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ज्वैलरी शॉप में चोरी करने वाला गैंग का पर्दाफाश
Updated Mon, 21 Aug 2017 10:36 PM IST
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ज्वैलरी शॉप लूटने वाला बुर्का गैंग बेनकाब
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
ज्वैलरी शॉप में खरीददारी के बहाने चोरी करने वाले बुर्का गैंग का सोमवार को पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने आरोपी महिला और उसके भांजे को गिरफ्तार किया है। यह गैंग मेरठ समेत कई जिलों में वारदातों को अंजाम दे चुका है। गैंग की छह महिला फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगी है। कार के नंबर के आधार पर गैंग का पर्दाफाश हुआ है।
एसपी देहात राजेश कुमार ने सोमवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में घटना का खुलासा किया। बताया कि 10 अगस्त को मवाना में सुभाष बाजार में सराफ संजय कुमार उर्फ गोपाल पुत्र राधेश्याम की दुकान में छह महिलाओं ने जेवरात से भरा डिब्बा चोरी कर लिया था। चोरी करने वाली सभी महिलाएं दुकान में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई थी। लेकिन बुर्का पहनने के कारण उनका चेहरे की पहचान नहीं हुई। इसके बाद पुलिस ने सराफा बाजार आसपास के स्थानों पर सीसीटीवी फुटेज देखी तो वारना कार के नंबर के आधार पर गैंग का पता चल सका। मवाना इंस्पेक्टर विजय कुमार और एसओ लिसाड़ीगेट धर्मेन्द्र कुमार ने रविवार रात को महिला समेत दो को गिरफ्तार कर लिया।
एसपी देहात ने बताया कि पकड़े गये आरोपी आदिल पुत्र रहीसूद्दीन निवासी लिसाड़ीगेट और रोशन पत्नी आसिफ निवासी जाकिर कालोनी थाना लिसाड़ीगेट हैं। गिरफ्तार महिला आदिल की सगी मौसी है। पूछताछ में बताया कि गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर और नोएडा में भी वह एक दर्जन से अधिक चोरी की वारदात को अंजाम दे चुके हैं। वह वर्ना कार से चोरी करने जाते थे। गाड़ी आदिल चलाता था। पुलिस ने घटना में प्रयोग की गई वर्ना कार, एक लाख 46 हजार रुपये, एक तमंचा, दो जोड़ी पायल, सात जोड़ी बिछुए, एक जोड़ी अंगूठी, चार जोड़ी बॉली, एक जोड़ी लोंग, कानों के टॉप्स और लॉकेट बरामद किया है।
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फरार आरोपी
इरफान निवासी खंदक बाजार
दरखशा पत्नी रहीसुदीन निवासी शंभूदास गेट, नौचंदी
बलर पत्नी नूर मोहम्मद निवासी शंभूदास गेट
सन्नर पत्नी जमीन निवासी शंभूदास गेट
नूरी पत्नी मोहम्मद उम्मेद निवासी शंभूदासगेट
गुईयां पत्नी अटटू निवासी भगत सिंह मार्केट
इरफान सराफ को बेची थी ज्वैलरी:
एसपी देहात ने बताया कि सभी महिलाएं कार से चलती थीं। इस दौरान छोटे बच्चे को भी साथ रखती थीं, जिससे दुकानदार को पता नहीं चले। परिवार में शादी की बात कहकर ज्वैलरी खरीदने को कहती थी। दुकानदार की नजर बचाकर जेवर कपड़ों में रख लेती थीं। चोरी करने के बाद सराफ इरफान निवासी कोतवाली की दुकान पर उसे आधे रेट में बेच देते थे। बाद में पैसों का बंटवारा कर लेते थे।
कैंसर से पीड़ित है एक आरोपी:
एसपी देहात ने बताया कि फरार महिलाओं में एक महिला कैंसर से पीड़ित है। जो इलाज कराने गई है। पूछताछ में यह भी पता चला कि इलाज के लिए महिला चोरी करने के लिए इस गैंग में जुड़ी है। सभी लोग आपस में रिश्तेदार हैं।
खास बातें
- पुलिस ने महिला व उसके भांजे को किया गिरफ्तार, छह फरार
- मवाना में सराफ की दुकान से उड़ाई थी दस लाख की ज्वैलरी
- सीसीटीवी में कैद होने के बाद कार के नंबर से हुआ खुलासा
- गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर और नोएडा में भी की कई वारदात
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
ज्वैलरी शॉप में खरीददारी के बहाने चोरी करने वाले बुर्का गैंग का सोमवार को पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने आरोपी महिला और उसके भांजे को गिरफ्तार किया है। यह गैंग मेरठ समेत कई जिलों में वारदातों को अंजाम दे चुका है। गैंग की छह महिला फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगी है। कार के नंबर के आधार पर गैंग का पर्दाफाश हुआ है।
एसपी देहात राजेश कुमार ने सोमवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में घटना का खुलासा किया। बताया कि 10 अगस्त को मवाना में सुभाष बाजार में सराफ संजय कुमार उर्फ गोपाल पुत्र राधेश्याम की दुकान में छह महिलाओं ने जेवरात से भरा डिब्बा चोरी कर लिया था। चोरी करने वाली सभी महिलाएं दुकान में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई थी। लेकिन बुर्का पहनने के कारण उनका चेहरे की पहचान नहीं हुई। इसके बाद पुलिस ने सराफा बाजार आसपास के स्थानों पर सीसीटीवी फुटेज देखी तो वारना कार के नंबर के आधार पर गैंग का पता चल सका। मवाना इंस्पेक्टर विजय कुमार और एसओ लिसाड़ीगेट धर्मेन्द्र कुमार ने रविवार रात को महिला समेत दो को गिरफ्तार कर लिया।
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एसपी देहात ने बताया कि पकड़े गये आरोपी आदिल पुत्र रहीसूद्दीन निवासी लिसाड़ीगेट और रोशन पत्नी आसिफ निवासी जाकिर कालोनी थाना लिसाड़ीगेट हैं। गिरफ्तार महिला आदिल की सगी मौसी है। पूछताछ में बताया कि गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर और नोएडा में भी वह एक दर्जन से अधिक चोरी की वारदात को अंजाम दे चुके हैं। वह वर्ना कार से चोरी करने जाते थे। गाड़ी आदिल चलाता था। पुलिस ने घटना में प्रयोग की गई वर्ना कार, एक लाख 46 हजार रुपये, एक तमंचा, दो जोड़ी पायल, सात जोड़ी बिछुए, एक जोड़ी अंगूठी, चार जोड़ी बॉली, एक जोड़ी लोंग, कानों के टॉप्स और लॉकेट बरामद किया है।
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फरार आरोपी
इरफान निवासी खंदक बाजार
दरखशा पत्नी रहीसुदीन निवासी शंभूदास गेट, नौचंदी
बलर पत्नी नूर मोहम्मद निवासी शंभूदास गेट
सन्नर पत्नी जमीन निवासी शंभूदास गेट
नूरी पत्नी मोहम्मद उम्मेद निवासी शंभूदासगेट
गुईयां पत्नी अटटू निवासी भगत सिंह मार्केट
इरफान सराफ को बेची थी ज्वैलरी:
एसपी देहात ने बताया कि सभी महिलाएं कार से चलती थीं। इस दौरान छोटे बच्चे को भी साथ रखती थीं, जिससे दुकानदार को पता नहीं चले। परिवार में शादी की बात कहकर ज्वैलरी खरीदने को कहती थी। दुकानदार की नजर बचाकर जेवर कपड़ों में रख लेती थीं। चोरी करने के बाद सराफ इरफान निवासी कोतवाली की दुकान पर उसे आधे रेट में बेच देते थे। बाद में पैसों का बंटवारा कर लेते थे।
कैंसर से पीड़ित है एक आरोपी:
एसपी देहात ने बताया कि फरार महिलाओं में एक महिला कैंसर से पीड़ित है। जो इलाज कराने गई है। पूछताछ में यह भी पता चला कि इलाज के लिए महिला चोरी करने के लिए इस गैंग में जुड़ी है। सभी लोग आपस में रिश्तेदार हैं।
खास बातें
- पुलिस ने महिला व उसके भांजे को किया गिरफ्तार, छह फरार
- मवाना में सराफ की दुकान से उड़ाई थी दस लाख की ज्वैलरी
- सीसीटीवी में कैद होने के बाद कार के नंबर से हुआ खुलासा
- गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर और नोएडा में भी की कई वारदात