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दलित परिवार पलायन
Updated Sat, 16 Sep 2017 02:56 AM IST
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मेरठ।
सनौता में दो सगे भाइयों की हत्या के बाद लोगों ने दलितों के घरों पर हमला बोल दिया था। जिससे दहशत में आए दलित परिवार अपने-अपने घरों पर ताले लगाकर बृहस्पतिवार आधी रात को गांव से चले गए। गांव की गलियों में शुक्रवार को दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। चप्पे-चप्पे पर पुलिस व पीएसी का पहरा था।
एसएसपी सनौता गांव में शुक्रवार तड़के ही पहुंच गई थीं। दोनों भाइयों के शव सुपुर्द-ए-खाक होने पर एसएसपी ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि सभी आरोपियों को जेल भेजा जाएगा। इसके बाद एसएसपी ने खुद गांव में कई लोगों से बातचीत की। जिसमें जानकारी मिली कि गांव में हिस्ट्रीशीटर परवेज और गुलफाम पक्ष में चुनाव व वर्चस्व को लेकर विवाद चल रहा है। बृहस्पतिवार को धर्मवीर के घर के सामने परवेज पक्ष के मनसाद व उसके भाई दिलशाद द्वारा कार खड़ी करने पर विवाद हुआ था
एसएसपी ने दलित परिवारों के घरों पर ताले लटके देखे तो आसपास के लोगों से उनके बारे में पूछा। जिस पर लोगों ने बताया कि मारपीट और गोलियां सिर्फ मनसाद, दिलशाद और धर्मवीर के परिवार में चली थीं। लेकिन हिस्ट्रीशीटर परवेज और गुलफाम की रंजिश के चलते 18 लोगों को नामजद कराया गया है। दलित परिवार को धमकी दी जा रही थी। जिसके चलते आधी रात को ही वे अपने-अपने घर में ताला लगाकर चले गए।
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परवेज और गुलफाम शातिर अपराधी
पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर परवेज और गुलफाम शातिर अपराधी हैं। दोनों में वर्चस्व को लेकर विवाद चल रहा हैं। दोनों ने गांव में अपने-अपने गुट बनाए हैं। प्रधानी चुनाव, ब्लॉक प्रमुख या विधानसभा का चुनाव हो। हर चुनाव में इनकी गुटबाजी गांव में साफ नजर आती है है। इस डबल मर्डर के बाद भी दोनों की गुटबाजी साफ दिखाई दे रही है। हालांकि एसएसपी ने कहा कि नामजदगी के आधार पर गिरफ्तारी नहीं होगी। सही आरोपी ही जेल भेजे जाएंगे।
खास बात
दलित परिवारों को दी गई धमकी के बाद वे गांव से निकले, गांव में पसरा रहा सन्नाटा
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सनौता में दो सगे भाइयों की हत्या के बाद लोगों ने दलितों के घरों पर हमला बोल दिया था। जिससे दहशत में आए दलित परिवार अपने-अपने घरों पर ताले लगाकर बृहस्पतिवार आधी रात को गांव से चले गए। गांव की गलियों में शुक्रवार को दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। चप्पे-चप्पे पर पुलिस व पीएसी का पहरा था।
एसएसपी सनौता गांव में शुक्रवार तड़के ही पहुंच गई थीं। दोनों भाइयों के शव सुपुर्द-ए-खाक होने पर एसएसपी ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि सभी आरोपियों को जेल भेजा जाएगा। इसके बाद एसएसपी ने खुद गांव में कई लोगों से बातचीत की। जिसमें जानकारी मिली कि गांव में हिस्ट्रीशीटर परवेज और गुलफाम पक्ष में चुनाव व वर्चस्व को लेकर विवाद चल रहा है। बृहस्पतिवार को धर्मवीर के घर के सामने परवेज पक्ष के मनसाद व उसके भाई दिलशाद द्वारा कार खड़ी करने पर विवाद हुआ था
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एसएसपी ने दलित परिवारों के घरों पर ताले लटके देखे तो आसपास के लोगों से उनके बारे में पूछा। जिस पर लोगों ने बताया कि मारपीट और गोलियां सिर्फ मनसाद, दिलशाद और धर्मवीर के परिवार में चली थीं। लेकिन हिस्ट्रीशीटर परवेज और गुलफाम की रंजिश के चलते 18 लोगों को नामजद कराया गया है। दलित परिवार को धमकी दी जा रही थी। जिसके चलते आधी रात को ही वे अपने-अपने घर में ताला लगाकर चले गए।
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परवेज और गुलफाम शातिर अपराधी
पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर परवेज और गुलफाम शातिर अपराधी हैं। दोनों में वर्चस्व को लेकर विवाद चल रहा हैं। दोनों ने गांव में अपने-अपने गुट बनाए हैं। प्रधानी चुनाव, ब्लॉक प्रमुख या विधानसभा का चुनाव हो। हर चुनाव में इनकी गुटबाजी गांव में साफ नजर आती है है। इस डबल मर्डर के बाद भी दोनों की गुटबाजी साफ दिखाई दे रही है। हालांकि एसएसपी ने कहा कि नामजदगी के आधार पर गिरफ्तारी नहीं होगी। सही आरोपी ही जेल भेजे जाएंगे।
खास बात
दलित परिवारों को दी गई धमकी के बाद वे गांव से निकले, गांव में पसरा रहा सन्नाटा