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न जादुई सिक्का और न मिला ईरीडियम
Updated Sat, 26 Aug 2017 02:55 AM IST
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मेरठ। गंगानगर में जिस तांबे को सिक्के को ‘राइस पुलर’ बताकर ठगी करने का ताना-बाना बुना जा रहा था, वह जांच में फर्जी निकला। ईरीडियम की बात भी फर्जी पाई गई। यही नहीं मौके से बरामद केमिकल भी गोबर और एसी से निकले पानी का मिश्रण बताया गया। पुलिस का दावा कि ‘राइस पुलर’ बताकर आरोपी हनी सडाना और शहजाद ने दस लाख रुपये ठगने की योजना बनाई थी। मौके से पकड़े चारों युवकों को थाने से ही छोड़ दिया गया। जबकि फरार दोनों आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया गया है।
गंगानगर एल ब्लॉक में मकान नंबर 618 में पुलिस ने बृहस्पतिवार को छापा मारकर आदर्श अग्निहोत्री निवासी नौबस्ता कानपुर, इमरान निवासी औरंगाबाद भावनपुर, नौशाद निवासी नंगलामल व आनंद निवासी उज्जैन को हिरासत में लिया था। जबकि मुख्य आरोपी हनी सडाना निवासी थापर नगर मेरठ, शहजाद निवासी नंगलामल मुंडाली मेरठ और दिल्ली निवासी राजीव व विक्रम फरार हो गए थे।
पुलिस के मुताबिक पकड़े गए चारों युवकों ने पूछताछ में बताया कि तांबे के एक सिक्के को राइस पुलर बताकर हनी और शहजाद ने उनको गंगानगर में बुलाया था। इस सिक्के की जांच कराने के लिए उन्होंने राजीव और विक्रम को मुंबई से मेरठ बुलाया था। इस बीच मकान में बम बनाने की सूचना फैलने पर पुलिस पहुंची तो वह घबरा गए थे। शुक्रवार को पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद आदर्श अग्निहोत्री की तहरीर पर मुख्य आरोपियों हनी व शहजाद पर ठगी की धारा में केस दर्ज कर लिया। वहीं, आदर्श, इमरान, नौशाद और आनंद को थाने से सुपुर्दगी में छोड़ दिया गया। एसपी देहात राजेश कुमार का कहना है कि हनी को भी मुरादाबाद से दस लाख रुपये में राइस पुलर बताकर यह धातु दी गई थी। अब वह भी इसे आगे दस लाख रुपये में बेचना चाहता था।
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जांच में तांबा और गोबर निकला
एसपी देहात के मुताबिक गंगानगर से बरामद सामान की शुक्रवार को फोरेंसिक जांच कराई गई। जिस केमिकल को खतरनाक माना जा रहा था, वह गाय का गोबर और ईख के खेत में छिड़काव करने वाली कीटनाशक दवाई का मिश्रण निकला। कीटनाशक की वजह से ही केमिकल जैसी बदबू आ रही थी। इसमें एसी से निकला पानी मिलाया गया था। आरोपियों ने बरामद धातु को ‘राइस पुलर’ साबित करने के लिए एंटी रेडिएशन ड्रेस भी रखी हुई थी। फोरेंसिक जांच में सब स्पष्ट हो गया।
आरोपी छोड़ने को लेकर हुई माथापच्ची
मकान में बम बनाने की सूचना पर पकड़े गए चारों लोगों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर दिन भर माथापच्ची चलती रही। पुलिस की मानें तो इन चारों के खिलाफ कोई सुबूत नहीं मिला और न ही कोई आरोप बन रहा था। ऐसे में उन्हें थाने से छोड़ना मजबूरी बन गई। एसओ गंगानगर से इस संबंध में दिन में कई बार बात हुई। वह एक ही जवाब देते रहे कि अधिकारी कुछ बताएं तो हम कोई कार्रवाई करें।
नहीं हुई एंटी रेडिएशन ड्रेस की पुष्टि
आरोपियों से बरामद एंटी रेडिएशन की दो जोड़ी ड्रेस की भी जांच हुई। जांच टीम के सदस्यों ने इसे पहनकर भी देखा। पुलिस की तरफ से कहा गया है कि यह वास्तव में एंटी रेडिएशन ड्रेस है, इसकी भी पुष्टि नहीं हुई है। पकड़े गए युवकों ने पूछताछ में बताया कि यह ड्रेस इस ड्रामे का हिस्सा थी। राइस पुलर साबित करने के लिए इस ड्रेस को भी लाया गया था।
जनता सावधान, फर्जी है यह ‘राइस पुलर’ धातु
‘राइस पुलर’ नाम भी सिर्फ ठगों ने दिया हैं। जबकि ऐसा कुछ भी नहीं होता जो कि किसी चावल के दाने को अपनी तरफ खींच ले। दरअसल इससे पहले ठगों ने तांबे के एक सिक्के पर राम दरबार का चित्र अंकित कराया था। दावा किया था कि इस विशेष सिक्के में चुंबकीय शक्ति है, जो चावल (राइस) के दाने को अपनी तरफ खींचती है। इसी तरह की एक अन्य धातु (सिक्के के रूप में) भी लायी गयी थी। जिस पर डेंजर का निशान बना है। ठग तो इस दो कौड़ी की धातु को वैज्ञानिक चमत्कार बताकर बेचकर लखपति बन जाते हैं जबकि अनजान लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं।
खास बात
- गंगानगर में राइस पुलर बताकर की जा रही ठगी का मामला
- केमिकल में मिला गोबर और एसी से निकले पानी का मिश्रण
- आरोपियों से बरामद राइस पुलर का सिक्का भी फर्जी निकला
- पकड़े गए चारों युवक छोड़े, फरार दो ठगों पर हुआ केस दर्ज
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गंगानगर एल ब्लॉक में मकान नंबर 618 में पुलिस ने बृहस्पतिवार को छापा मारकर आदर्श अग्निहोत्री निवासी नौबस्ता कानपुर, इमरान निवासी औरंगाबाद भावनपुर, नौशाद निवासी नंगलामल व आनंद निवासी उज्जैन को हिरासत में लिया था। जबकि मुख्य आरोपी हनी सडाना निवासी थापर नगर मेरठ, शहजाद निवासी नंगलामल मुंडाली मेरठ और दिल्ली निवासी राजीव व विक्रम फरार हो गए थे।
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पुलिस के मुताबिक पकड़े गए चारों युवकों ने पूछताछ में बताया कि तांबे के एक सिक्के को राइस पुलर बताकर हनी और शहजाद ने उनको गंगानगर में बुलाया था। इस सिक्के की जांच कराने के लिए उन्होंने राजीव और विक्रम को मुंबई से मेरठ बुलाया था। इस बीच मकान में बम बनाने की सूचना फैलने पर पुलिस पहुंची तो वह घबरा गए थे। शुक्रवार को पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद आदर्श अग्निहोत्री की तहरीर पर मुख्य आरोपियों हनी व शहजाद पर ठगी की धारा में केस दर्ज कर लिया। वहीं, आदर्श, इमरान, नौशाद और आनंद को थाने से सुपुर्दगी में छोड़ दिया गया। एसपी देहात राजेश कुमार का कहना है कि हनी को भी मुरादाबाद से दस लाख रुपये में राइस पुलर बताकर यह धातु दी गई थी। अब वह भी इसे आगे दस लाख रुपये में बेचना चाहता था।
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जांच में तांबा और गोबर निकला
एसपी देहात के मुताबिक गंगानगर से बरामद सामान की शुक्रवार को फोरेंसिक जांच कराई गई। जिस केमिकल को खतरनाक माना जा रहा था, वह गाय का गोबर और ईख के खेत में छिड़काव करने वाली कीटनाशक दवाई का मिश्रण निकला। कीटनाशक की वजह से ही केमिकल जैसी बदबू आ रही थी। इसमें एसी से निकला पानी मिलाया गया था। आरोपियों ने बरामद धातु को ‘राइस पुलर’ साबित करने के लिए एंटी रेडिएशन ड्रेस भी रखी हुई थी। फोरेंसिक जांच में सब स्पष्ट हो गया।
आरोपी छोड़ने को लेकर हुई माथापच्ची
मकान में बम बनाने की सूचना पर पकड़े गए चारों लोगों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर दिन भर माथापच्ची चलती रही। पुलिस की मानें तो इन चारों के खिलाफ कोई सुबूत नहीं मिला और न ही कोई आरोप बन रहा था। ऐसे में उन्हें थाने से छोड़ना मजबूरी बन गई। एसओ गंगानगर से इस संबंध में दिन में कई बार बात हुई। वह एक ही जवाब देते रहे कि अधिकारी कुछ बताएं तो हम कोई कार्रवाई करें।
नहीं हुई एंटी रेडिएशन ड्रेस की पुष्टि
आरोपियों से बरामद एंटी रेडिएशन की दो जोड़ी ड्रेस की भी जांच हुई। जांच टीम के सदस्यों ने इसे पहनकर भी देखा। पुलिस की तरफ से कहा गया है कि यह वास्तव में एंटी रेडिएशन ड्रेस है, इसकी भी पुष्टि नहीं हुई है। पकड़े गए युवकों ने पूछताछ में बताया कि यह ड्रेस इस ड्रामे का हिस्सा थी। राइस पुलर साबित करने के लिए इस ड्रेस को भी लाया गया था।
जनता सावधान, फर्जी है यह ‘राइस पुलर’ धातु
‘राइस पुलर’ नाम भी सिर्फ ठगों ने दिया हैं। जबकि ऐसा कुछ भी नहीं होता जो कि किसी चावल के दाने को अपनी तरफ खींच ले। दरअसल इससे पहले ठगों ने तांबे के एक सिक्के पर राम दरबार का चित्र अंकित कराया था। दावा किया था कि इस विशेष सिक्के में चुंबकीय शक्ति है, जो चावल (राइस) के दाने को अपनी तरफ खींचती है। इसी तरह की एक अन्य धातु (सिक्के के रूप में) भी लायी गयी थी। जिस पर डेंजर का निशान बना है। ठग तो इस दो कौड़ी की धातु को वैज्ञानिक चमत्कार बताकर बेचकर लखपति बन जाते हैं जबकि अनजान लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं।
खास बात
- गंगानगर में राइस पुलर बताकर की जा रही ठगी का मामला
- केमिकल में मिला गोबर और एसी से निकले पानी का मिश्रण
- आरोपियों से बरामद राइस पुलर का सिक्का भी फर्जी निकला
- पकड़े गए चारों युवक छोड़े, फरार दो ठगों पर हुआ केस दर्ज