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आवारा कुते के काटने से डाक्टर की मौत

Thu, 31 Aug 2017 06:51 PM IST
Updated Thu, 31 Aug 2017 06:51 PM IST
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आवारा कुते के काटने से डाक्टर की मौत
कुत्ते के काटने से डाक्टर की मौत
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कुत्ते के काटने से टंकी रोड निवासी एक डॉक्टर की बुधवार को मौत हो गई। उन्हें एक माह पूर्व मार्निंग वाक के दौरान कुत्ते ने काट लिया था, लेकिन डाक्टर ने एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं लगवाया था।
टंकी रोड निवासी डा. जीके गर्ग एमडी है। वह पत्नी बबीता के साथ मकान में ही क्लीनिक खोलकर प्रैक्ट्सि करते थे। एक माह पूर्व डॉ. जीके गर्ग अपने साथियों के साथ मार्निंग वाक करने गए थे। तभी कुत्ते ने उन्हें काट लिया था। घर आकर उन्होंने कुत्ते के काटने से बने घाव को दवा से धो लिया था, लेकिन एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं लगवाया था। बताया गया कि एक सप्ताह पूर्व डा. जीके गर्ग अजीबोगरीब हरकत करने लगे थे। चार दिन पूर्व उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। परिजनों ने डॉक्टर को निजी और सरकारी अस्पताल में भर्ती कराने की कोशिश की, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें भर्ती करने से इंकार कर दिया। बुधवार को आवास पर डाक्टर की मौत हो गई। उधर, सीएचसी प्रभारी डा. सूर्यांशु ओझा ने मामले की जानकारी से इंकार किया है।
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आठवीं के छात्र को बंदरों ने काटा
मुरादनगर। गांधी कालोनी में बुधवार सुबह बंदरों ने घर की छत पर खड़े आठवीं के छात्र को काटकर घायल कर दिया। संजीव कुमार गांधी कालोनी में परिवार सहित रहते हैं। उनका 14 वर्षीय बेटा वंश नगर के स्कूल में आठवीं का छात्र है। वंश बुधवार सुबह करीब आठ बजे पिता घर की छत पर गया था। तभी बंदरों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। वंश की चीखें सुनकर संजीव कुमार ने बंदरों को भगाया। बंदरों के काटने से वंश घायल हो गया। संजीव ने बताया कि एक सप्ताह में करीब 12 से अधिक लोगों को बंदर काटकर घायल कर चुके हैं। इसके प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है।
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