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हत्या के केस में कोर्ट ने निरस्त की एफआर
Updated Tue, 01 Aug 2017 08:18 PM IST
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मेरठ। थाना कंकरखेड़ा क्षेत्र में करीब 10 माह पहले होटल में हुई युवक की हत्या के मामले में सीजेएम कोर्ट ने विवेचक द्वारा दाखिल फाइनल रिपोर्ट (एफआर) को निरस्त कर दिया। एसएसपी को इस केस की पुन: विवेचना किसी राजपत्रित अधिकारी से कराने और दरोगा के मोबाइल फोन की सीडीआर की जांच कराने के आदेश दिए हैं।
रोहटा रोड स्थित एक होटल में 12 अक्तूबर 2016 को प्रदीप नाम के युवक को घायल कर दिया गया था। जिसकी बाद में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। थाना कंकरखेड़ा के विवेचक ने इस केस में कोर्ट में फाइनल रिपोर्ट दाखिल करते हुए आख्या दी थी कि प्रदीप घटना के समय शराब पी रहा था, तभी अज्ञात लोगों ने उसकी हत्या कर दी थी। काफी तलाश करने पर भी आरोपियों का पता नहीं चला।
प्रदीप के भाई अमित की तरफ से अनुज शर्मा एडवोकेट ने फाइनल रिपोर्ट के खिलाफ प्रार्थनापत्र दाखिल किया। जिसमें विवेचक पर आरोप लगाया गया कि उसने दरोगा दिनेश सिंह को बचाने के उद्देश्य से उसे जांच का हिस्सा नहीं बनाया है। न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तबरेज अहमद ने प्रार्थनापत्र पर सुनवाई करते हुए एसएसपी को इस केस की फिर से विवेचना कराने और विवेचना से कोर्ट को दो माह में अवगत कराने के आदेश जारी किए हैं।
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खास बात
- सीजेएम कोर्ट के पुन: विवेचना और दरोगा के मोबाइल की सीडीआर की जांच के आदेश
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रोहटा रोड स्थित एक होटल में 12 अक्तूबर 2016 को प्रदीप नाम के युवक को घायल कर दिया गया था। जिसकी बाद में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। थाना कंकरखेड़ा के विवेचक ने इस केस में कोर्ट में फाइनल रिपोर्ट दाखिल करते हुए आख्या दी थी कि प्रदीप घटना के समय शराब पी रहा था, तभी अज्ञात लोगों ने उसकी हत्या कर दी थी। काफी तलाश करने पर भी आरोपियों का पता नहीं चला।
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प्रदीप के भाई अमित की तरफ से अनुज शर्मा एडवोकेट ने फाइनल रिपोर्ट के खिलाफ प्रार्थनापत्र दाखिल किया। जिसमें विवेचक पर आरोप लगाया गया कि उसने दरोगा दिनेश सिंह को बचाने के उद्देश्य से उसे जांच का हिस्सा नहीं बनाया है। न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तबरेज अहमद ने प्रार्थनापत्र पर सुनवाई करते हुए एसएसपी को इस केस की फिर से विवेचना कराने और विवेचना से कोर्ट को दो माह में अवगत कराने के आदेश जारी किए हैं।
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खास बात
- सीजेएम कोर्ट के पुन: विवेचना और दरोगा के मोबाइल की सीडीआर की जांच के आदेश