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गंदगी की शिकायत की तो पार्षद के घर पर बोला हमला
Updated Wed, 11 Jul 2018 02:40 AM IST
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गंदगी की शिकायत की तो पार्षद के घर बोला हमला
मेरठ। वार्ड में गंदगी के ढेर होने, सफाई कर्मचारियों के काम पर न आने की शिकायत करना भाजपा पार्षद को भारी पड़ गया। वाल्मीकि समाज के कुछ लोगों ने पार्षद के घर पर हमला बोल दिया। पार्षद का आरोप है कि हमला करने वालों ने उनकी मां के साथ मारपीट और गाली गलौज की। साथ ही पार्षद को जान से मारने की धमकी दी। इसके विरोध में भाजपा महानगर अध्यक्ष के नेतृत्व में भाजपा पार्षद थाना सिविल लाइन पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में ले लिया। हालांकि बाद में सफाई कर्मचारी समझौते के लिए भाजपाइयों के पास पहुंच गए।
नगर निगम के वार्ड 58 के भाजपा पार्षद अंशुल गुप्ता ने पिछले सप्ताह नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान से शिकायत की थी कि वार्ड में सफाई कर्मचारी नहीं आ रहे हैं। नगरायुक्त ने वार्ड का निरीक्षण किया था। इस दौरान एक भी सफाई कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं मिला था। नगरायुक्त ने सफाई कर्मचारियों का वेतन काट दिया। पार्षद अंशुल गुप्ता का आरोप है कि वेतन काटे जाने पर मंगलवार को सपा नेता विपिन मनोठिया के नेतृत्व 15-20 लोगों ने मकान पर हमला बोल दिया। पार्षद ने सिविल लाइन थाने में उनके खिलाफ पर तहरीर दी है। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में ले लिया है।
नहीं होगा समझौता
सफाई कर्मचारी काम करने को तैयार नहीं हैँ। पार्षद शिकायत करते हैं तो पार्षदों के घर हमला कर रहे हैं। मान सम्मान को ठेस पहुंचाई जा रही है। इसमें समझौता नहीं होगा। जो लोग पुलिस ने पकड़े हैं उन्होंने थाने के अंदर भी अभद्र व्यवहार किया है। विपिन जिंदल, पार्षद दल नेता भाजपा
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अभद्रता नहीं की
पार्षद अंशुल ने 32 सफाई कर्मचारियों का वेतन कटवा दिया। सुपरवाइजर नरेश पारचा और नितिन को वार्ड से हटवाया। अब महिला सुपरवाइजर को परेशान कर रहा है। हम उनके कार्यालय पर पार्षद से शिकायत करने गए थे। यह बात सही है कि हमने नारेबाजी की और पार्षद की माता जी से मिले थे। लेकिन हमने न तो कोई अभद्रता की और न ही धमकी दी। विपिन मनोठिया, सपा नेता
यह दुर्भाग्यपूर्ण है
अगर सफाई कर्मचारी काम पर नहीं आ रहे हैं तो पार्षद को पहले सफाई कर्मचारियों से बात करनी चाहिए थी। वेतन काटे जाने से सफाई कर्मचारियों को पीड़ा हुई है। जिससे क्षुब्ध होकर कुछ लोग पार्षद के घर गए। जो भी कहा सुनी हुई वह दुर्भाग्य पूर्ण है। ऐसा भविष्य में भी नहीं होना चाहिए। दोनों पक्षों में समझौते के प्रयास चल रहे हैं। विनेश विद्यार्थी, सफाई कर्मचारी नेता
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मेरठ। वार्ड में गंदगी के ढेर होने, सफाई कर्मचारियों के काम पर न आने की शिकायत करना भाजपा पार्षद को भारी पड़ गया। वाल्मीकि समाज के कुछ लोगों ने पार्षद के घर पर हमला बोल दिया। पार्षद का आरोप है कि हमला करने वालों ने उनकी मां के साथ मारपीट और गाली गलौज की। साथ ही पार्षद को जान से मारने की धमकी दी। इसके विरोध में भाजपा महानगर अध्यक्ष के नेतृत्व में भाजपा पार्षद थाना सिविल लाइन पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में ले लिया। हालांकि बाद में सफाई कर्मचारी समझौते के लिए भाजपाइयों के पास पहुंच गए।
नगर निगम के वार्ड 58 के भाजपा पार्षद अंशुल गुप्ता ने पिछले सप्ताह नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान से शिकायत की थी कि वार्ड में सफाई कर्मचारी नहीं आ रहे हैं। नगरायुक्त ने वार्ड का निरीक्षण किया था। इस दौरान एक भी सफाई कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं मिला था। नगरायुक्त ने सफाई कर्मचारियों का वेतन काट दिया। पार्षद अंशुल गुप्ता का आरोप है कि वेतन काटे जाने पर मंगलवार को सपा नेता विपिन मनोठिया के नेतृत्व 15-20 लोगों ने मकान पर हमला बोल दिया। पार्षद ने सिविल लाइन थाने में उनके खिलाफ पर तहरीर दी है। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में ले लिया है।
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नहीं होगा समझौता
सफाई कर्मचारी काम करने को तैयार नहीं हैँ। पार्षद शिकायत करते हैं तो पार्षदों के घर हमला कर रहे हैं। मान सम्मान को ठेस पहुंचाई जा रही है। इसमें समझौता नहीं होगा। जो लोग पुलिस ने पकड़े हैं उन्होंने थाने के अंदर भी अभद्र व्यवहार किया है। विपिन जिंदल, पार्षद दल नेता भाजपा
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अभद्रता नहीं की
पार्षद अंशुल ने 32 सफाई कर्मचारियों का वेतन कटवा दिया। सुपरवाइजर नरेश पारचा और नितिन को वार्ड से हटवाया। अब महिला सुपरवाइजर को परेशान कर रहा है। हम उनके कार्यालय पर पार्षद से शिकायत करने गए थे। यह बात सही है कि हमने नारेबाजी की और पार्षद की माता जी से मिले थे। लेकिन हमने न तो कोई अभद्रता की और न ही धमकी दी। विपिन मनोठिया, सपा नेता
यह दुर्भाग्यपूर्ण है
अगर सफाई कर्मचारी काम पर नहीं आ रहे हैं तो पार्षद को पहले सफाई कर्मचारियों से बात करनी चाहिए थी। वेतन काटे जाने से सफाई कर्मचारियों को पीड़ा हुई है। जिससे क्षुब्ध होकर कुछ लोग पार्षद के घर गए। जो भी कहा सुनी हुई वह दुर्भाग्य पूर्ण है। ऐसा भविष्य में भी नहीं होना चाहिए। दोनों पक्षों में समझौते के प्रयास चल रहे हैं। विनेश विद्यार्थी, सफाई कर्मचारी नेता