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देहात में गोवंश कटान, शहर में बेचा जा रहा मीट
Updated Wed, 25 Jul 2018 03:04 AM IST
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मेरठ। लिसाड़ी गेट क्षेत्र के तारापुरी में मंगलवार सुबह पुलिस ने गोवंश का मांस बेचे जाने की सूचना पर छापा मारा। पुलिस ने दुकान से दुकानदार समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, चालक गाड़ी लेकर फरार हो गया। पुलिस ने मांस को कब्जे में लेकर सैंपल भरवाकर उसे मिट्टी में दबवा दिया।
पुलिस के अनुसार तारापुरी में वसीम और उसके भाई की मीट की दुकान है। इनके अलावा तारापुरी, लिसाड़ीगेट, इस्लामाबाद और अन्य दुकानों पर भी मीट बेचा जाता है। मंगलवार सुबह मुखबिर ने सूचना दी कि वसीम अपने भाई के साथ मिलकर दुकान पर गोवंश का मांस लेकर पहुंचा है। इस दौरान टाटा मैजिक से मांस उतारकर दुकान में रखा जा रहा था। सूचना पर सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला, लिसाड़ी गेट इंस्पेक्टर मो. असलम मौके पर पहुंचे। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी चालक दुकान के बाहर से मांस से भरी गाड़ी लेकर फरार हो गया। पुलिस ने दुकान में छापा मारकर करीब तीन क्विंटल मांस बरामद कर लिया। पुलिस ने दुकान मालिक वसीम और शाहआलम को पकड़ लिया।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि किठौर के राधना और अन्य गांवों के जंगल में रात में गोवंश का कटान कर दुकानों पर मांस बेचा जाता है। पुलिस ने बरामद मांस के सैंपल भरवाने के बाद जांच के लिए भेज दिए। सीओ दिनेश शुक्ला ने बताया कि गोवध अधिनियम की धारा में रिपोर्ट दर्ज करते हुए वसीम और शाहआलम को गिरफ्तार कर लिया है। फरार शादाब और अनस की गिरफ्तारी के लिए भी दबिश दी जा रही है। सीओ का कहना है कि जहां गोवंश क ाटने की बात कही है, पुलिस वहां भी जांच कर रही है। प्रथम दृष्टया मांस गोवंश का बताया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद इसकी आधिकारिक पुष्टि होगी।
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कटान के बाद लाया जाता था मीट
पकड़े गये आरोपियों ने पूछताछ में बताया राधना के जंगल के अलावा किठौर और देहात क्षेत्र में रात में गोवंश को लाकर कटान करते थे। जिसके बाद दिन निकलने से पहले ही मांस को गाड़ियों में भरकर लिसाड़ीगेट क्षेत्र की दुकानों पर सप्लाई करते थे। जो मांस बच जाता था उसे हापुड़ रोड स्थित एक फैक्ट्री में पहुंचा देते थे। शादाब ही टाटा मैजिक और कार में रखकर मांस लाता था।
पांच दिन पहले बिना जांच के छोड़ा था मांस
पांच दिन पहले भी कुछ लोगों ने लिसाड़ीगेट पुलिस को सूचना दी थी कि इस्लामाबाद में मीट की दुकानों पर गाय का मांस बेचा जा रहा है। जिसमें लिसाड़ी गेट थाने का एक दरोगा पहुंचा था जिसने भैंस का मीट बता दिया। बाद में सीओ और इंस्पेक्टर मौके पर पहुंचे तो दुकानदार फरार हो गये। दरोगा के खिलाफ जांच चल रही है।
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पुलिस के अनुसार तारापुरी में वसीम और उसके भाई की मीट की दुकान है। इनके अलावा तारापुरी, लिसाड़ीगेट, इस्लामाबाद और अन्य दुकानों पर भी मीट बेचा जाता है। मंगलवार सुबह मुखबिर ने सूचना दी कि वसीम अपने भाई के साथ मिलकर दुकान पर गोवंश का मांस लेकर पहुंचा है। इस दौरान टाटा मैजिक से मांस उतारकर दुकान में रखा जा रहा था। सूचना पर सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला, लिसाड़ी गेट इंस्पेक्टर मो. असलम मौके पर पहुंचे। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी चालक दुकान के बाहर से मांस से भरी गाड़ी लेकर फरार हो गया। पुलिस ने दुकान में छापा मारकर करीब तीन क्विंटल मांस बरामद कर लिया। पुलिस ने दुकान मालिक वसीम और शाहआलम को पकड़ लिया।
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पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि किठौर के राधना और अन्य गांवों के जंगल में रात में गोवंश का कटान कर दुकानों पर मांस बेचा जाता है। पुलिस ने बरामद मांस के सैंपल भरवाने के बाद जांच के लिए भेज दिए। सीओ दिनेश शुक्ला ने बताया कि गोवध अधिनियम की धारा में रिपोर्ट दर्ज करते हुए वसीम और शाहआलम को गिरफ्तार कर लिया है। फरार शादाब और अनस की गिरफ्तारी के लिए भी दबिश दी जा रही है। सीओ का कहना है कि जहां गोवंश क ाटने की बात कही है, पुलिस वहां भी जांच कर रही है। प्रथम दृष्टया मांस गोवंश का बताया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद इसकी आधिकारिक पुष्टि होगी।
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कटान के बाद लाया जाता था मीट
पकड़े गये आरोपियों ने पूछताछ में बताया राधना के जंगल के अलावा किठौर और देहात क्षेत्र में रात में गोवंश को लाकर कटान करते थे। जिसके बाद दिन निकलने से पहले ही मांस को गाड़ियों में भरकर लिसाड़ीगेट क्षेत्र की दुकानों पर सप्लाई करते थे। जो मांस बच जाता था उसे हापुड़ रोड स्थित एक फैक्ट्री में पहुंचा देते थे। शादाब ही टाटा मैजिक और कार में रखकर मांस लाता था।
पांच दिन पहले बिना जांच के छोड़ा था मांस
पांच दिन पहले भी कुछ लोगों ने लिसाड़ीगेट पुलिस को सूचना दी थी कि इस्लामाबाद में मीट की दुकानों पर गाय का मांस बेचा जा रहा है। जिसमें लिसाड़ी गेट थाने का एक दरोगा पहुंचा था जिसने भैंस का मीट बता दिया। बाद में सीओ और इंस्पेक्टर मौके पर पहुंचे तो दुकानदार फरार हो गये। दरोगा के खिलाफ जांच चल रही है।