{"_id":"59badd8f4f1c1b38688b48cc","slug":"201505418639-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ढाई","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ढाई
Updated Fri, 15 Sep 2017 01:29 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ। दसवीं के छात्र शिवा की हत्या की प्लानिंग ढाई माह पहले बनी थी। विवाद महज खेत की डोल का बताया गया। सटीक रैकी के बाद अपहरण कर ईख के खेत में बंधक बनाया। पहले गला घोंटा फिर सीने में गोली मार दी। इस 15 साल के मासूम की जान लेने में उस समय तो किसी के भी हाथ नहीं कांपे। लेकिन पकड़े जाने पर बात-बात में उसे बेचारा कहते रहे।
एसएसपी मंजिल सैनी दहल, एसपी देहात राजेश कुमार व एसपी क्राइम शिवराम यादव ने बृहस्पतिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में शिवा हत्याकांड का खुलासा किया। एसएसपी के अनुसार हत्या में शामिल अशरफ उर्फ काला पुत्र कुर्बान निवासी नंगला साहू, अनुज उर्फ बिजेंद्र पुत्र सत्यवीर निवासी सोना परीक्षितगढ़ और सुमित पुत्र रविंद्र निवासी लालपुर भावनपुर को गिरफ्तार किया गया है। हत्या का मास्टर माइंड अजय पुत्र ध्यान सिंह निवासी गांव लालपुर है, जिसका शिवा से खेत की डोल को लेकर विवाद चल रहा था। हत्यारोपी अजय, नीटू और आशीष निवासी लालपुर भावनपुर फरार हैं।
ऐसे बनी प्लानिंग
एसएसपी के अनुसार 19 मई 2016 को सोना गांव के प्रधान सतवीर गुर्जर की पुत्रवधू रजनी की हत्या हुई थी। जिसमें रजनी का पति अनुज उर्फ बिजेंद्र और उसके दो दोस्त अजय और आशीष भी शामिल थे। तीनों आरोपी जनवरी में जेल से छूटे थे, जो विगत 24 अगस्त को कचहरी में तारीख पर आए थे। इस दौरान अजय ने अनुज और आशीष से कहा था कि मैंने नबीपुर के शिवा की हत्या की ढाई माह से प्लानिंग कर रखी है। वह मुझे बार-बार धमकी देता है। उसे जल्द से जल्द निपटाना है। जिसके बाद अनुज ने अपने दोस्त अशरफ उर्फ काला को शिवा की रैकी के लिए लगाया, जो रोजाना स्कूल से लौटते समय उसका पीछा करता था।
विज्ञापन
लड़की के बारे में करनी है बात
11 सितंबर 2017 की दोपहर तीन बजे नबीपुर, इंचौली निवासी रणवीर का बेटा शिवा (15) परीक्षितगढ़ स्कूल से लौट रहा था, तभी उसे जंगल में अशरफ ने बातों में घेर लिया। इस दौरान वहां अजय, अनुज, सुमित, नीटू व आशीष पहुंच गए। अजय और अन्य आरोपी शिवा को एक लड़की के संबंध में बात करने की बात कहकर ईख के खेत में खींचकर ले गए। जहां उसके हाथ पैर बांध दिए थे। प्लानिंग उसकी रात में हत्या करने की थी।
नहीं किया रहम
इस दौरान अजय ने बंधक बने शिवा को बुरी तरह से पीटा। शिवा के मोबाइल से अजय ने अशरफ की शिवा की बहन शिखा और अन्य परिजनों की बात करायी। अशरफ ने करीब 14 मिनट की बातचीत में 50 लाख की फिरौती मांगी। अजय ने शिवा पर फायर झोंका, जो मिस हो गया। फिर गला दबाकर मारने का प्रयास किया। शाम करीब 5:45 बजे ग्रामीणों की आवाज सुनकर अजय ने शिवा के सीने में गोली मार दी और सभी आरोपी फरार हो गए।
मां की पुकार तो सुन लेता
प्रेसवार्ता में शिवा के पिता रणवीर सिंह व उसके परिजन और नबीपुर के ग्रामीण भी मौजूद थे। प्रेसवार्ता में आरोपी अशरफ वारदात की पूरी कहानी बता रहा था। अशरफ ने बताया कि अजय शिवा को मार डालेगा, उसे यह नहीं पता था। शिवा की पिटाई करनी है, यह बात कहकर उससे रैकी कराई गई थी। तभी रणवीर और ग्रामीण बोले कि फोन पर उसकी मां की पुकार तो सुन लेता। शिवा ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा था। यह कहकर रणवीर व उसके परिजन फूट फूटकर रोने लगे।
साहब! इनको फांसी होनी चाहिए
एसएसपी ने रणवीर और उसके परिजनों को आश्वासन दिया कि आरोपियों के खिलाफ मजबूत कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित परिवार ने मांग की कि आरोपियों को फांसी होनी चाहिए। 15 साल के बच्चे को आरोपियों ने बेरहमी से मार डाला। उनको भी ऐसी सजा मिलनी चाहिए।
तीनों गांवों के लोगों ने की मदद
आरोपी अशरफ बोला कि अजय का उसे शिवा के मोबाइल से उसके परिजनों से बात कराने का मकसद इस मामले को दूसरा रूप देना था। वहीं, शिवा की हत्या के बाद सांप्रदायिक माहौल बनाने का प्रयास किया गया। लेकिन नबीपुर, लालपुर और नंगला साहू के ग्रामीणों ने इस खुलासे में पुलिस को पूरा सहयोग दिया। ग्रामीणों ने ही अशरफ की गिरफ्तारी करायी। इस केस पर बारीकी से नजर रखने वालीं एसएसपी ने भी प्रेस वार्ता में तीनों गांवों के ग्रामीणों की सराहना की।
रजनी हत्याकांड जैसा बनाया प्लान
पुलिस के अनुसार अनुज ने अपनी पत्नी की हत्या के दौरान अपने साथियों से अपने पैरों में दो गोलियां लगवाई थीं। ठीक उसी तरह शिवा हत्याकांड के बाद खुद के शरीर पर चोट के निशान बनाकर फर्जी लूट की रिपोर्ट परीक्षितगढ़ थाने में दर्ज कराई थी। इस खुलासे के बाद सबकी पोल खुल गई।
एडीजी ने 15 हजार का इनाम दिया
इस खुलासे पर एडीजी जोन प्रशांत कुमार ने पुलिस टीम को 15 हजार रुपये का इनाम दिया हैं। एसएसपी ने बताया कि इस खुलासे में एसपी देहात, एसपी क्राइम, सीओ सदर देहात, सीओ मवाना, भावनपुर थाना पुलिस, क्राइम ब्रांच और सर्विलांस की टीमें लगी थीं।
विज्ञापन
एसएसपी मंजिल सैनी दहल, एसपी देहात राजेश कुमार व एसपी क्राइम शिवराम यादव ने बृहस्पतिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में शिवा हत्याकांड का खुलासा किया। एसएसपी के अनुसार हत्या में शामिल अशरफ उर्फ काला पुत्र कुर्बान निवासी नंगला साहू, अनुज उर्फ बिजेंद्र पुत्र सत्यवीर निवासी सोना परीक्षितगढ़ और सुमित पुत्र रविंद्र निवासी लालपुर भावनपुर को गिरफ्तार किया गया है। हत्या का मास्टर माइंड अजय पुत्र ध्यान सिंह निवासी गांव लालपुर है, जिसका शिवा से खेत की डोल को लेकर विवाद चल रहा था। हत्यारोपी अजय, नीटू और आशीष निवासी लालपुर भावनपुर फरार हैं।
विज्ञापन
ऐसे बनी प्लानिंग
एसएसपी के अनुसार 19 मई 2016 को सोना गांव के प्रधान सतवीर गुर्जर की पुत्रवधू रजनी की हत्या हुई थी। जिसमें रजनी का पति अनुज उर्फ बिजेंद्र और उसके दो दोस्त अजय और आशीष भी शामिल थे। तीनों आरोपी जनवरी में जेल से छूटे थे, जो विगत 24 अगस्त को कचहरी में तारीख पर आए थे। इस दौरान अजय ने अनुज और आशीष से कहा था कि मैंने नबीपुर के शिवा की हत्या की ढाई माह से प्लानिंग कर रखी है। वह मुझे बार-बार धमकी देता है। उसे जल्द से जल्द निपटाना है। जिसके बाद अनुज ने अपने दोस्त अशरफ उर्फ काला को शिवा की रैकी के लिए लगाया, जो रोजाना स्कूल से लौटते समय उसका पीछा करता था।
विज्ञापन
लड़की के बारे में करनी है बात
11 सितंबर 2017 की दोपहर तीन बजे नबीपुर, इंचौली निवासी रणवीर का बेटा शिवा (15) परीक्षितगढ़ स्कूल से लौट रहा था, तभी उसे जंगल में अशरफ ने बातों में घेर लिया। इस दौरान वहां अजय, अनुज, सुमित, नीटू व आशीष पहुंच गए। अजय और अन्य आरोपी शिवा को एक लड़की के संबंध में बात करने की बात कहकर ईख के खेत में खींचकर ले गए। जहां उसके हाथ पैर बांध दिए थे। प्लानिंग उसकी रात में हत्या करने की थी।
नहीं किया रहम
इस दौरान अजय ने बंधक बने शिवा को बुरी तरह से पीटा। शिवा के मोबाइल से अजय ने अशरफ की शिवा की बहन शिखा और अन्य परिजनों की बात करायी। अशरफ ने करीब 14 मिनट की बातचीत में 50 लाख की फिरौती मांगी। अजय ने शिवा पर फायर झोंका, जो मिस हो गया। फिर गला दबाकर मारने का प्रयास किया। शाम करीब 5:45 बजे ग्रामीणों की आवाज सुनकर अजय ने शिवा के सीने में गोली मार दी और सभी आरोपी फरार हो गए।
मां की पुकार तो सुन लेता
प्रेसवार्ता में शिवा के पिता रणवीर सिंह व उसके परिजन और नबीपुर के ग्रामीण भी मौजूद थे। प्रेसवार्ता में आरोपी अशरफ वारदात की पूरी कहानी बता रहा था। अशरफ ने बताया कि अजय शिवा को मार डालेगा, उसे यह नहीं पता था। शिवा की पिटाई करनी है, यह बात कहकर उससे रैकी कराई गई थी। तभी रणवीर और ग्रामीण बोले कि फोन पर उसकी मां की पुकार तो सुन लेता। शिवा ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा था। यह कहकर रणवीर व उसके परिजन फूट फूटकर रोने लगे।
साहब! इनको फांसी होनी चाहिए
एसएसपी ने रणवीर और उसके परिजनों को आश्वासन दिया कि आरोपियों के खिलाफ मजबूत कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित परिवार ने मांग की कि आरोपियों को फांसी होनी चाहिए। 15 साल के बच्चे को आरोपियों ने बेरहमी से मार डाला। उनको भी ऐसी सजा मिलनी चाहिए।
तीनों गांवों के लोगों ने की मदद
आरोपी अशरफ बोला कि अजय का उसे शिवा के मोबाइल से उसके परिजनों से बात कराने का मकसद इस मामले को दूसरा रूप देना था। वहीं, शिवा की हत्या के बाद सांप्रदायिक माहौल बनाने का प्रयास किया गया। लेकिन नबीपुर, लालपुर और नंगला साहू के ग्रामीणों ने इस खुलासे में पुलिस को पूरा सहयोग दिया। ग्रामीणों ने ही अशरफ की गिरफ्तारी करायी। इस केस पर बारीकी से नजर रखने वालीं एसएसपी ने भी प्रेस वार्ता में तीनों गांवों के ग्रामीणों की सराहना की।
रजनी हत्याकांड जैसा बनाया प्लान
पुलिस के अनुसार अनुज ने अपनी पत्नी की हत्या के दौरान अपने साथियों से अपने पैरों में दो गोलियां लगवाई थीं। ठीक उसी तरह शिवा हत्याकांड के बाद खुद के शरीर पर चोट के निशान बनाकर फर्जी लूट की रिपोर्ट परीक्षितगढ़ थाने में दर्ज कराई थी। इस खुलासे के बाद सबकी पोल खुल गई।
एडीजी ने 15 हजार का इनाम दिया
इस खुलासे पर एडीजी जोन प्रशांत कुमार ने पुलिस टीम को 15 हजार रुपये का इनाम दिया हैं। एसएसपी ने बताया कि इस खुलासे में एसपी देहात, एसपी क्राइम, सीओ सदर देहात, सीओ मवाना, भावनपुर थाना पुलिस, क्राइम ब्रांच और सर्विलांस की टीमें लगी थीं।