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शूटर हसीन लूट के बाद मारता था सिर में गोली
Updated Sun, 31 Dec 2017 02:57 AM IST
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मेरठ। शूटर हसीन मोटा लूट की घटना में अक्सर सिर में गोली मारता था। मेरठ में एक दर्जन से अधिक लूट के बाद वह हत्या कर चुका था। मुजफ्फरनगर और खतौली के इनामी बदमाशों से हसीन के संपर्क थे। हत्या के बाद हसीन पुराने मुकदमे में जमानत तुड़वाकर जेल चला जाता था। जिससे पुलिस से वह अक्सर बच जाता था। छह माह पहले वह जेल से छूटा था। लिसाड़ी गेट के एक दर्जन से अधिक बदमाश उसके गैंग में जुड़े हैं।
पुलिस का दावा है कि हसीन दस साल पहले पशु लूटता था। हसीन मुजफ्फरनगर के बदमाश अकरम हाफिज और खतौली के दानिश से जुड़ गया था। जिन्होंने उसे शामली के कुख्यात मुकीम काला से मिलवाया। उसके बाद हसीन जरायम के रास्ते पर बढ़ता गया। लूट, हत्या और रंगदारी न देने पर गोली मारना उसका शौक बन गया था। मुकीम काला ने दो साल पहले हसीन के जरिये दौराला में पशु व्यापारियों से 12 लाख की लूट की थी। पुलिस ने कई बार हसीन को जेल भेजा। लेकिन जेल से छूटते ही वह संगीन वारदात कर देता था।
दोनों बदमाश 50 हजारी
एसपी क्राइम शिवराम यादव ने बताया कि मुजफ्फरनगर निवासी अकरम हाफिज और खतौली निवासी दानिश पर भी 50-50 हजार का इनाम है। हसीन फिलहाल इनके साथ ही वारदात कर रहा था। पुलिस ने पांच लोग एक सप्ताह पहले पकड़े थे। जिन्होंने हसीन और दोनों बदमाशों के एक साथ होने की जानकारी दी थी। अब पुलिस टीम हसीन के साथियों की तलाश में जुटी है।
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भाड़े पर करने लगा था हत्या
पुलिस के मुताबिक कुख्यात हसीन भाडे़ पर हत्या करने लगा था। लिसाड़ी गेट के एक दर्जन से भी अधिक बदमाश उससे जुड़े हैं। वारदात करने के बाद हसीन मेरठ से गायब हो जाता था। पुलिस उसे ढूंढने लगती थी तो वह गुपचुप तरीके से सेटिंग कर जेल चला जाता था। बताया गया कि हसीन के संपर्क में कई पुलिसकर्मी भी थे जो उसे पुलिस की गतिविधियों के बारे में बताते थे।
पवन गोयल का किया था मर्डर
दिल्ली रोड पर नवीन मंडी में दो साल पहले व्यापारी पवन गोयल की बदमाशों ने लूट के बाद हत्या कर दी थी। पुलिस की जांच में हसीन मोटा का नाम सामने आया। इससे पहले पुलिस उसको गिरफ्तार करती कि वह एक मुकदमे में जमानत तुड़वाकर जेल चला गया। उसके बाद पुलिस ने पवन की हत्या का खुलासा किया, जोकि फर्जी था। इसको लेकर पुलिस की खूब किरकिरी हुई थी।
खास बातें:
- पशुओं को लूटते-लूटते बना बड़ा बदमाश
- मुजफ्फरनगर, खतौली के बदमाश भी संपर्क में थे
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पुलिस का दावा है कि हसीन दस साल पहले पशु लूटता था। हसीन मुजफ्फरनगर के बदमाश अकरम हाफिज और खतौली के दानिश से जुड़ गया था। जिन्होंने उसे शामली के कुख्यात मुकीम काला से मिलवाया। उसके बाद हसीन जरायम के रास्ते पर बढ़ता गया। लूट, हत्या और रंगदारी न देने पर गोली मारना उसका शौक बन गया था। मुकीम काला ने दो साल पहले हसीन के जरिये दौराला में पशु व्यापारियों से 12 लाख की लूट की थी। पुलिस ने कई बार हसीन को जेल भेजा। लेकिन जेल से छूटते ही वह संगीन वारदात कर देता था।
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दोनों बदमाश 50 हजारी
एसपी क्राइम शिवराम यादव ने बताया कि मुजफ्फरनगर निवासी अकरम हाफिज और खतौली निवासी दानिश पर भी 50-50 हजार का इनाम है। हसीन फिलहाल इनके साथ ही वारदात कर रहा था। पुलिस ने पांच लोग एक सप्ताह पहले पकड़े थे। जिन्होंने हसीन और दोनों बदमाशों के एक साथ होने की जानकारी दी थी। अब पुलिस टीम हसीन के साथियों की तलाश में जुटी है।
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भाड़े पर करने लगा था हत्या
पुलिस के मुताबिक कुख्यात हसीन भाडे़ पर हत्या करने लगा था। लिसाड़ी गेट के एक दर्जन से भी अधिक बदमाश उससे जुड़े हैं। वारदात करने के बाद हसीन मेरठ से गायब हो जाता था। पुलिस उसे ढूंढने लगती थी तो वह गुपचुप तरीके से सेटिंग कर जेल चला जाता था। बताया गया कि हसीन के संपर्क में कई पुलिसकर्मी भी थे जो उसे पुलिस की गतिविधियों के बारे में बताते थे।
पवन गोयल का किया था मर्डर
दिल्ली रोड पर नवीन मंडी में दो साल पहले व्यापारी पवन गोयल की बदमाशों ने लूट के बाद हत्या कर दी थी। पुलिस की जांच में हसीन मोटा का नाम सामने आया। इससे पहले पुलिस उसको गिरफ्तार करती कि वह एक मुकदमे में जमानत तुड़वाकर जेल चला गया। उसके बाद पुलिस ने पवन की हत्या का खुलासा किया, जोकि फर्जी था। इसको लेकर पुलिस की खूब किरकिरी हुई थी।
खास बातें:
- पशुओं को लूटते-लूटते बना बड़ा बदमाश
- मुजफ्फरनगर, खतौली के बदमाश भी संपर्क में थे