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शहर में अब ट्रैफिक के लिए अलग कंट्रोल रूम
Updated Wed, 02 Aug 2017 02:06 AM IST
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मेरठ। जाम की समस्या से लगातार जूझ रहे शहर की समस्या के लिए अब ट्रैफिक पुलिस का अलग कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। मंगलवार को प्राईवेट कंपनी ने ऑनलाइन सॉफ्टवेयर तैयार करने के लिए ट्रैफिक अधिकारियों के साथ मीटिग की। एसएसपी मंजिल सैनी भी कंट्रोल रूम को जल्द शुरू करने के प्रयास में लगी हैं।
लखनऊ में आधुनिक कंट्रोल रूम बनने के बाद 100 नंबर पर सीधी शिकायतें लखनऊ कंट्रोल रूम पहुंच रहीं है। ऐसी स्थिति में ट्रैफिक से संबंधित शिकायत भी लखनऊ कंट्रोल रूम जा रही है। शहर में जाम की समस्या की सूचना ट्रैफिक पुलिस को नहीं मिल पाती। ट्रैफिक पुलिस का अलग कंट्रोल रूम बनने से ट्रैफिक संबंधी सूचना तुरंत मिल सकेंगी।
कंट्रोल रूम में होगा ऑनलाइन सिस्टम
एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेई ने बताया कि पुलिस लाइन में ही ट्रैफिक पुलिस का कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। वायरलेस सिस्टम के अलावा इसे इंटरनेट से जोड़ा जाएगा। ट्रैफिक पुलिस के कंट्रोल रूम का एक नंबर शहर में जारी कर दिया जाएगा। प्रत्येक चौराहे और जाम के प्वाइंटों पर सीसी टीवी कैमरे भी लगाये जायेंगे। कंट्रोल रूम पर जाम की सूचना मिलने पर वायरलेट सेट पर सूचना फ्लैश होते ही पहले ट्रैफिक मोबाईल (ट्रैमो पहुंचेगी) उसके बाद उस क्षेत्र के एचसपी और बाद में टीएसआई या ट्रैफिक इंस्पेक्टर जाम खुलवायेंगे। कंट्रोल रूम से सीसी टीवी कैमरे के माध्यम से यह भी देख लिया जाएगा कि जहां की सूचना है वहां जाम है या नहीं। मौके पर कौन पुलिसकर्मी तैनात हैं। अभी तक ट्रैफिक पुलिस की डयूटी सुबह सात बजे से रात्रि नौ बजे तक हैं। लेकिन कंट्रोल बनाने के बाद रात्रि डयूटी भी बढ़ाई जाएगी।
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यहां तो पूरा शहर जाम है
मेरठ। ट्रैफिक पुलिस की पहल से ट्रैफिक सिस्टम सुधरने की उम्मीद बढ़ी है, लेकिन अभी के हालात तो पूरे शहर में जाम के हैं। हर चौराहा जाम रहता है। ऐसे में सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। कंट्रोल रूम पर केवल सूचना ही दी जा सकती है, सूचना तो जाम की पूरी ट्रैफिक पुलिस को अभी भी रहती है। अभी जाम को रोकने के प्रयास मजबूती से क्यों नहीं होते। अभी तक ट्रैफिक पुलिस जाम से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं कर पा रही है। हापुड़ अड्डा, रेलवे रोड चौराहा, बागपत अड्डा, वेस्ट एडं रोड, जीरो माइल, बच्चा पार्क ज्यादातर जाम रहते हैं। इन चौराहों से गुजरने वाले लोग पुलिस को कोसते हुए निकलते हैं। चौराहे जाम होने पर लोग गलियों से निकलते हैं, नतीजा पूरा शहर जाम हो जाता है।
- अभी तक पुलिस कंट्रोल रूम पर की शिकायतें पहुंचतीं हैं लखनऊ
- ऑनलाइन साफ्टवेयर बनाने के लिए हुई ट्रैफिक अफसरों की बैठक
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लखनऊ में आधुनिक कंट्रोल रूम बनने के बाद 100 नंबर पर सीधी शिकायतें लखनऊ कंट्रोल रूम पहुंच रहीं है। ऐसी स्थिति में ट्रैफिक से संबंधित शिकायत भी लखनऊ कंट्रोल रूम जा रही है। शहर में जाम की समस्या की सूचना ट्रैफिक पुलिस को नहीं मिल पाती। ट्रैफिक पुलिस का अलग कंट्रोल रूम बनने से ट्रैफिक संबंधी सूचना तुरंत मिल सकेंगी।
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कंट्रोल रूम में होगा ऑनलाइन सिस्टम
एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेई ने बताया कि पुलिस लाइन में ही ट्रैफिक पुलिस का कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। वायरलेस सिस्टम के अलावा इसे इंटरनेट से जोड़ा जाएगा। ट्रैफिक पुलिस के कंट्रोल रूम का एक नंबर शहर में जारी कर दिया जाएगा। प्रत्येक चौराहे और जाम के प्वाइंटों पर सीसी टीवी कैमरे भी लगाये जायेंगे। कंट्रोल रूम पर जाम की सूचना मिलने पर वायरलेट सेट पर सूचना फ्लैश होते ही पहले ट्रैफिक मोबाईल (ट्रैमो पहुंचेगी) उसके बाद उस क्षेत्र के एचसपी और बाद में टीएसआई या ट्रैफिक इंस्पेक्टर जाम खुलवायेंगे। कंट्रोल रूम से सीसी टीवी कैमरे के माध्यम से यह भी देख लिया जाएगा कि जहां की सूचना है वहां जाम है या नहीं। मौके पर कौन पुलिसकर्मी तैनात हैं। अभी तक ट्रैफिक पुलिस की डयूटी सुबह सात बजे से रात्रि नौ बजे तक हैं। लेकिन कंट्रोल बनाने के बाद रात्रि डयूटी भी बढ़ाई जाएगी।
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यहां तो पूरा शहर जाम है
मेरठ। ट्रैफिक पुलिस की पहल से ट्रैफिक सिस्टम सुधरने की उम्मीद बढ़ी है, लेकिन अभी के हालात तो पूरे शहर में जाम के हैं। हर चौराहा जाम रहता है। ऐसे में सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। कंट्रोल रूम पर केवल सूचना ही दी जा सकती है, सूचना तो जाम की पूरी ट्रैफिक पुलिस को अभी भी रहती है। अभी जाम को रोकने के प्रयास मजबूती से क्यों नहीं होते। अभी तक ट्रैफिक पुलिस जाम से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं कर पा रही है। हापुड़ अड्डा, रेलवे रोड चौराहा, बागपत अड्डा, वेस्ट एडं रोड, जीरो माइल, बच्चा पार्क ज्यादातर जाम रहते हैं। इन चौराहों से गुजरने वाले लोग पुलिस को कोसते हुए निकलते हैं। चौराहे जाम होने पर लोग गलियों से निकलते हैं, नतीजा पूरा शहर जाम हो जाता है।
- अभी तक पुलिस कंट्रोल रूम पर की शिकायतें पहुंचतीं हैं लखनऊ
- ऑनलाइन साफ्टवेयर बनाने के लिए हुई ट्रैफिक अफसरों की बैठक