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शव मिलने के 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली, एसएसपी तथा क्राइम ब्रांच भी नहीं पहुंच सकी तह तक
Updated Wed, 21 Mar 2018 10:36 PM IST
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खरखौदा।
कस्बे के मुख्य बाजार से सात दिन पहले दिनदहाडे़ किराना व्यापारी के नौ वर्षीय बेटे का अपहरण होने के बाद उसकी हत्या कर शव को करीब पांच किलोमीटर दूर धनतला मार्ग स्थित नाले में फेंक दिया। पुलिस ने मंगलवार बच्चे का शव बरामद कर लिया। हालांकि वह हत्यारोपियों का पता नहीं लगा सकी है। एसएसपी सहित क्राइम ब्रांच टीम ने बुधवार को कस्बा समेत आसपास के गांवों से बच्चों और करीब दर्जनभर लोगों को पूछताछ के लिए आफिस बुलाया। हालांकि देर शाम तक पुलिस के हाथ खाली हैं।
खरखौदा कस्बे के मोहल्ला खड़खड़ियान निवासी किराना व्यापारी मनोज का नौ वर्षीय बेटा दक्ष बीती 15 मार्च को बाजार से अपनी मां का रिपेयर के लिए दिया मोबाइल लेने गया था। उसे दुकान पर मिस्त्री नहीं मिला तो वह बाजार में ही अपने परिजनों की दुकान पर चला गया था। वहां पर मौजूद दोस्तों से भी मिला था। इसके बाद दोस्तों के कहने पर दक्ष बैट बॉल वापस घर रखने चला गया था। इसके बाद दक्ष साइकिल लेकर बाजार में आया तो दोस्तों ने साइकिल को भी घर छोड़ने के लिए भेज दिया। इस दौरान दक्ष अचानक बाजार से लापता हो गया था। देर शाम तक दक्ष घर वापस नहीं पहुंचा तो परिजनों ने पुलिस कंट्रोल रूम को जानकारी दी थी। जिसमें पुलिस ने मामला व्यापारी के बच्चे से संबंधित होने पर तुरंत अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। पुलिस कई पहलुओं पर जांच करती रही, लेकिन छह दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस सही दिशा में नहीं पहुंच सकी थी। यदि पुलिस बच्चे के अपहरण के बाद हत्या की दिशा में काम करती तो शायद सफलता मिल सकती थी। मंगलवार को बच्चे का गला सड़ा शव गांव धनतला के नाले में तैरता मिला था। बच्चे के हाथ-पैर बंधे थे। उसकी गला घोंटकर हत्या की गई थी। बच्चे की हत्या व पुलिस की कार्यशैली से नाराज पीड़ित परिजनों और व्यापारियों ने थाने के सामने ही रोड का जाम लगा दिया था। एसएसपी मंजिल सैनी स्वयं पीड़ित परिजनों से मिली थीं। वहीं, संदिग्ध कई लोगों से तीन घंटे तक लगातार अलग-अलग पहलुओं पर पूछताछ की थी। एसएसपी ने मामले के खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच को लगाया था। हत्या के खुलासे की मांग को लेकर पीड़ित परिवार ने मंगलवार रात्रि में भी शव थाने पर लाकर जाम लगाने का प्रयास किया था। पुलिस द्वारा पहले से पूरी तैयारी से थी जिस कारण व्यापारी जाम लगाने में सफल नहीं हो सके थे। पीड़ित परिवार ने बुधवार तड़के शव का अंतिम संस्कार किया।
पूछताछ के लिए उठाया दर्जनभर लोगों को
एसएसपी बुधवार दोपहर में क्राइम ब्रांच आफिस पहुंचीं तथा एक-एक करके पूछताछ के लिए बुलाया। पुलिस ने पूछताछ के लिए कस्बे के करीब छह बच्चे एवं आसपास के गांवों तथा कस्बा के भी करीब छह लोगों को मेरठ बुलाया। शव मिलने के 24 घंटे के बाद भी क्राइम ब्रांच व एसएसपी भी हत्या की वजह का पता नहीं सके।
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कई दुकानों से रस्सियों के लिये नमूने
बच्चे की हत्या गला घोंटकर की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जिस रस्सी का निशान गले पर आया है उसको लेकर एएसपी अमित कुमार आनंद समेत बुधवार को क्राइम ब्रांच टीम पहले थाने पहुंची तथा बच्चे के शव पर मिले कुछ तथ्यों को साथ लेकर रस्सी विक्रेता की दुकान पर पहुंची तथा नमूने लिये। वहां से एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए साथ लिया। इसके बाद टीम धनतला में नाले पर पहुंची।
पोस्टमार्टम में शव दो से चार दिन पुराना बताया
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शव दो से चार दिन पुराना बताया है। शव मिलने तक बच्चे के अपहरण को छह दिन हो गए थे। अभी तक पुलिस यह भी पता नहीं लगा सकी है कि बच्चे की हत्या क्यों की गयी है।
मुख्य बातें
खरखौदा कस्बे के व्यापारी पुत्र का सात दिन पूर्व कर लिया अपहरण
बच्चों समेत करीब दर्जनभर लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया
बच्चे का शव मिलने से कस्बे के लोगों में पुलिस की कार्यशैली के खिलाफ गुस्सा
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कस्बे के मुख्य बाजार से सात दिन पहले दिनदहाडे़ किराना व्यापारी के नौ वर्षीय बेटे का अपहरण होने के बाद उसकी हत्या कर शव को करीब पांच किलोमीटर दूर धनतला मार्ग स्थित नाले में फेंक दिया। पुलिस ने मंगलवार बच्चे का शव बरामद कर लिया। हालांकि वह हत्यारोपियों का पता नहीं लगा सकी है। एसएसपी सहित क्राइम ब्रांच टीम ने बुधवार को कस्बा समेत आसपास के गांवों से बच्चों और करीब दर्जनभर लोगों को पूछताछ के लिए आफिस बुलाया। हालांकि देर शाम तक पुलिस के हाथ खाली हैं।
खरखौदा कस्बे के मोहल्ला खड़खड़ियान निवासी किराना व्यापारी मनोज का नौ वर्षीय बेटा दक्ष बीती 15 मार्च को बाजार से अपनी मां का रिपेयर के लिए दिया मोबाइल लेने गया था। उसे दुकान पर मिस्त्री नहीं मिला तो वह बाजार में ही अपने परिजनों की दुकान पर चला गया था। वहां पर मौजूद दोस्तों से भी मिला था। इसके बाद दोस्तों के कहने पर दक्ष बैट बॉल वापस घर रखने चला गया था। इसके बाद दक्ष साइकिल लेकर बाजार में आया तो दोस्तों ने साइकिल को भी घर छोड़ने के लिए भेज दिया। इस दौरान दक्ष अचानक बाजार से लापता हो गया था। देर शाम तक दक्ष घर वापस नहीं पहुंचा तो परिजनों ने पुलिस कंट्रोल रूम को जानकारी दी थी। जिसमें पुलिस ने मामला व्यापारी के बच्चे से संबंधित होने पर तुरंत अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। पुलिस कई पहलुओं पर जांच करती रही, लेकिन छह दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस सही दिशा में नहीं पहुंच सकी थी। यदि पुलिस बच्चे के अपहरण के बाद हत्या की दिशा में काम करती तो शायद सफलता मिल सकती थी। मंगलवार को बच्चे का गला सड़ा शव गांव धनतला के नाले में तैरता मिला था। बच्चे के हाथ-पैर बंधे थे। उसकी गला घोंटकर हत्या की गई थी। बच्चे की हत्या व पुलिस की कार्यशैली से नाराज पीड़ित परिजनों और व्यापारियों ने थाने के सामने ही रोड का जाम लगा दिया था। एसएसपी मंजिल सैनी स्वयं पीड़ित परिजनों से मिली थीं। वहीं, संदिग्ध कई लोगों से तीन घंटे तक लगातार अलग-अलग पहलुओं पर पूछताछ की थी। एसएसपी ने मामले के खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच को लगाया था। हत्या के खुलासे की मांग को लेकर पीड़ित परिवार ने मंगलवार रात्रि में भी शव थाने पर लाकर जाम लगाने का प्रयास किया था। पुलिस द्वारा पहले से पूरी तैयारी से थी जिस कारण व्यापारी जाम लगाने में सफल नहीं हो सके थे। पीड़ित परिवार ने बुधवार तड़के शव का अंतिम संस्कार किया।
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पूछताछ के लिए उठाया दर्जनभर लोगों को
एसएसपी बुधवार दोपहर में क्राइम ब्रांच आफिस पहुंचीं तथा एक-एक करके पूछताछ के लिए बुलाया। पुलिस ने पूछताछ के लिए कस्बे के करीब छह बच्चे एवं आसपास के गांवों तथा कस्बा के भी करीब छह लोगों को मेरठ बुलाया। शव मिलने के 24 घंटे के बाद भी क्राइम ब्रांच व एसएसपी भी हत्या की वजह का पता नहीं सके।
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कई दुकानों से रस्सियों के लिये नमूने
बच्चे की हत्या गला घोंटकर की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जिस रस्सी का निशान गले पर आया है उसको लेकर एएसपी अमित कुमार आनंद समेत बुधवार को क्राइम ब्रांच टीम पहले थाने पहुंची तथा बच्चे के शव पर मिले कुछ तथ्यों को साथ लेकर रस्सी विक्रेता की दुकान पर पहुंची तथा नमूने लिये। वहां से एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए साथ लिया। इसके बाद टीम धनतला में नाले पर पहुंची।
पोस्टमार्टम में शव दो से चार दिन पुराना बताया
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शव दो से चार दिन पुराना बताया है। शव मिलने तक बच्चे के अपहरण को छह दिन हो गए थे। अभी तक पुलिस यह भी पता नहीं लगा सकी है कि बच्चे की हत्या क्यों की गयी है।
मुख्य बातें
खरखौदा कस्बे के व्यापारी पुत्र का सात दिन पूर्व कर लिया अपहरण
बच्चों समेत करीब दर्जनभर लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया
बच्चे का शव मिलने से कस्बे के लोगों में पुलिस की कार्यशैली के खिलाफ गुस्सा