फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   क्रॉस केस के चक्कर में फर्जी मुकदमों का खेल

क्रॉस केस के चक्कर में फर्जी मुकदमों का खेल

Thu, 05 Jul 2018 02:44 AM IST
Updated Thu, 05 Jul 2018 02:44 AM IST
विज्ञापन
क्रॉस केस के चक्कर में फर्जी मुकदमों का खेल
मेरठ। क्रॉस केस कराने के चक्कर में जानलेवा हमले के फर्जी केस दर्ज कराए जा रहे हैं। कंकरखेड़ा में एक केस का खुलासा होने के बाद एसएसपी ने इस तरह के संदिग्ध मामलों में गोपनीय पड़ताल शुरू करा दी है। इनमें सबसे ज्यादा मामले लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के हैं।
विज्ञापन

दरअसल आपसी विवाद और पुरानी रंजिश के चलते लोग एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराने का मौका नहीं छोड़ते। एक पक्ष ने मारपीट का केस दर्ज करा दिया तो दूसरा पक्ष भी विपक्षी के खिलाफ बड़ा केस बनाने का प्रयास करता है ताकि पीड़ित पक्ष पर फैसले का दबाव बनाया जा सके। कंकरखेड़ा पुलिस ने बीते सप्ताह इस तरह के एक केस का खुलासा किया था। इसमें एक युवक ने खुद को गोली मारकर अपने विपक्षियों के खिलाफ जानलेवा हमले का केस दर्ज करा दिया था।
विज्ञापन

एसपी सिटी रणविजय सिंह के अनुसार इस तरह के कई और मामले संज्ञान में आए हैं। जिनमें शक है कि विपक्षी को फंसाने के लिए ये केस बनाए गए हैं। इनमें से अधिकांश लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के हैं। थानाध्यक्षों से कहा गया है कि पुरानी रंजिश, आपसी विवाद के चलते दर्ज हुए क्रॉस केसों की सूची बनाकर उनकी गहनता से पड़ताल करें। अब थानों में प्रशासन, अपराध और कानून व्यवस्था के अलग-अलग इंस्पेक्टर होने से केस की तफ्तीश और बेहतर ढंग से भी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

मेडिकल में गन शॉट तो पुलिस भी मजबूर
पुलिस के मुताबिक दूसरों को फंसाने के लिए अपने पैर, हाथ, पेट में खाल को खींचकर मांस में इस तरह गोली मारते या अपने किसी साथी से लगवाते हैं कि शरीर को ज्यादा नुकसान ना हो। गोली लगे स्थान पर छर्रे की चोट ब्लैकनेस आदि आ जाती है। इस वजह से मेडिकल परीक्षण में भी ये गन शॉट ही आता है और पुलिस को भी केस दर्ज करना पड़ता है।

गंभीरता से कराएं जांच
कुछ मामलों में पुलिस को शुरू में ही संदेह होता है। लेकिन मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट में गन शॉट की पुष्टि होने पर पुलिस भी मजबूर होती है। कुछ संदिग्ध मामले संज्ञान में आए हैं। कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में इस तरह का खुलासा होने के बाद थानाध्यक्षों को हिदायत दी गई है कि कि वे इस तरह मामलों की गंभीरता से जांच कराएं। पुलिस किसी बेकसूर को नहीं फंसने देगी। -राजेश कुमार पांडेय एसएसपी
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed