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इंस्पेक्टर सस्पेंड, सीओ क्राइम पर जांच बैठी
Updated Wed, 27 Dec 2017 02:25 AM IST
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मेरठ। धोखाधड़ी के मुकदमे में बगैर तथ्य जुटाए फाइनल रिपोर्ट लगाने पर मंगलवार को एसएसपी ने क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया। साथ ही सीओ क्राइम के खिलाफ भी जांच बैठा दी।
एसएसपी मंजिल सैनी के मुताबिक फलावदा के महलका में जैन इंटर कॉलेज है। उसकी सोसाइटी पर गलत तरीके से पैसा लेने का आरोप लगा था। खतौली निवासी राकेश जैन की शिकायत पर कई लोगों पर केस दर्ज हुआ था। यह मामला लखनऊ तक गूंजा था। कई बार जांच पड़ताल हुई। जिसमें नामजद आरोपी गलत फंसाना बताया गया था।
एसएसपी के निर्देश पर एसपी क्राइम शिवराम यादव ने क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर केपी सिंह को विवेचना सौंपी थी। एसएसपी ने विवेचक से कहा था कि इस मुकदमे में एफआर लगाने से पूर्व उनको एक बार दिखा लें। लेकिन विवेचक ने तीन दिन में विवेचना पूरी कर फाइनल रिपोर्ट लगाकर कोर्ट में प्रस्तुत कर दी। मंगलवार को एसएसपी को इसके बारे में पता चला तो उन्होंने इंस्पेक्टर को सस्पेंड करते हुए सीओ पर जांच बैठा दी।
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कोर्ट से वापस मंगाओ रिपोर्ट
एसएसपी ने कहा कि इस मामले में कई नेताओं की सिफारिशें थी। कोई गलत रिपोर्ट न लग जाए। एफआर रिपोर्ट सीओ क्राइम द्वारा भेजी गई। जिस पर एसएसपी ने हैड पेशी अजित सिंह को कोर्ट से रिपोर्ट वापस मंगाने के निर्देश दिए। एसएसपी ने एसपी क्राइम को निर्देश दिए कि क्राइम ब्रांच द्वारा भेजी रिपोर्ट की एक बार जांच कराई जाए। उसके बाद ही कोर्ट में दाखिल होगी। कुछ इंस्पेक्टर पैसा लेकर चार्जशीट व एफआर लगा रहे हैं।
खास बातें:
- बगैर तथ्य जुटाए धोखाधड़ी के मुकदमे में लगा दी एफआर
- क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर को सौंपी गई थी विवेचना
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एसएसपी मंजिल सैनी के मुताबिक फलावदा के महलका में जैन इंटर कॉलेज है। उसकी सोसाइटी पर गलत तरीके से पैसा लेने का आरोप लगा था। खतौली निवासी राकेश जैन की शिकायत पर कई लोगों पर केस दर्ज हुआ था। यह मामला लखनऊ तक गूंजा था। कई बार जांच पड़ताल हुई। जिसमें नामजद आरोपी गलत फंसाना बताया गया था।
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एसएसपी के निर्देश पर एसपी क्राइम शिवराम यादव ने क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर केपी सिंह को विवेचना सौंपी थी। एसएसपी ने विवेचक से कहा था कि इस मुकदमे में एफआर लगाने से पूर्व उनको एक बार दिखा लें। लेकिन विवेचक ने तीन दिन में विवेचना पूरी कर फाइनल रिपोर्ट लगाकर कोर्ट में प्रस्तुत कर दी। मंगलवार को एसएसपी को इसके बारे में पता चला तो उन्होंने इंस्पेक्टर को सस्पेंड करते हुए सीओ पर जांच बैठा दी।
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कोर्ट से वापस मंगाओ रिपोर्ट
एसएसपी ने कहा कि इस मामले में कई नेताओं की सिफारिशें थी। कोई गलत रिपोर्ट न लग जाए। एफआर रिपोर्ट सीओ क्राइम द्वारा भेजी गई। जिस पर एसएसपी ने हैड पेशी अजित सिंह को कोर्ट से रिपोर्ट वापस मंगाने के निर्देश दिए। एसएसपी ने एसपी क्राइम को निर्देश दिए कि क्राइम ब्रांच द्वारा भेजी रिपोर्ट की एक बार जांच कराई जाए। उसके बाद ही कोर्ट में दाखिल होगी। कुछ इंस्पेक्टर पैसा लेकर चार्जशीट व एफआर लगा रहे हैं।
खास बातें:
- बगैर तथ्य जुटाए धोखाधड़ी के मुकदमे में लगा दी एफआर
- क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर को सौंपी गई थी विवेचना