{"_id":"5a2ac1494f1c1bd1408bbd7a","slug":"151275156812150-kithor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"150 मुचलका पाबंद,बवालियों पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई की तैयारी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
150 मुचलका पाबंद,बवालियों पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई की तैयारी
Updated Fri, 08 Dec 2017 10:13 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किठौर।
कस्बे में मुख्य बाजार स्थित एक दुकान को लेकर बीते बुधवार को नवनिवार्चित चेयरपर्सन पति और पूर्व चेयरमैन समर्थकों में खूनी संघर्ष हो गया था। जिसमें दोनों पक्षों के करीब 15 लोग घायल हुए थे। दोनों पक्षों की तहरीर पर 32 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज हुआ। तीसरे दिन भी शुक्रवार को पीएसी के साथ चौराहों पर स्थानीय पुलिस तैनात रही। हालांकि बाजार में रोनक लौटने लगी है। इस मामले में पुलिस ने बवाल के बाद शरारती तत्वों पर शिंकजे कसने का मूड बना लिया है। एसओ का कहना है कि इस मामले में करीब 150 लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफा शांतिभंग, बवाल तथा गुंडा एक्ट की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। विवादित दुकान पर कार्रवाई के लिए संस्तुति भेजी गई है।
सलमान और फरमान को लेकर चर्चा
कस्बे में दुुकान को लेकर हुए खूनी संघर्ष के बाद राज्यसभा सांसद मुनकाद अली के बेटे सलमान और फरमान पर गिरी गाज के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोग इसको विवादित दुकान तथा पूर्व चेयरमैन मतलूब गौड़ के समर्थक दलित डा. वीर सिंह की क्लीनिक में तोड़फोड़ से जोड़ रहे हैं। वहीं, कुछ लोग इस कार्रवाई को बसपा की अंदरूनी कलह का परिणाम बता रहे हैं। उनका कहना है कि सलमान और फरमान केवल बसपा नेता मुनकाद अली के पुत्र हैं। उनके पास पार्टी की कोई जिम्मेदारी नहीं थी। इसके बावजूद बिना जांच के बसपा सुप्रीमो ने भी इतनी बड़ी कार्रवाई की है।
जाम से दोनों पक्षों में संघर्ष
कस्बे के लोगों की बातों पर यकीन करें तो मवाना तिराहे पर जाम नहीं लगा होता तो दोनों पक्षों में खूनी संघर्ष टल सकता था। लोगों का कहना है कि जैसे ही थाने में दोनों पक्ष कहासुनी और गालीगलौज के बाद दुकान की तरफ बढे़ तो पुलिस भी गाड़ी लेकर पीछे चल पड़ी। इस दौरान पुलिस की गाड़ी मवाना तिराहे पर जाम में फंस गई। जिस कारण पुलिस से पहले मौके पर पहुंचे दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए और बवाल हो गया।
विज्ञापन
कौन तय करेगा दुकान किसकी
थाना प्रभारी राजेंद्र त्यागी का कहना है की विवादित दुकान का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट से इस मामले में कमीशन भी आया हुआ है। दोनों पक्षों के पास अपने-अपने बैनामे भी हैं। पुलिस ने बवाल के बाद उक्त दुकान पर कार्रवाई कर दी है। दुकान की चाबी भी पुलिस-प्रशासन ने एसडीएम मवाना को सौंपकर जल्द निस्तारण करने की अपील की है। इसका समाधान कैसे होगा कुछ नहीं कहा जा सकता है। फिलहाल दुकान पर पुलिस की सील लगी हुई है। जिसे कोर्ट कहेगी उसको कब्जा दिलाया जाएगा।
मुख्य बातें
बाजार खुलने पर लौट रही रोनक
विज्ञापन
कस्बे में मुख्य बाजार स्थित एक दुकान को लेकर बीते बुधवार को नवनिवार्चित चेयरपर्सन पति और पूर्व चेयरमैन समर्थकों में खूनी संघर्ष हो गया था। जिसमें दोनों पक्षों के करीब 15 लोग घायल हुए थे। दोनों पक्षों की तहरीर पर 32 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज हुआ। तीसरे दिन भी शुक्रवार को पीएसी के साथ चौराहों पर स्थानीय पुलिस तैनात रही। हालांकि बाजार में रोनक लौटने लगी है। इस मामले में पुलिस ने बवाल के बाद शरारती तत्वों पर शिंकजे कसने का मूड बना लिया है। एसओ का कहना है कि इस मामले में करीब 150 लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफा शांतिभंग, बवाल तथा गुंडा एक्ट की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। विवादित दुकान पर कार्रवाई के लिए संस्तुति भेजी गई है।
सलमान और फरमान को लेकर चर्चा
कस्बे में दुुकान को लेकर हुए खूनी संघर्ष के बाद राज्यसभा सांसद मुनकाद अली के बेटे सलमान और फरमान पर गिरी गाज के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोग इसको विवादित दुकान तथा पूर्व चेयरमैन मतलूब गौड़ के समर्थक दलित डा. वीर सिंह की क्लीनिक में तोड़फोड़ से जोड़ रहे हैं। वहीं, कुछ लोग इस कार्रवाई को बसपा की अंदरूनी कलह का परिणाम बता रहे हैं। उनका कहना है कि सलमान और फरमान केवल बसपा नेता मुनकाद अली के पुत्र हैं। उनके पास पार्टी की कोई जिम्मेदारी नहीं थी। इसके बावजूद बिना जांच के बसपा सुप्रीमो ने भी इतनी बड़ी कार्रवाई की है।
विज्ञापन
जाम से दोनों पक्षों में संघर्ष
कस्बे के लोगों की बातों पर यकीन करें तो मवाना तिराहे पर जाम नहीं लगा होता तो दोनों पक्षों में खूनी संघर्ष टल सकता था। लोगों का कहना है कि जैसे ही थाने में दोनों पक्ष कहासुनी और गालीगलौज के बाद दुकान की तरफ बढे़ तो पुलिस भी गाड़ी लेकर पीछे चल पड़ी। इस दौरान पुलिस की गाड़ी मवाना तिराहे पर जाम में फंस गई। जिस कारण पुलिस से पहले मौके पर पहुंचे दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए और बवाल हो गया।
विज्ञापन
कौन तय करेगा दुकान किसकी
थाना प्रभारी राजेंद्र त्यागी का कहना है की विवादित दुकान का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट से इस मामले में कमीशन भी आया हुआ है। दोनों पक्षों के पास अपने-अपने बैनामे भी हैं। पुलिस ने बवाल के बाद उक्त दुकान पर कार्रवाई कर दी है। दुकान की चाबी भी पुलिस-प्रशासन ने एसडीएम मवाना को सौंपकर जल्द निस्तारण करने की अपील की है। इसका समाधान कैसे होगा कुछ नहीं कहा जा सकता है। फिलहाल दुकान पर पुलिस की सील लगी हुई है। जिसे कोर्ट कहेगी उसको कब्जा दिलाया जाएगा।
मुख्य बातें
बाजार खुलने पर लौट रही रोनक