{"_id":"5a04ad8d4f1c1b97678ba60a","slug":"161510256013-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला की शव लेकर पहुंचे एसएसपी ऑफिस","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
महिला की शव लेकर पहुंचे एसएसपी ऑफिस
Updated Fri, 10 Nov 2017 01:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ। लिसाड़ी गेट के हुमायूं नगर में बुधवार रात हुई महिला की मौत के मामले में परिजन हत्या का आरोप लगाकर शव एसएसपी ऑफिस लेकर पहुंच गए। पुलिस ने भीड़ को अंदर नहीं घुसने दिया, तो गुस्साए लोगों ने शव मुख्य मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। पुलिस से लोगों की झड़प हो गई। काफी देर बाद खुद एसएसपी ने पीड़ित पक्ष को आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
नहीं लिखा हत्या का केस
पुलिस के अनुसार शबनम उर्फ शब्बो (40) पत्नी साबिर का शव मकान में चारपाई पर पड़ा था। पास में एक शीशी पड़ी थी। जिसमें कीटनाशक होने का शक है। शब्बो की बेटी शिवा ने अपने पिता, सौतेले भाई समीर, उसकी पत्नी हिना और साबिर की बहन साबरा पर हत्या करने का आरोप लगाकर तहरीर दी थी। आरोप है कि इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट ने मुकदमा हत्या की धारा में न लिखकर कमजोर धारा में लिखा। जिसके विरोध में परिजन पोस्टमार्टम के बाद शब्बो का शव एसएसपी ऑफिस लेकर पहुंच गए।
इंस्पेक्टर को लगायी फटकार
एसएसपी ने जाम लगने के बावजूद देरी से पहुंचने पर इंस्पेक्टर सिविल लाइन को जमकर फटकार लगाई। इस दौरान एसएसपी ने इंस्पेक्टर लिसाड़ीगेट राशिद अली को भी तलब कर लिया। आक्रोशित महिलाओं ने जाम खुलवा रहे एक सिपाही से भी धक्कामुक्की कर गाली गलौच कर दी। इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट के खिलाफ नारेबाजी की।
विज्ञापन
एसएसपी ने कराया हत्या का केस
एसएसपी ने इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट को फटकार लगाते हुए पूछा कि इस मामले में क्या कार्रवाई की। एसएसपी ने हंगामा कर रही महिलाओं और अन्य लोगों को आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई कराने का आश्वास देकर शांत कराया। एसएसपी के आदेश पर बाद में आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज हुआ। पुलिसकर्मियों ने महिला के शव को सड़क से हटवाकर जाम खुलवाया।
मामला समझाने में लगे रहे
हंगामे के दौरान एक दरोगा ने एसएसपी ऑफिस के बाहर कहा कि चाहे चार जूते मार लो, लेकिन यहां से चले जाओ। इस बीच दरोगा की वीडियो वायरल हो गई। एसएसपी की फटकार के बाद दरोगा और इंस्पेक्टर किसी तरह मामले को समझाने में लगे रहे। एसपी सिटी का कहना है कि दरोगा की वीडियो की जांच कराई जा रही है।
खास बात
- हुमायूं नगर में संदिग्ध हालात में मरी महिला का शव लेकर पहुंचे लोग
- दरोगा ने कहा चार जूते मार लो, शव लेकर चले जाओ की वीडियो वायरल
विज्ञापन
नहीं लिखा हत्या का केस
पुलिस के अनुसार शबनम उर्फ शब्बो (40) पत्नी साबिर का शव मकान में चारपाई पर पड़ा था। पास में एक शीशी पड़ी थी। जिसमें कीटनाशक होने का शक है। शब्बो की बेटी शिवा ने अपने पिता, सौतेले भाई समीर, उसकी पत्नी हिना और साबिर की बहन साबरा पर हत्या करने का आरोप लगाकर तहरीर दी थी। आरोप है कि इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट ने मुकदमा हत्या की धारा में न लिखकर कमजोर धारा में लिखा। जिसके विरोध में परिजन पोस्टमार्टम के बाद शब्बो का शव एसएसपी ऑफिस लेकर पहुंच गए।
विज्ञापन
इंस्पेक्टर को लगायी फटकार
एसएसपी ने जाम लगने के बावजूद देरी से पहुंचने पर इंस्पेक्टर सिविल लाइन को जमकर फटकार लगाई। इस दौरान एसएसपी ने इंस्पेक्टर लिसाड़ीगेट राशिद अली को भी तलब कर लिया। आक्रोशित महिलाओं ने जाम खुलवा रहे एक सिपाही से भी धक्कामुक्की कर गाली गलौच कर दी। इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट के खिलाफ नारेबाजी की।
विज्ञापन
एसएसपी ने कराया हत्या का केस
एसएसपी ने इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट को फटकार लगाते हुए पूछा कि इस मामले में क्या कार्रवाई की। एसएसपी ने हंगामा कर रही महिलाओं और अन्य लोगों को आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई कराने का आश्वास देकर शांत कराया। एसएसपी के आदेश पर बाद में आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज हुआ। पुलिसकर्मियों ने महिला के शव को सड़क से हटवाकर जाम खुलवाया।
मामला समझाने में लगे रहे
हंगामे के दौरान एक दरोगा ने एसएसपी ऑफिस के बाहर कहा कि चाहे चार जूते मार लो, लेकिन यहां से चले जाओ। इस बीच दरोगा की वीडियो वायरल हो गई। एसएसपी की फटकार के बाद दरोगा और इंस्पेक्टर किसी तरह मामले को समझाने में लगे रहे। एसपी सिटी का कहना है कि दरोगा की वीडियो की जांच कराई जा रही है।
खास बात
- हुमायूं नगर में संदिग्ध हालात में मरी महिला का शव लेकर पहुंचे लोग
- दरोगा ने कहा चार जूते मार लो, शव लेकर चले जाओ की वीडियो वायरल