फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   गोकशी के आरोपी को भेजा जेल, उलधन में हुई पंचायत गोकशों का गांव से बहिष्कार करने का फरमान जारी

गोकशी के आरोपी को भेजा जेल, उलधन में हुई पंचायत गोकशों का गांव से बहिष्कार करने का फरमान जारी

Sun, 03 Jun 2018 11:12 PM IST
Updated Sun, 03 Jun 2018 11:12 PM IST
विज्ञापन
गोकशी के आरोपी को भेजा जेल, उलधन में हुई पंचायत गोकशों का गांव से बहिष्कार करने का फरमान जारी
खरखौदा। गांव उलधन में पंद्रह दिन में शुक्रवार को तीसरी बार गोकशी हुई। जिसमें पुलिस ने मीट बरामद कर लिया था। वहीं, गांव के चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जिसमें शनिवार शाम पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, गांव उलधन में रविवार को मुस्लिम समाज के लोगों ने पंचायत कर गोतस्करों एवं गोकशों का सामाजिक बहिष्कार करने का निर्णय किया है।
विज्ञापन

पुलिस ने शुक्रवार रात्रि में गांव उलधन के जंगल में पांची संपर्क मार्ग पर भारी मात्रा में मीट बरामद कर लिया था। जहां पुलिस ने करीब तीन कुंतल मीट बरामद किया था। पुलिस ने मुखबिर के बताये अनुसार गांव उलधन निवासी असलम, सलमान, आदिल व नवाब समेत अन्य के खिलाफ गोकशी का मुकदमा दर्ज किया था। जिसमें पुलिस ने शनिवार शाम नवाब को गिरफ्तार कर लिया था।
विज्ञापन

गांव में हुई मुस्लिम समाज की पंचायत
गोकशी के खिलाफ गांव उलधन में ग्राम प्रधान इकबाल अहमद के नेतृत्व में मदरसे में पंचायत हुई। इसमें एएसपी अमित आनंद, किठौर इंस्पेक्टर प्रमोद गौतम समेत भारी पुलिस बल पहुंचा। पंचायत में ग्रामीणों ने आरोपियों को निर्दोष बताते हुए झूठा फंसाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पुलिस गोकशी में शामिल लोगों को गिरफ्तार करे। ग्राम प्रधान समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गोकशी के चलते गांव की बदनामी हो रही है। यहां गोतस्करों और गोकशों का सामाजिक बहिष्कार करने का निर्णय किया। ग्रामीणों ने पुलिस को आश्वासन दिया कि अब ग्रामीण ही आरोपियों को पुलिस को सौंपेंगे। इसके लिए ग्राम प्रधान के नेतृत्व में समिति बनाई जाएगी। वह गांव में हो रहे अपराध की पुलिस को जानकारी दी जाएगी। वहीं, इस बाबत सीओ किठौर चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि यदि गांव में एकता है तो गोकशी होती ही क्यों है। ग्रामीण चाहे तो किसी भी घटना को रोका जा सकता है। यदि ग्रामीण आश्वासन दे रहे हैं तो उनका स्वागत है। नहीं तो पुलिस अपना काम करने में स्वयं सक्षम है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed