेड़ा। लगातार हो रहे हमलों से गवाहों में दहशत का माहौल है। तीन साल पूर्व कंकरखेड़ा में दिनदहाड़े गोली मारकर की गई दंपति की हत्या के मामले में गवाहों ने अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा मांगी है।
15 जनवरी 2015 को मूल रूप से सरूरपुर थाना क्षेत्र के गांव मोती रामपुर निवासी सतेंद्र मलिक व उनकी पत्नी चंद्रकांता मलिक की चुनावी रंजिश में उनके सगे भतीजे अरुण मलिक उर्फ पिंटू ने सरधना रोड पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने पिंटू व उसके पिता राजेंद्र सहित कई अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। वर्तमान में आरोपी पिता-पुत्र दोनों ही जेल में हैं। इस हत्याकांड में सतेंद्र मलिक के भाई किशोर कुमार व सतेंद्र का छोटा बेटा मनीष मलिक चश्मदीद गवाह हैं। मनीष ने एसएसपी मंजिल सैनी को प्रार्थना पत्र देकर सुरक्षा की मांग की है। एसएसपी ने थाना पुलिस को दोनों गवाहों को सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। इंस्पेक्टर दीपक शर्मा का कहना है कि गवाहों को सुरक्षा प्रदान जरूर कराई जाएगी। इंस्पेक्टर का कहना है कि करीब आधा दर्जन लोग सुरक्षा की मांग कर चुके हैं।
10 हजार का इनामी रह चुका है अरुण
आरोपी अरुण उर्फ पिंटू शातिर किस्म का अपराधी है। वह 10 हजार का इनामी रह चुका है। 2009 में उसने गैंग बनाकर गाजियाबाद के एक प्रसिद्ध डॉक्टर का अपहरण किया था और 25 लाख रुपये की फिरौती वसूली थी। इसके अलावा गांव पावलीखास में पुलिस के मुखबिर वकील की हत्या में भी वह नामजद हुआ था। वहीं सतेंद्र मलिक के बेटों ने बताया कि कोर्ट ने केस समाप्ति तक संपूर्ण परिवार की सुरक्षा के आदेश दिए थे। बावजूद उन्हें सुरक्षा नहीं मिली। जबकि एक साल पहले पिंटू के पिता राजेंद्र ने दो लोगों के साथ मिलकर उनपर हमला भी किया था।
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15 जनवरी 2015 को मूल रूप से सरूरपुर थाना क्षेत्र के गांव मोती रामपुर निवासी सतेंद्र मलिक व उनकी पत्नी चंद्रकांता मलिक की चुनावी रंजिश में उनके सगे भतीजे अरुण मलिक उर्फ पिंटू ने सरधना रोड पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने पिंटू व उसके पिता राजेंद्र सहित कई अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। वर्तमान में आरोपी पिता-पुत्र दोनों ही जेल में हैं। इस हत्याकांड में सतेंद्र मलिक के भाई किशोर कुमार व सतेंद्र का छोटा बेटा मनीष मलिक चश्मदीद गवाह हैं। मनीष ने एसएसपी मंजिल सैनी को प्रार्थना पत्र देकर सुरक्षा की मांग की है। एसएसपी ने थाना पुलिस को दोनों गवाहों को सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। इंस्पेक्टर दीपक शर्मा का कहना है कि गवाहों को सुरक्षा प्रदान जरूर कराई जाएगी। इंस्पेक्टर का कहना है कि करीब आधा दर्जन लोग सुरक्षा की मांग कर चुके हैं।
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10 हजार का इनामी रह चुका है अरुण
आरोपी अरुण उर्फ पिंटू शातिर किस्म का अपराधी है। वह 10 हजार का इनामी रह चुका है। 2009 में उसने गैंग बनाकर गाजियाबाद के एक प्रसिद्ध डॉक्टर का अपहरण किया था और 25 लाख रुपये की फिरौती वसूली थी। इसके अलावा गांव पावलीखास में पुलिस के मुखबिर वकील की हत्या में भी वह नामजद हुआ था। वहीं सतेंद्र मलिक के बेटों ने बताया कि कोर्ट ने केस समाप्ति तक संपूर्ण परिवार की सुरक्षा के आदेश दिए थे। बावजूद उन्हें सुरक्षा नहीं मिली। जबकि एक साल पहले पिंटू के पिता राजेंद्र ने दो लोगों के साथ मिलकर उनपर हमला भी किया था।
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