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Meerut News: हाथों से हटाई बजरी, अंदर सिसकते रहे मजदूर, नहीं बच सकी जान

Fri, 10 Apr 2026 11:59 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 10 Apr 2026 11:59 PM IST
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crime news
नागल। रात के करीब 12 बजे थे। रोजाना की तरह अपनी ड्यूटी कर रहा था, तभी तेज रफ्तार डंपर आया और टीन शेड पर पलट गया। कुछ पल के लिए समझ नहीं आया कि आखिर क्या हुआ। पास जाकर देखा तो बजरी में दबे मजदूरों में चीख-पुकार मची हुई थी। काली नदी पुल पर हुए दर्दनाक हादसे को प्रत्यक्षदर्शी चौकीदार दिलशाद ने जैसे ही बयां किया तो उसकी आंखें नम हो गईं। दिलशाद का कहना है कि बजरी के ढेर के नीचे दबे मजदूरों की चीखें अभी भी कानों में गूंज रही हैं।
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बोहडूपुर गांव निवासी दिलशाद उर्फ काला निर्माणाधीन पुल पर चौकीदार है। हादसे के वक्त रात 12 बजे वह घटनास्थल से करीब 20 कदम की दूरी पर बैठा था। उसने बताया कि अचानक उसे जोरदार आवाज सुनी और फिर मजदूरों की चीखें। वह दौड़कर नजदीक गया देखा कि मजदूरों का टीन शेड बजरी के ढेर तले दबकर ध्वस्त हो चुका था। यह देखकर समझ ही नहीं आया कि क्या करे। इसके बाद शोर मचाया और हिम्मत करके हाथों से ही बजरी हटानी शुरू की। इसी दौरान अचानक से पुलिस की डायल 112 की गाड़ी भी पहुंच गई, जिसके बाद उसकी हिम्मत बढ़ी। पुलिसकर्मियों ने भी उसके साथ बजरी हटाने का काम शुरू कराया। राहगीर और आसपास के ग्रामीण भी फावड़े लेकर आ गए। दिलशाद ने बताया कि एक कार सवार महिला तक ने बजरी हटाने में उनकी मदद की। आधा घंटे की मशक्कत के बाद बजरी में दबे पांचों मजदूरों को बाहर निकाला गया, जिनमें तीन की हालत बेहद गंभीर थी। दिलाशाद ने बताया कि वह मंजर याद आते ही उसकी आंखों के सामने अंधेरा सा छाने लगता है।
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बारिश के बाद 12 मजदूर चले गए थे घर, बच गई जान
नागल। काली नदी पुल के पास हुए हादसे में मृतकों की संख्या और अधिक हो सकती थी, लेकिन तीन दिन पहले हुई बारिश कुछ मजदूरों के लिए वरदान बन गई। चौकीदार दिलशाद ने बताया कि बारिश के कारण पुल निर्माण में लगे करीब 12 मजदूर छुट्टी पर अपने घर चले गए थे। सामान्य दिनों में सभी मजदूर एक ही स्थान पर टीन शेड के नीचे सोते थे। हादसे वाली रात केवल पांच मजदूर ही मौके पर मौजूद थे। यदि बाकी मजदूर भी वहां होते तो हादसा और भी भयावह हो सकता था। दिलशाद ने बताया कि जिस स्थान पर डंपर पलटा, वह उसके काफी नजदीक था। अगर ट्रक मिट्टी के ढेर में फंसकर नहीं पलटता तो वह भी उसकी चपेट में आ सकता था।
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