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सनौता में तनावपूर्ण शांति, आरोपियों को भेजा जेल
Updated Sun, 17 Sep 2017 03:23 AM IST
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मेरठ। फलावदा क्षेत्र के सनौता गांव में तीसरे दिन शनिवार को तनावपूर्ण शांति रही। मुख्य आरोपी धर्मवीर सिंह समेत 14 आरोपियों की तलाश में पुलिस ने ताबड़तोड़ दबिश दी। पुलिस ने गिरफ्तार किए चार आरोपियों को सीजेएम कोर्ट में पेश किया, जहां से उनको 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
सनौता गांव में बृहस्पतिवार को कार खड़ी करने लेकर दरियाव सिंह और हाजी निसार के परिवार में विवाद हुआ था। दरियाव सिंह के बेटे धर्मवीर व उसके पक्ष से गुलफाम समेत दर्जनों लोगाें द्वारा की गई फायरिंग में निसार के बेटे मनसाद और दिलशाद की मौत हो गई थी।
एलान से दहशत बरकरार
पीड़ित परिवार की तरफ से ऐलान किया गया कि खून के बदले खून होगा। जिसकी दहशत में दलित परिवार के लोग अपने घरों पर ताला लगाकर गायब हैं। तीसरे दिन भी दलित परिवार वापस नहीं लौटे। पीड़ित परिवार ने 18 लोगों को नामजद कराया था। जिसमें पुलिस ने दरियाव सिंह, गुलफाम, आसिफ और शाहिद को गिरफ्तार किया था। इस वारदात का मुख्य आरोपी दरियाव का बेटा धर्मवीर है, जोकि लाइसेंसी बंदूक समेत फरार है।
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चुनाव को लेकर गुटबाजी
गांव में प्रधानी चुनाव को लेकर गुटबाजी चल रही है। पुलिस के मुताबिक दो भाइयों की हत्या के बाद नामजदगी भी गुटबाजी के चलते हुई है। क्योंकि शुरूआत में पीड़ित परिवार ने अपने ही समुदाय के चार और तीन दलित लोगों के नाम हत्या में लिखवाए थे। बाद में 18 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई।
काम आई एसएसपी की सक्रियता
एसएसपी शनिवार को फलावदा थाने में समाधान दिवस के बाद सनौता गांव में पहुंचीं। ग्रामीणों से बातचीत कर शांति बनाने की अपील की। पीड़ित परिवार को भरोसा दिया कि आरोपियों पर मजबूत कार्रवाई होगी। ग्रामीणों के अनुसार एसएसपी की सक्रियता और खुद ही इस मामले को अपने हाथ में लेने से गांव में ज्यादा तनाव नहीं हुआ।
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सनौता गांव में बृहस्पतिवार को कार खड़ी करने लेकर दरियाव सिंह और हाजी निसार के परिवार में विवाद हुआ था। दरियाव सिंह के बेटे धर्मवीर व उसके पक्ष से गुलफाम समेत दर्जनों लोगाें द्वारा की गई फायरिंग में निसार के बेटे मनसाद और दिलशाद की मौत हो गई थी।
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एलान से दहशत बरकरार
पीड़ित परिवार की तरफ से ऐलान किया गया कि खून के बदले खून होगा। जिसकी दहशत में दलित परिवार के लोग अपने घरों पर ताला लगाकर गायब हैं। तीसरे दिन भी दलित परिवार वापस नहीं लौटे। पीड़ित परिवार ने 18 लोगों को नामजद कराया था। जिसमें पुलिस ने दरियाव सिंह, गुलफाम, आसिफ और शाहिद को गिरफ्तार किया था। इस वारदात का मुख्य आरोपी दरियाव का बेटा धर्मवीर है, जोकि लाइसेंसी बंदूक समेत फरार है।
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चुनाव को लेकर गुटबाजी
गांव में प्रधानी चुनाव को लेकर गुटबाजी चल रही है। पुलिस के मुताबिक दो भाइयों की हत्या के बाद नामजदगी भी गुटबाजी के चलते हुई है। क्योंकि शुरूआत में पीड़ित परिवार ने अपने ही समुदाय के चार और तीन दलित लोगों के नाम हत्या में लिखवाए थे। बाद में 18 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई।
काम आई एसएसपी की सक्रियता
एसएसपी शनिवार को फलावदा थाने में समाधान दिवस के बाद सनौता गांव में पहुंचीं। ग्रामीणों से बातचीत कर शांति बनाने की अपील की। पीड़ित परिवार को भरोसा दिया कि आरोपियों पर मजबूत कार्रवाई होगी। ग्रामीणों के अनुसार एसएसपी की सक्रियता और खुद ही इस मामले को अपने हाथ में लेने से गांव में ज्यादा तनाव नहीं हुआ।