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कांवड़ यात्रा में खास मददगार बनेंगी 230 ‘आंखें’
Updated Fri, 20 Jul 2018 03:04 AM IST
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मेरठ। शहर में लगे 230 सीसीटीवी कैमरे इस बार कांवड़ यात्रा में खास मददगार होंगे। अत्याधुनिक ट्रैफिक कंट्रोल रूम से जुड़े इन कैमरों से नजर रखी जाएगी। कोई भी संदिग्ध बात सामने आने पर उस प्वाइंट पर तत्काल पुलिस पहुंचेगी। कांवड़ यात्रा की तैयारियों के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन कई खास प्लान तैयार कर रहा है।
24 घंटे होगी निगरानी
कांवड़ यात्रा में ट्रैफिक कंट्रोल रूम पहली बार मददगार होगा। एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेयी के अनुसार कंट्रोल रूम से शहर की 24 घंटे मॉनिटरिंग होगी। दो-दो शिफ्टों में 24 घंटे यहां पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे। शहर के हर खास हिस्से के मूवमेंट पर पुलिस की नजर रहेगी।
अफवाह फैलाने वाले नपेंगे
कांवड़ यात्रा के दौरान आपत्तिजनक वीडियो, मेसेज वायरल या पोस्ट करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। इसके लिए साइबर सेल को जिम्मेदारी दी गई है। एसपी सिटी रणविजय सिंह के अनुसार अफवाहें फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों पर आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई होगी।
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संवेदनशील क्षेत्रों में सीपीएमएफ
गाजियाबाद, दिल्ली और राजस्थान जाने वाले अधिकांश कांवड़िये शहर के अंदर से होकर गुजरते हैं। दिल्ली रोड पर सोतीगंज, जली कोठी और घंटाघर क्षेत्र इस कांवड़ मार्ग पर पर हैं। इन मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों के अलावा हापुड़ रोड पर पुलिस और पीएसी के साथ केंद्रीय पैरा मिलिट्री फोर्स को तैनात किया जाएगा।
सामाजिक संस्थाओं की मदद
सामाजिक और स्वयंसेवी संस्थाओं के स्वयंसेवकों की भी मदद ली जाएगी। शहर में 20 से अधिक ऐसी संस्थाएं हैं। एनसीसी कैडेट्स और सिविल डिफेंस के सदस्यों को भी आगे रखा जाएगा। प्रयास है कि ये लोग अपनी खास ड्रेस में अपने परिचय पत्र के साथ कांवड़ मार्गों में तैनात रहेंगे।
व्हाट्स एप ग्रुप से जोड़ेंगे
जिले में कांवड़ मार्ग में दो दर्जन से ज्यादा गांव मिश्रित आबादी में आते हैं, जो काफी संवेदनशील हैं। कांवड़ यात्रा से पहले संबंधित एसडीएम और थाना पुलिस और सर्किल के सीओ इन गांवों में बैठक करेंगे। इन गांवों के दोनो समुदाय के गणमान्य लोगों के मोबाइल नंबर जुटाए जाएंगे। इसी तरह शहर में भी होगा। इन गणमान्य लोगों का व्हाट्स एप ग्रुप बनाकर इन्हें सीधे पुलिस से जोड़ा जाएगा। जिससे वहां के माहौल की हर खबर पुलिस को रहेगी।
कांवड़, गंगाजल का इंतजाम
पिछले वर्षों में कांवड़ यात्रा के दौरान वाहन की साइड लगने आदि वजहों से कांवड़ खंडित होने पर बखेड़ा हुआ था। इस वजह से इस बार भी पुलिस कांवड़ और गंगाजल की व्यवस्था पहले से रखेगी, ताकि कोई भी हादसा होने पर कांवड़ और गंगाजल तुरंत उपलब्ध करा दिया जाए।
पुख्ता होंगे इंतजाम
कांवड़ यात्रा के दौरान पुख्ता सुरक्षा बंदोबस्त होंगे। मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा रहेगी। कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले गांवों और शहर में गणमान्य लोगों और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से इस यात्रा को सफल बनाया जाएगा। -राजेश कुमार पांडेय, एसएसपी
खास बातें:
शहर में लगे हैं 230 सीसीटीवी कैमरे, ट्रैफिक कंट्रोल रूम से हैं जुड़े
महानगर के मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में रहेगी खास नजर
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24 घंटे होगी निगरानी
कांवड़ यात्रा में ट्रैफिक कंट्रोल रूम पहली बार मददगार होगा। एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेयी के अनुसार कंट्रोल रूम से शहर की 24 घंटे मॉनिटरिंग होगी। दो-दो शिफ्टों में 24 घंटे यहां पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे। शहर के हर खास हिस्से के मूवमेंट पर पुलिस की नजर रहेगी।
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अफवाह फैलाने वाले नपेंगे
कांवड़ यात्रा के दौरान आपत्तिजनक वीडियो, मेसेज वायरल या पोस्ट करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। इसके लिए साइबर सेल को जिम्मेदारी दी गई है। एसपी सिटी रणविजय सिंह के अनुसार अफवाहें फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों पर आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई होगी।
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संवेदनशील क्षेत्रों में सीपीएमएफ
गाजियाबाद, दिल्ली और राजस्थान जाने वाले अधिकांश कांवड़िये शहर के अंदर से होकर गुजरते हैं। दिल्ली रोड पर सोतीगंज, जली कोठी और घंटाघर क्षेत्र इस कांवड़ मार्ग पर पर हैं। इन मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों के अलावा हापुड़ रोड पर पुलिस और पीएसी के साथ केंद्रीय पैरा मिलिट्री फोर्स को तैनात किया जाएगा।
सामाजिक संस्थाओं की मदद
सामाजिक और स्वयंसेवी संस्थाओं के स्वयंसेवकों की भी मदद ली जाएगी। शहर में 20 से अधिक ऐसी संस्थाएं हैं। एनसीसी कैडेट्स और सिविल डिफेंस के सदस्यों को भी आगे रखा जाएगा। प्रयास है कि ये लोग अपनी खास ड्रेस में अपने परिचय पत्र के साथ कांवड़ मार्गों में तैनात रहेंगे।
व्हाट्स एप ग्रुप से जोड़ेंगे
जिले में कांवड़ मार्ग में दो दर्जन से ज्यादा गांव मिश्रित आबादी में आते हैं, जो काफी संवेदनशील हैं। कांवड़ यात्रा से पहले संबंधित एसडीएम और थाना पुलिस और सर्किल के सीओ इन गांवों में बैठक करेंगे। इन गांवों के दोनो समुदाय के गणमान्य लोगों के मोबाइल नंबर जुटाए जाएंगे। इसी तरह शहर में भी होगा। इन गणमान्य लोगों का व्हाट्स एप ग्रुप बनाकर इन्हें सीधे पुलिस से जोड़ा जाएगा। जिससे वहां के माहौल की हर खबर पुलिस को रहेगी।
कांवड़, गंगाजल का इंतजाम
पिछले वर्षों में कांवड़ यात्रा के दौरान वाहन की साइड लगने आदि वजहों से कांवड़ खंडित होने पर बखेड़ा हुआ था। इस वजह से इस बार भी पुलिस कांवड़ और गंगाजल की व्यवस्था पहले से रखेगी, ताकि कोई भी हादसा होने पर कांवड़ और गंगाजल तुरंत उपलब्ध करा दिया जाए।
पुख्ता होंगे इंतजाम
कांवड़ यात्रा के दौरान पुख्ता सुरक्षा बंदोबस्त होंगे। मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा रहेगी। कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले गांवों और शहर में गणमान्य लोगों और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से इस यात्रा को सफल बनाया जाएगा। -राजेश कुमार पांडेय, एसएसपी
खास बातें:
शहर में लगे हैं 230 सीसीटीवी कैमरे, ट्रैफिक कंट्रोल रूम से हैं जुड़े
महानगर के मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में रहेगी खास नजर