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जामुन तोड़ने गए छात्र की ट्रेन की चपेट में आकर मौत
Updated Tue, 04 Jul 2017 05:43 PM IST
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ट्रेन की चपेट में आकर बच्चे की दर्दनाक मौत
गंगनहर पटरी पर तीन दोस्तों के साथ जामुन तोड़ने गए नौ वर्षीय छात्र आशीष की ट्रेन की चपेट में आकर रविवार सुबह मौत हो गई। घटना का पता सोमवार को चला, जबकि साथ गए बच्चों से पुलिस ने पूछताछ की। परिजनों ने बच्चे का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया।
धेदा गांव निवासी राजेंद्र कुमार के परिवार में पत्नी बीना, बेटा आशीष, अतुल हैं। आशीष (9) आयुध निर्माणी परिसर स्थित प्राइमरी स्कूल में चौथी कक्षा का छात्र था। वह रविवार सुबह अपने तीन दोस्त सागर, राजेश और कृष के साथ खेलने के लिए घर से निकला था, लेकिन रात तक नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद परिजनों ने पुलिस को दी।
पुलिस ने सोमवार को जांच की और आशीष के तीनों दोस्तों से सख्ती से पूछताछ की। बच्चों ने बताया कि वह रविवार सुबह गंगनहर पुल के पास जामुन तोड़ने जा रहे थे। चारों रेलवे ट्रैक पर चल रहे थे। इस बीच मोदीनगर की ओर से एक ट्रेन आई तो चारों दोस्त भागने लगे।
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ट्रेन निकलने के बाद चार दोस्तों में आशीष गायब था। सोमवार दोपहर पुलिस ने बच्चों के बताए स्थान पर सर्च किया तो ट्रैक से करीब 20 मीटर की दूरी पर आशीष का शव मिला। छात्र की मां बीना का बुरा हाल है।
वह बेटे को यादकर बार बार बेहोश हो रही थी। एसओ रनवीर सिंह ने बताया कि छात्र के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। पुलिस ने शव उन्हें सौंप दिया। आशीष के गायब होने पर सोमवार को उसकी मां बीना और पिता राजेंद्र गुमशुदगी की तहरीर देने भी पहुंचे थे।
आशीष के दोस्तों ने बताया कि ट्रेन को देखते ही चारों भागने लगे थे। वह तो ट्रैक से हटकर साइड हो गए, लेकिन आशीष की चप्पल की बद्दी निकल गई थी, जिसे वह ठीक करने लगा और ट्रेन की चपेट में आ गया।
आशीष के ट्रेन की चपेट में आने की बात बच्चों ने तुरंत परिजनों को नहीं बताई थी। बच्चों से बातचीत में पुलिस को पता चला कि आशीष ट्रेन से कटा नहीं था, बल्कि उसे टक्कर लगी थी। संभावना है कि वह गंभीर घायल हुआ होगा। अगर समय रहते बच्चे घर पर जानकारी दे देते। आशीष को अस्पताल पह्रुंचाया जा सकता था। उसकी बड़ी दर्दनाक मौत हुई।
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गंगनहर पटरी पर तीन दोस्तों के साथ जामुन तोड़ने गए नौ वर्षीय छात्र आशीष की ट्रेन की चपेट में आकर रविवार सुबह मौत हो गई। घटना का पता सोमवार को चला, जबकि साथ गए बच्चों से पुलिस ने पूछताछ की। परिजनों ने बच्चे का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया।
धेदा गांव निवासी राजेंद्र कुमार के परिवार में पत्नी बीना, बेटा आशीष, अतुल हैं। आशीष (9) आयुध निर्माणी परिसर स्थित प्राइमरी स्कूल में चौथी कक्षा का छात्र था। वह रविवार सुबह अपने तीन दोस्त सागर, राजेश और कृष के साथ खेलने के लिए घर से निकला था, लेकिन रात तक नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद परिजनों ने पुलिस को दी।
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पुलिस ने सोमवार को जांच की और आशीष के तीनों दोस्तों से सख्ती से पूछताछ की। बच्चों ने बताया कि वह रविवार सुबह गंगनहर पुल के पास जामुन तोड़ने जा रहे थे। चारों रेलवे ट्रैक पर चल रहे थे। इस बीच मोदीनगर की ओर से एक ट्रेन आई तो चारों दोस्त भागने लगे।
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ट्रेन निकलने के बाद चार दोस्तों में आशीष गायब था। सोमवार दोपहर पुलिस ने बच्चों के बताए स्थान पर सर्च किया तो ट्रैक से करीब 20 मीटर की दूरी पर आशीष का शव मिला। छात्र की मां बीना का बुरा हाल है।
वह बेटे को यादकर बार बार बेहोश हो रही थी। एसओ रनवीर सिंह ने बताया कि छात्र के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। पुलिस ने शव उन्हें सौंप दिया। आशीष के गायब होने पर सोमवार को उसकी मां बीना और पिता राजेंद्र गुमशुदगी की तहरीर देने भी पहुंचे थे।
आशीष के दोस्तों ने बताया कि ट्रेन को देखते ही चारों भागने लगे थे। वह तो ट्रैक से हटकर साइड हो गए, लेकिन आशीष की चप्पल की बद्दी निकल गई थी, जिसे वह ठीक करने लगा और ट्रेन की चपेट में आ गया।
आशीष के ट्रेन की चपेट में आने की बात बच्चों ने तुरंत परिजनों को नहीं बताई थी। बच्चों से बातचीत में पुलिस को पता चला कि आशीष ट्रेन से कटा नहीं था, बल्कि उसे टक्कर लगी थी। संभावना है कि वह गंभीर घायल हुआ होगा। अगर समय रहते बच्चे घर पर जानकारी दे देते। आशीष को अस्पताल पह्रुंचाया जा सकता था। उसकी बड़ी दर्दनाक मौत हुई।