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पुलिस के गले की फांस बने पलायन के पोस्टर
Updated Mon, 02 Jul 2018 02:16 AM IST
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पुलिस के गले की फांस बने पलायन के पोस्टर
मेरठ। लिसाड़ी गांव में पलायन के पोस्टर भी पुलिस अफसरों के गले की फांस बन गए हैं। पुलिस ने पलायन के पोस्टर फाड़ दिए थे। उसके बाद यह मामला लखनऊ तक गूंजा तो राजनीतिक लोग भी आमने-समाने आ गए। पुलिस को अंदेशा है कि कहीं दूसरे समुदाय के लोग डीजीपी के कार्यक्रम में बखेड़ा न कर दें। इससे पहले ही पुलिस किसी तरह मामले को सुलझाने में लगी है।
ब्रह्मपुरी क्षेत्र के नूरनगर में मिठाई विक्रेता जॉनी और चांद के बीच हुए बखेड़े में एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाकर लिसाड़ी गांव के दूसरे समुदाय के 15-20 लोगों ने अपने घरों के बाहर ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर लगा दिए थे। जिसके बाद यह मामला राजनीतिक मोड़ पर पहुंच गया। शुक्रवार को भाजपा नेता ब्रह्मपुरी थाने पहुंचे और पुलिस अफसरों से कॉल करते हुए कहा कि जो लूट की धारा लगाई गई थी वह नहीं हटनी चाहिए, क्योंकि दूसरे समुदाय के लोगों ने लूटपाट की थी। वहीं शनिवार को सपा नेता आदिल चौधरी, विपिन मनोठिया और युवा सेवा समिति से बदर अली भी पीड़ित लोगों से मिले और आश्वासन दिया कि पुलिस ने एक तरफ कार्रवाई करते हुए दूसरे समुदाय लोगों पर गंभीर धारा लगाई गई है।
एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने रविवार को सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला और सीओ ब्रह्मपुरी अखिलेश भदौरिया को लिसाड़ी गांव में भेजा और दूसरे समुदाय के लोगों से बात कर मामला निपटाने के लिए कहा। रात में फिर से सीओ दिनेश शुक्ला लिसाड़ी गांव में पहुंचे। सीओ का कहना है कि जिन लोगों ने पलायन के पोस्टर चस्पाए थे उन्होंने खुद ही पोस्टर उतार लिए। वहीं सीओ ब्रह्मपुरी अखिलेश भदौरिया का कहना कि ब्रह्मपुरी थाने में जो केस दर्ज हुआ था उसकी विवचेना चल रही है। उधर, एसएसपी राजेश कुमार पांडेय का कहना है कि पूरे मामले में पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है। मैंने खुद जांच के लिए सीओ को भेजा था। पोस्टर का अब कोई विवाद नहीं बचा। इस मामले को निपटा लिया गया है।
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मेरठ। लिसाड़ी गांव में पलायन के पोस्टर भी पुलिस अफसरों के गले की फांस बन गए हैं। पुलिस ने पलायन के पोस्टर फाड़ दिए थे। उसके बाद यह मामला लखनऊ तक गूंजा तो राजनीतिक लोग भी आमने-समाने आ गए। पुलिस को अंदेशा है कि कहीं दूसरे समुदाय के लोग डीजीपी के कार्यक्रम में बखेड़ा न कर दें। इससे पहले ही पुलिस किसी तरह मामले को सुलझाने में लगी है।
ब्रह्मपुरी क्षेत्र के नूरनगर में मिठाई विक्रेता जॉनी और चांद के बीच हुए बखेड़े में एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाकर लिसाड़ी गांव के दूसरे समुदाय के 15-20 लोगों ने अपने घरों के बाहर ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर लगा दिए थे। जिसके बाद यह मामला राजनीतिक मोड़ पर पहुंच गया। शुक्रवार को भाजपा नेता ब्रह्मपुरी थाने पहुंचे और पुलिस अफसरों से कॉल करते हुए कहा कि जो लूट की धारा लगाई गई थी वह नहीं हटनी चाहिए, क्योंकि दूसरे समुदाय के लोगों ने लूटपाट की थी। वहीं शनिवार को सपा नेता आदिल चौधरी, विपिन मनोठिया और युवा सेवा समिति से बदर अली भी पीड़ित लोगों से मिले और आश्वासन दिया कि पुलिस ने एक तरफ कार्रवाई करते हुए दूसरे समुदाय लोगों पर गंभीर धारा लगाई गई है।
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एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने रविवार को सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला और सीओ ब्रह्मपुरी अखिलेश भदौरिया को लिसाड़ी गांव में भेजा और दूसरे समुदाय के लोगों से बात कर मामला निपटाने के लिए कहा। रात में फिर से सीओ दिनेश शुक्ला लिसाड़ी गांव में पहुंचे। सीओ का कहना है कि जिन लोगों ने पलायन के पोस्टर चस्पाए थे उन्होंने खुद ही पोस्टर उतार लिए। वहीं सीओ ब्रह्मपुरी अखिलेश भदौरिया का कहना कि ब्रह्मपुरी थाने में जो केस दर्ज हुआ था उसकी विवचेना चल रही है। उधर, एसएसपी राजेश कुमार पांडेय का कहना है कि पूरे मामले में पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है। मैंने खुद जांच के लिए सीओ को भेजा था। पोस्टर का अब कोई विवाद नहीं बचा। इस मामले को निपटा लिया गया है।
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