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कुख्यातों से शूटरों के नाम उगलवाना बनी चुनौती

Wed, 08 Nov 2017 02:03 AM IST
Updated Wed, 08 Nov 2017 02:03 AM IST
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कुख्यातों से शूटरों के नाम उगलवाना बनी चुनौती
मेरठ। ढबाई नगर के दोहरे हत्याकांड में जेल में बंद कुख्यात भाइयों ने एक तीर से दो निशाने साधे हैं। अपनी दूध की डेयरी चलवाने की समस्या का हल हो गया और दुश्मन हत्या के केस में नामजद हो गए। लेकिन खुलासा करने का दावा करने वाली पुलिस दोनों कुख्यातों से उनके शूटरों का नाम नहीं उगलवा सकी। पुलिस अभी तक इस मामले में उलझी हुई है।
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एसएसपी मंजिल सैनी के मुताबिक ढबाई नगर में बीती दो नवंबर की शाम सलीम व शम्मी की हत्या सारिक व फाईक के शूटरों ने की थी। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि सलीम के एक महिला से संबंध थे। महिला के भाई ने इन दोनों भाईयों से जेल में मुलाकात की। जिस पर दोनों ने हत्या कराकर मुकदमा अपने दुश्मन सलमान और उसके परिवार पर दर्ज करवा दिया। मुकदमा भी सारिक के भाई वामिक की तरफ से लिखा गया। पुलिस चार दिन से लगातार जिला जेल में सारिक और फाईक से पूछताछ कर खाली हाथ लौट जाती है। पुलिस का कहना है कि दोनों भाई शातिर अपराधी हैं। दोनों एक भी शूटर का नाम-पता बताने को तैयार नहीं हैं। शूटरों की कोई जानकारी दोनों भाइयों के अलावा कोई नहीं जानता।
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जानकारों ने बताई साजिश
पुलिस ने दोहरे हत्याकांड में पांच संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया हुआ है। सारिक व फाईक से जुडे़ कई लोगों से पुलिस पूछताछ कर चुकी है। दावा है कि सारिक से जुड़े लोगों ने भी बताया कि यह हत्याकांड सारिक व फाईक की साजिश से हुआ है। हालांकि दोनों भाईयों ने यह जुर्म कबूल नहीं किया है।
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नामजद पकड़े नहीं, थ्योरी बदल गई
इस मामले में सलमान का भाई आमिर, आसिफ व उसके पिता निजामुद्दीन समेत सात लोग नामजद हैं। इन नामजद आरोपियों पर पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस एक भी आरोपी गिरफ्तार नहीं कर सकी है। लेकिन थ्योरी जरूर बदल दी है। पुलिस की जांच भी संदेह के घेरे में है। चर्चा है कि पुलिस नामजद व शूटरों को नहीं पकड़ सकी तो मामला दूसरी तरफ घुमाना चाहती है।
पुलिसकर्मी सस्पेंड, बाकी सब मौन
फाईक इलाज के बहाने प्लानिंग के तहत दिल्ली जाता था। ढाबे पर मीटिंग कर हत्याओं की साजिश रचता था। कुख्यातों के मददगार बने दो हेड कांस्टेबलों और तीन सिपाहियों को एसएसपी ने सस्पेंड कर दिया है। लेकिन बाकी पर अभी पुलिस अधिकारियों ने चुप्पी साधी है। जबकि पुलिस की जांच में जेल प्रशासन की भूमिका संदेह के घेरे में है। सवाल उठता है कि आखिर और लोगों पर अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं।
सर्विलांस से जोड़ रहे कड़ी
पुलिस का दावा है कि हत्या में सारिक व फाईक गैंग है, इसकी कड़ी सर्विलांस से जोड़ी जा रही है। हत्या से पहले मुरादनगर स्थित झिलमिल ढाबे पर प्लानिंग बनी थी। कई संदिग्ध नंबरों की कॉल डिटेल से पुलिस इसका खुलासा करने का दावा कर रही है। लेकिन जेल में बंद कुख्यात दोनों भाई क्राइमसीन का हवाला देकर पुलिस की थ्योरी को उल्टा बताने में लगे हैं।

जल्द करेंगे खुलासा
एसएसपी मंजिल सैनी के अनुसार दोहरा हत्याकांड सारिक व उसके भाई फाईक के शूटरों ने किया है। कई सुबूत पुलिस के हाथ लगे है। लेकिन कुख्यात अभी कबूल नहीं कर रहे। शूटरों की गिरफ्तारी न होने से मामला उलझा हुआ है। इस मामले का जल्द खुलासा होगा।
ढबाई नगर डबल मर्डर
- जेल में बंद कुख्यात सारिक और फाईक ने पूछताछ में नहीं खोला मुंह
- पुलिस ने पांच लोग हिरासत में लिए, कई सुबूत भी हाथ लगे
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