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अस्पताल के दो चिकित्सकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
Updated Tue, 20 Jun 2017 09:11 PM IST
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मेरठ। बागपत रोड स्थित साईं अस्पताल में ऑपरेशन के बाद हुई महिला की मौत के मामले में अस्पताल के दो चिकित्सकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पुलिस के अनुसार नई बस्ती लल्लापुरा, टीपी नगर निवासी निर्मला पत्नी सत्यवीर सिंह का साईं अस्पताल में 19 जून की सुबह पथरी का ऑपरेशन हुआ था। दोपहर बाद हालत बिगड़ने पर देर रात निर्मला की मौत हो गई थी। सत्यवीर सिंह का आरोप है कि ऑपरेशन से पहले उनकी जांचें कराई थी। डॉक्टरों ने 40 हजार रुपये भी जमा कराए थे। डॉक्टरों ने ऑपरेशन बिगड़ने पर एक लाख रुपये और खून का इंतजाम करने को कहा और दोबारा रुपयों के लालच में ऑपरेशन कर दिया जिससे निर्मला की मौत हो गई। इंस्पेक्टर रेलवे रोड एके सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर अस्पताल के डॉक्टर शेखर गुप्ता और दीपक शर्मा के खिलाफ धारा 304 ए (उतावलेपन या उपेक्षापूर्ण कार्य करने से किसी की मृत्यु होना) में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
कहीं कोई लापरवाही नहीं
महिला की सभी जांच रिपोर्ट नार्मल थीं। ऑपरेशन के बाद पता चला कि उनका लीवर बैठा हुआ है। यह बात परिजनों ने ऑपरेशन से पहले नहीं बताई। इसी वजह से ऑपरेशन के 7-8 घंटे बाद उन्हें ब्लीडिंग शुरू हुई। उन्हें बेहतर उपचार दिया गया। स्टाफ के एक सदस्य ने अपना खून देकर दो यूनिट खून की व्यवस्था भी की। लेकिन अफसोस उन्हें नहीं बचा सके। किसी तरह की कोई लापरवाही नहीं बरती है। -डॉ. दीपक शर्मा, साईं अस्पताल
- बागपत रोड स्थित साईं अस्पताल का मामला
- सोमवार रात हुई थी पथरी के ऑपरेशन के बाद महिला की मौत
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पुलिस के अनुसार नई बस्ती लल्लापुरा, टीपी नगर निवासी निर्मला पत्नी सत्यवीर सिंह का साईं अस्पताल में 19 जून की सुबह पथरी का ऑपरेशन हुआ था। दोपहर बाद हालत बिगड़ने पर देर रात निर्मला की मौत हो गई थी। सत्यवीर सिंह का आरोप है कि ऑपरेशन से पहले उनकी जांचें कराई थी। डॉक्टरों ने 40 हजार रुपये भी जमा कराए थे। डॉक्टरों ने ऑपरेशन बिगड़ने पर एक लाख रुपये और खून का इंतजाम करने को कहा और दोबारा रुपयों के लालच में ऑपरेशन कर दिया जिससे निर्मला की मौत हो गई। इंस्पेक्टर रेलवे रोड एके सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर अस्पताल के डॉक्टर शेखर गुप्ता और दीपक शर्मा के खिलाफ धारा 304 ए (उतावलेपन या उपेक्षापूर्ण कार्य करने से किसी की मृत्यु होना) में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
कहीं कोई लापरवाही नहीं
महिला की सभी जांच रिपोर्ट नार्मल थीं। ऑपरेशन के बाद पता चला कि उनका लीवर बैठा हुआ है। यह बात परिजनों ने ऑपरेशन से पहले नहीं बताई। इसी वजह से ऑपरेशन के 7-8 घंटे बाद उन्हें ब्लीडिंग शुरू हुई। उन्हें बेहतर उपचार दिया गया। स्टाफ के एक सदस्य ने अपना खून देकर दो यूनिट खून की व्यवस्था भी की। लेकिन अफसोस उन्हें नहीं बचा सके। किसी तरह की कोई लापरवाही नहीं बरती है। -डॉ. दीपक शर्मा, साईं अस्पताल
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- बागपत रोड स्थित साईं अस्पताल का मामला
- सोमवार रात हुई थी पथरी के ऑपरेशन के बाद महिला की मौत