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कपसाड में गोशाला के गौवंश ने रात में उजाड दी कई बीघा फसल
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बुधवार रात में गोशाला के सैकड़ों गोवंश ने कर दी गेहूं व सरसों की फसल नष्ट
गोशाला संचालक ने लगाया शरारती तत्वों पर गोशाला का गेट खोलने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप गोशाला संचालक ने जानबूझकर खेतों में छोड़े गोवंश
अमर उजाला ब्यूरो
सरधना। कपसाड़ गांव में गोशाला संचालक एवं ग्रामीणों के बीच गोवंश द्वारा बुधवार रात में गेहूं और सरसों की फसल नष्ट कर देने पर विवाद बढ़ गया। हालांकि खेतों में नुकसान कर रहे गोवंश को रात में ही ग्रामीणों एवं गोशाला कमेटी के सदस्यों द्वारा पकड़ लिया गया था। मामला बृहस्पतिवार को गांव में नहीं सुुलझा तो शुक्रवार को थाने जा पहुंचा। पुलिस ने गांव पहुंचकर दोनों पक्षों से जानकारी ली और भविष्य में गोवंश खेतों में नहीं छोड़ने की चेतावनी दी।
कपसाड़ गांव स्थित गोशाला का बुुधवार रात गेट खुलने से गोवंश ने गोशाला समेत अन्य किसानों की फसल नष्ट कर दी। इस मामले में गोशाला संचालक संत सिंह का कहना है कि रात्रि में गोशाला पर मनोज रहता है। उसके परिवार में बुधवार रात में शादी थी। इसके चलते गोशाला में कोई नहीं था। इसलिए शरारती तत्वों गोशाला का गेट खोल दिया। जिसमें काफी संख्या में गोवंश बाहर निकल गया। उन्होंने गोशाला की भूमि में खडी फसल के साथ सतपाल समेत कई अन्य किसानों की फसल नष्ट कर दी। गोशाला कमेटी के सदस्यों को इसकी जानकारी मिली तो वे मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर गोवंश की घेराबंदी की तथा उन्हें गोशाला पहुंचाया। वहीं, किसानों ने गोशाला कमेटी के सदस्यों पर जानबूझकर गोवंश छोड़ने का आरोप लगाकर हंगामा किया। रात में ही जानकारी पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और मामला शांत कराया था। हालांकि बृहस्पतिवार को भी गोशाला कमेटी एवं ग्रामीणों के बीच उपजा विवाद नहीं निपट सका। इस मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी। इस पर शुक्रवार को पुलिस गांव पहुंची और दोनों पक्षों से बात की। वहीं, भविष्य में गोवंश खुला नहीं छोड़ने की चेतावनी गोशाला कमेटी को दी। फिलहाल दोनों पक्षों में तनाव बना हुआ है।
वर्जन
गांव निवासी मनोज के परिवार में बुधवार रात शादी थी। इसलिए गोशाला में कोई नहीं था। असामाजिक तत्वों ने गोशाला का गेट खोल दिया। जिससे गोवंश ने गोशाला एवं अन्य किसानों के खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाया। ऐसा कमेटी को बदनाम करने की नीयत से किया गया है।-संत सिंह संचालक गोशाला कमेटी कपसाड़।
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गोशाला संचालक ने लगाया शरारती तत्वों पर गोशाला का गेट खोलने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप गोशाला संचालक ने जानबूझकर खेतों में छोड़े गोवंश
अमर उजाला ब्यूरो
सरधना। कपसाड़ गांव में गोशाला संचालक एवं ग्रामीणों के बीच गोवंश द्वारा बुधवार रात में गेहूं और सरसों की फसल नष्ट कर देने पर विवाद बढ़ गया। हालांकि खेतों में नुकसान कर रहे गोवंश को रात में ही ग्रामीणों एवं गोशाला कमेटी के सदस्यों द्वारा पकड़ लिया गया था। मामला बृहस्पतिवार को गांव में नहीं सुुलझा तो शुक्रवार को थाने जा पहुंचा। पुलिस ने गांव पहुंचकर दोनों पक्षों से जानकारी ली और भविष्य में गोवंश खेतों में नहीं छोड़ने की चेतावनी दी।
कपसाड़ गांव स्थित गोशाला का बुुधवार रात गेट खुलने से गोवंश ने गोशाला समेत अन्य किसानों की फसल नष्ट कर दी। इस मामले में गोशाला संचालक संत सिंह का कहना है कि रात्रि में गोशाला पर मनोज रहता है। उसके परिवार में बुधवार रात में शादी थी। इसके चलते गोशाला में कोई नहीं था। इसलिए शरारती तत्वों गोशाला का गेट खोल दिया। जिसमें काफी संख्या में गोवंश बाहर निकल गया। उन्होंने गोशाला की भूमि में खडी फसल के साथ सतपाल समेत कई अन्य किसानों की फसल नष्ट कर दी। गोशाला कमेटी के सदस्यों को इसकी जानकारी मिली तो वे मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर गोवंश की घेराबंदी की तथा उन्हें गोशाला पहुंचाया। वहीं, किसानों ने गोशाला कमेटी के सदस्यों पर जानबूझकर गोवंश छोड़ने का आरोप लगाकर हंगामा किया। रात में ही जानकारी पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और मामला शांत कराया था। हालांकि बृहस्पतिवार को भी गोशाला कमेटी एवं ग्रामीणों के बीच उपजा विवाद नहीं निपट सका। इस मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी। इस पर शुक्रवार को पुलिस गांव पहुंची और दोनों पक्षों से बात की। वहीं, भविष्य में गोवंश खुला नहीं छोड़ने की चेतावनी गोशाला कमेटी को दी। फिलहाल दोनों पक्षों में तनाव बना हुआ है।
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गांव निवासी मनोज के परिवार में बुधवार रात शादी थी। इसलिए गोशाला में कोई नहीं था। असामाजिक तत्वों ने गोशाला का गेट खोल दिया। जिससे गोवंश ने गोशाला एवं अन्य किसानों के खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाया। ऐसा कमेटी को बदनाम करने की नीयत से किया गया है।-संत सिंह संचालक गोशाला कमेटी कपसाड़।
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