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कानून ने बांधे गुडवर्क करने वाली पुलिस के हाथ

Mon, 01 Jan 2018 02:37 AM IST
Updated Mon, 01 Jan 2018 02:37 AM IST
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कानून ने बांधे गुडवर्क करने वाली पुलिस के हाथ
मेरठ। बिल्डर संजीव मित्तल के आफिस से 25 करोड़ की पुरानी करेंसी बरामद करने वाली पुलिस के हाथ गुडवर्क के बाद भी कानून से बंधे हैं। जब एफआईआर ही दर्ज नहीं कर सकती तो किस बात की विवेचना। उल्टा करेंसी की पहरेदारी अलग से करनी पड़ रही है। अब जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), आरबीआई या आयकर विभाग के भरोसे ही टिकी है।
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इस छापामारी कार्रवाई के बाद पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया था। इसके बाद कानूनी किताबें खंगाली गईं। विधिक राय भी ली गई। लेकिन बताया गया कि पुलिस को इस तरह के मामलों में अपनी तरफ से मुकदमा दर्ज कराने का अधिकार नहीं है। ऐसे में इसकी सूचना आयकर विभाग, आरबीआई और ईडी को दी गई। आयकर विभाग के अधिकारियों ने तो इसकी जांच की। लेकिन तीन दिन बाद भी आरबीआई या ईडी की तरफ से कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। ऐसे में कोई दिशा निर्देश न मिलने से मामला अधर में है।
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निजी मुचलके पर छोड़े चारों लोग
इस मामले में अभी तक एफआईआर नहीं हुई। जिसके चलते जहां पुलिस को बरामद पुरानी करेंसी की सुरक्षा करनी पड़ रही है तो वहीं, हिरासत में लिए चारों लोग भी थाने में बैठे रहे। इन लोगों के परिजन भी थाने में डेरा डाले रहे। नियमानुसार पुलिस किसी को अवैध हिरासत में नहीं रख सकती इसलिए थाना पुलिस खुद को सेफ करते हुए रोजाना लिखत पढ़त करती रही। इंस्पेक्टर परतापुर रघुराज सिंह ने रविवार रात बताया कि चारों लोगों को रिलीज किया जा चुका था। उन्हें बाद में बुलाकर पूछताछ हो रही है। देर रात चारों को निजी मुचलकों पर छोड़ दिया है।
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करेंसी ट्रेजरी में या मालखाने में
बिल्डर के ऑफिस से बरामद 25 करोड़ की पुरानी करेंसी कहां रखी जाएगी, इसको लेकर भी स्थिति साफ नहीं है। तीन दिन से बिल्डर के आफिस के बाहर पुरानी करेंसी की सुरक्षा में पुलिस लगी है। माना जा रहा है कि डीएम के निर्देश पर यह करेंसी ट्रेजरी में रखवायी जा सकती है। लेकिन रविवार को थाने के मालखाने में जगह बनायी जा रही थी। इंस्पेक्टर का कहना है कि कैश के बारे में अधिकारी निर्णय लेंगे। लेकिन थाने के मालखाने में व्यवस्था बनाई जा रही है।

कोर्ट में भेजेंगे रिपोर्ट
सीओ ब्रह्मपुरी अखिलेश भदौरिया के अनुसार पुलिस अपनी तरफ से केस दर्ज करने को अधिकृत नहीं है। फिलहाल थाने की जीडी में इसकी सूचना दर्ज की गई है। आयकर अधिकारी बिल्डर के ऑफिस में मौजूद कागजातों की जांच पड़ताल कर वहां से बरामद सामान का मीमो थाने में देकर गए हैं। रविवार को भी आरबीआई और ईडी के अधिकारी नहीं आए। पुलिस की ओर से अब कोर्ट में रिपोर्ट भेजी जाएगी। कोर्ट के निर्देशानुसार कार्रवाई होगी।
खास बातें
25 करोड़ की पुरानी करेंसी बरामद करने के बाद भी दर्ज नहीं कर सकती एफआईआर
ईडी, आरबीआई या आयकर विभाग के भरोसे टिकी जांच
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