{"_id":"59344b1c4f1c1b212f8b45b0","slug":"149659933615-city-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रताप पिहार मे हुई हत्या के मामले मे आरोपी के विरूद्व मुकदमा दर्ज","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
प्रताप पिहार मे हुई हत्या के मामले मे आरोपी के विरूद्व मुकदमा दर्ज
Updated Sun, 04 Jun 2017 11:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- प्रताप विहार में अनिल की हत्या का मामला
- अवैध संबंध का था शक, बेटा अनिल के बाद मां की भी हत्या करना चाहता था
- मां बनी बेटे द्वारा की गयी हत्या की गवाह
- बेटे के हाथ में तमंचा देखकर मां ने कमरे का दरवाजा किया था बंद
मेरठ। जयभीमनगर स्थित प्रताप विहार मे शनिवार देर रात हुई अनिल (32) की हत्या के मामले में पुलिस ने महिला के 17 वर्षीय बेटे के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी की तलाश में पुलिस ने दबिश दी, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा। रात के वक्त अनिल की हत्या उस समय की गई, जब वह सीमा के घर में ही सोया हुआ था। पुलिस के अनुसार नाबालिग बेटे ने मां से अवैध संबंध के शक में अनिल की गोली मारकर हत्या की है।
महिला थाने में रविवार को दिनभर सीमा आंसू बहाती रही, लेकिन उसके परिवार का एक भी व्यक्ति मिलने नहीं पहुंचा। सीमा ने बताया कि वह मेडिकल थाना क्षेत्र के एक अस्पताल में नर्स थी। जहां उसकी दोस्ती खरखौदा के छतरी गांव निवासी अनिल पुत्र विजयपाल से हो गई। अनिल कई कई दिन तक महिला के घर रहता था। पुलिस को पूछताछ में सीमा ने बताया कि उसकी अनिल से सिर्फ दोस्ती थी। सीमा ने बताया कि शनिवार रात वह चारपाई पर सोई थी, तो दूसरी चारपाई पर अनिल सोया हआ था। रात के करीब डेढ़ बजे महिला का बेटा छत से आया और सोते हुए अनिल के सीने में तमंचे से गोली मार दी। सीमा ने समझा कि पास ही किसी वाहन का टायर फट गया है। आंख खुलते ही उसने देखा कि बेटा तमंचा लिए खड़ा है। अनिल की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। बेटा तमंचे में दूसरी गोली भर रहा था। महिला ने किसी अनहोनी की आशंका में दूसरे कमरे में घुसकर दरवाजा बंद कर लिया। महिला के बेटे ने अपनी मां से कहा कि आज दरवाजा खोल दे, नहीं तो तेरा भी भेजा उड़ा दूंगा। जिसके बाद सीमा अपनी जान बचाने के लिए कमरे में छिपी रही और दरवाजा नहीं खोला। महिला बचाओ बचाओ कहकर शोर मचाती रही, और बेटा मां की हत्या के लिए दरवाजा पीटता रहा। महिला ने बताया उसके बेटे के सिर पर खून सवार था, यदि मैं दरवाजा खोल देती तो वह मुझे भी जिंदा नहीं छोड़ता। बाद में पड़ोसी पहुंचे तो बेटा भाग गया। पुलिस के पहुंचने पर उसने कमरे का दरवाजा खोला। अनिल के भाई हरीश ने थाना भावनपुर पहुंचकर महिला के बेेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। सीमा को पुलिस ने अनिल की हत्या का गवाह बनाया है।
मम्मी अब तेरे पास पढूंगा
पुलिस ने बताया कि फतेहउल्लापुर निवासी सीमा की शादी फलावदा के बड़ागांव निवासी सुशील के साथ हुई थी। महिला निजी हॉस्पिटल में नर्स है तो वह गढ़ रोड पर किराए पर रहती है। महिला के तीन बेटे हैं, बड़े बेटे ने सरायकाजी स्थित कॉलेज में 11 वीं की परीक्षा दी है। सीमा ने बताया कि एक साल से वह पति से अलग रह रही थी। दोनों बेटे गांव में अपने पिता के पास रहते हैं, बड़ा बेटा तीन दिन पहले ही आया और कहा कि मम्मी अब तेरे पास आकर ही पढूंगा। सीमा ने बताया कि अनिल दो दिन से उसके घर पर था, यदि उसके बेटेे को शक था तो वह बताता मैं अनिल का साथ छोड़ देती, लेकिन अब तो सब कुछ बर्बाद हो गया।
विज्ञापन
परिवार मे मचा कोहराम
गांव छतरी मे अनिल की मौत की जानकारी मिलते ही उसकी मां अंगुरी, पत्नी अनिता, और दो बेटे अर्पण, अर्पित और भाई हरीश के साथ पिता का रो रोकर बुरा हाल था। हरीश ने मोर्चरी पर रोते हुए बताया कि अनिल की हत्या से पूरा परिवार टूट चुका है। अनिल सूरजकुंड स्थित एक कारखाने में काम करता था, जो शहर में रहता था। एक माह से घर नहीं आया था।
कहां से आया तमंचा:
पुलिस का कहना है कि सीमा का बेटा बालिग है या नाबालिग यह गिरफ्तारी के बाद पता चलेगा। मां ने बेटे की उम्र 17 साल बताई है। वहीं 17 साल के किशोर पर तमंचा क हां से आया इसका कोई जबाव नहीं। आरोपी किशोर ने असलहा के साथ भी कई फोटो फेसबुक पर डाल रखे थे। पुलिस का मानना कि किशोर ने पहले से ही अनिल की हत्या की प्लानिंग की थी, इसी के चलते वह तमंचा लेकर घर में सोया था।
विज्ञापन
- अवैध संबंध का था शक, बेटा अनिल के बाद मां की भी हत्या करना चाहता था
- मां बनी बेटे द्वारा की गयी हत्या की गवाह
- बेटे के हाथ में तमंचा देखकर मां ने कमरे का दरवाजा किया था बंद
मेरठ। जयभीमनगर स्थित प्रताप विहार मे शनिवार देर रात हुई अनिल (32) की हत्या के मामले में पुलिस ने महिला के 17 वर्षीय बेटे के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी की तलाश में पुलिस ने दबिश दी, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा। रात के वक्त अनिल की हत्या उस समय की गई, जब वह सीमा के घर में ही सोया हुआ था। पुलिस के अनुसार नाबालिग बेटे ने मां से अवैध संबंध के शक में अनिल की गोली मारकर हत्या की है।
महिला थाने में रविवार को दिनभर सीमा आंसू बहाती रही, लेकिन उसके परिवार का एक भी व्यक्ति मिलने नहीं पहुंचा। सीमा ने बताया कि वह मेडिकल थाना क्षेत्र के एक अस्पताल में नर्स थी। जहां उसकी दोस्ती खरखौदा के छतरी गांव निवासी अनिल पुत्र विजयपाल से हो गई। अनिल कई कई दिन तक महिला के घर रहता था। पुलिस को पूछताछ में सीमा ने बताया कि उसकी अनिल से सिर्फ दोस्ती थी। सीमा ने बताया कि शनिवार रात वह चारपाई पर सोई थी, तो दूसरी चारपाई पर अनिल सोया हआ था। रात के करीब डेढ़ बजे महिला का बेटा छत से आया और सोते हुए अनिल के सीने में तमंचे से गोली मार दी। सीमा ने समझा कि पास ही किसी वाहन का टायर फट गया है। आंख खुलते ही उसने देखा कि बेटा तमंचा लिए खड़ा है। अनिल की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। बेटा तमंचे में दूसरी गोली भर रहा था। महिला ने किसी अनहोनी की आशंका में दूसरे कमरे में घुसकर दरवाजा बंद कर लिया। महिला के बेटे ने अपनी मां से कहा कि आज दरवाजा खोल दे, नहीं तो तेरा भी भेजा उड़ा दूंगा। जिसके बाद सीमा अपनी जान बचाने के लिए कमरे में छिपी रही और दरवाजा नहीं खोला। महिला बचाओ बचाओ कहकर शोर मचाती रही, और बेटा मां की हत्या के लिए दरवाजा पीटता रहा। महिला ने बताया उसके बेटे के सिर पर खून सवार था, यदि मैं दरवाजा खोल देती तो वह मुझे भी जिंदा नहीं छोड़ता। बाद में पड़ोसी पहुंचे तो बेटा भाग गया। पुलिस के पहुंचने पर उसने कमरे का दरवाजा खोला। अनिल के भाई हरीश ने थाना भावनपुर पहुंचकर महिला के बेेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। सीमा को पुलिस ने अनिल की हत्या का गवाह बनाया है।
विज्ञापन
मम्मी अब तेरे पास पढूंगा
पुलिस ने बताया कि फतेहउल्लापुर निवासी सीमा की शादी फलावदा के बड़ागांव निवासी सुशील के साथ हुई थी। महिला निजी हॉस्पिटल में नर्स है तो वह गढ़ रोड पर किराए पर रहती है। महिला के तीन बेटे हैं, बड़े बेटे ने सरायकाजी स्थित कॉलेज में 11 वीं की परीक्षा दी है। सीमा ने बताया कि एक साल से वह पति से अलग रह रही थी। दोनों बेटे गांव में अपने पिता के पास रहते हैं, बड़ा बेटा तीन दिन पहले ही आया और कहा कि मम्मी अब तेरे पास आकर ही पढूंगा। सीमा ने बताया कि अनिल दो दिन से उसके घर पर था, यदि उसके बेटेे को शक था तो वह बताता मैं अनिल का साथ छोड़ देती, लेकिन अब तो सब कुछ बर्बाद हो गया।
विज्ञापन
परिवार मे मचा कोहराम
गांव छतरी मे अनिल की मौत की जानकारी मिलते ही उसकी मां अंगुरी, पत्नी अनिता, और दो बेटे अर्पण, अर्पित और भाई हरीश के साथ पिता का रो रोकर बुरा हाल था। हरीश ने मोर्चरी पर रोते हुए बताया कि अनिल की हत्या से पूरा परिवार टूट चुका है। अनिल सूरजकुंड स्थित एक कारखाने में काम करता था, जो शहर में रहता था। एक माह से घर नहीं आया था।
कहां से आया तमंचा:
पुलिस का कहना है कि सीमा का बेटा बालिग है या नाबालिग यह गिरफ्तारी के बाद पता चलेगा। मां ने बेटे की उम्र 17 साल बताई है। वहीं 17 साल के किशोर पर तमंचा क हां से आया इसका कोई जबाव नहीं। आरोपी किशोर ने असलहा के साथ भी कई फोटो फेसबुक पर डाल रखे थे। पुलिस का मानना कि किशोर ने पहले से ही अनिल की हत्या की प्लानिंग की थी, इसी के चलते वह तमंचा लेकर घर में सोया था।