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कभी भी आग से राख हो सकता है पूठा
Updated Tue, 06 Mar 2018 02:48 AM IST
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मेरठ। पूठा के अवैध गोदामों में दबिश के दौरान एसटीएफ भी ये देखकर दंग रह गई कि इतने ज्वलनशील पदार्थों की मौजूदगी के बावजूद यहां आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं थे। पूरा गांव आग के मुहाने पर बैठा है।
एसटीएफ के अनुसार जिन गोदामों में दबिश दी गई, वहां भारी मात्रा में चोरी का डीजल और पेट्रोल होने के अलावा साल्वेंट और एथेनॉल जैसे ज्वलनशील पदार्थ भी मिले हैं। जिस टैंकरों से तेल चोरी होता है उनमें भी 12 से 24 हजार लीटर तक तेल होता है और ये दोनों भी उच्च ज्वलनशील पदार्थ हैं। ऐेसे में जरा भी असावधानी से भयंकर अग्निकांड हो सकता है। पास में ही सरकारी तेल डिपो है। लेकिन इन गोदामों में आग से बचाव के कोई इंतजाम तो दूर एक अग्निशमन यंत्र तक नहीं है। जाहिर है कि इस अवैध कारोबार से पूरा पूठा गांव खतरे में है। लेकिन हैरानी की बात है कि इतना सब होने के बाद भी ये अभी तक किसी अधिकारी की पकड़ में नही आया। सवाल है कि यह काला कारोबार एक या दो दिन से तो नहीं चल रहा तो फिर स्थानीय पुलिस, अग्निशमन विभाग और तेल कंपनी के अफसरों की नजर में ये क्यों नहीं आया।
खास बातें
गोदामों में भरा रहता है चोरी का डीजल/पेट्रोल, साल्वेंट और इथेनॉल
आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं, डिपो भी आ सकता है चपेट में
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एसटीएफ के अनुसार जिन गोदामों में दबिश दी गई, वहां भारी मात्रा में चोरी का डीजल और पेट्रोल होने के अलावा साल्वेंट और एथेनॉल जैसे ज्वलनशील पदार्थ भी मिले हैं। जिस टैंकरों से तेल चोरी होता है उनमें भी 12 से 24 हजार लीटर तक तेल होता है और ये दोनों भी उच्च ज्वलनशील पदार्थ हैं। ऐेसे में जरा भी असावधानी से भयंकर अग्निकांड हो सकता है। पास में ही सरकारी तेल डिपो है। लेकिन इन गोदामों में आग से बचाव के कोई इंतजाम तो दूर एक अग्निशमन यंत्र तक नहीं है। जाहिर है कि इस अवैध कारोबार से पूरा पूठा गांव खतरे में है। लेकिन हैरानी की बात है कि इतना सब होने के बाद भी ये अभी तक किसी अधिकारी की पकड़ में नही आया। सवाल है कि यह काला कारोबार एक या दो दिन से तो नहीं चल रहा तो फिर स्थानीय पुलिस, अग्निशमन विभाग और तेल कंपनी के अफसरों की नजर में ये क्यों नहीं आया।
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खास बातें
गोदामों में भरा रहता है चोरी का डीजल/पेट्रोल, साल्वेंट और इथेनॉल
आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं, डिपो भी आ सकता है चपेट में