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रुपये खाते में नहीं आने से गाय गो आश्रय लौटाई
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रुपये खाते में नहीं आने से गाय गो आश्रय लौटाई
माछरा। गोआश्रय से महिला पशुपालक ने पालने के लिए एक गाय ली थी। उसे सरकार की तरफ से घोषित नौ सौ रुपये प्रतिमाह नहीं दिए गए। इस पर महिला पशुपालक ने गाय का खर्च वहन करने में असमर्थता जताते हुए उसे वापस गोआश्रय में छोड़ दिया। वहीं, गोआश्रय में गोवंश को ठंड से बचाने के लिए छह हेलोजन लाइट लगवाई गई हैं। उनके जलने से गोवंश को गर्माहट महसूस होगी।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खाली पडे़ पीएचसी भवन माछरा को आवारा पशुओं का गोआश्रय केंद्र बनाया गया था। जिसमें से सरकारी योजना के तहत 19 पशुओं को क्षेत्र के गांव कासमपुर, दबथला, नंगलाशाहू आदि के पशुपालक ले गए थे। उन्हें सरकार की घोषणा के अनुसार 900 रुपये प्रतिमाह प्रति पशु चारा के लिए मिलने थे। गांव कासमपुर निवासी परविसा भाटी के खाते में तीन माह से रुपये नहीं आए। इस पर उसने गोवंश का पालन करने में असमर्थता जताई। इस पर उसने गाय को गोआश्रय में वापस कर दिया। अब गोआश्रय में 38 पशु हैं। उन्हें ठंड से बचाने के लिए टिन शेड डाला गया है। उसके चारों ओर तिरपाल लगाई गई है। जिससे हवा एवं बारिश का पानी न आ पाए। ग्राम प्रधान कासमपुर शिवराज भाटी ने बताया कि उन्होंने अपनी निधि से गोवंश स्थल पर टिन शेड के अंदर छह हेलोजन लाइट लगवाई हैं। जिससे रात्रि में रोशनी और गर्माहट रहेगी। गोवंश ठंड से बचे रहेंगे। उधर, डॉ. संदीप शर्मा ने बताया कि इस समय सभी गोवंश स्वस्थ हैं तथा कासमपुर निवासी पशुपालक परविसा भाटी के खाते में त्रुटि की वजह से रुपये नहीं पहुंच पा रहे हैं। उसे दूर कराकर रुपये खाते में भेजे जाएंगे।
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माछरा। गोआश्रय से महिला पशुपालक ने पालने के लिए एक गाय ली थी। उसे सरकार की तरफ से घोषित नौ सौ रुपये प्रतिमाह नहीं दिए गए। इस पर महिला पशुपालक ने गाय का खर्च वहन करने में असमर्थता जताते हुए उसे वापस गोआश्रय में छोड़ दिया। वहीं, गोआश्रय में गोवंश को ठंड से बचाने के लिए छह हेलोजन लाइट लगवाई गई हैं। उनके जलने से गोवंश को गर्माहट महसूस होगी।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खाली पडे़ पीएचसी भवन माछरा को आवारा पशुओं का गोआश्रय केंद्र बनाया गया था। जिसमें से सरकारी योजना के तहत 19 पशुओं को क्षेत्र के गांव कासमपुर, दबथला, नंगलाशाहू आदि के पशुपालक ले गए थे। उन्हें सरकार की घोषणा के अनुसार 900 रुपये प्रतिमाह प्रति पशु चारा के लिए मिलने थे। गांव कासमपुर निवासी परविसा भाटी के खाते में तीन माह से रुपये नहीं आए। इस पर उसने गोवंश का पालन करने में असमर्थता जताई। इस पर उसने गाय को गोआश्रय में वापस कर दिया। अब गोआश्रय में 38 पशु हैं। उन्हें ठंड से बचाने के लिए टिन शेड डाला गया है। उसके चारों ओर तिरपाल लगाई गई है। जिससे हवा एवं बारिश का पानी न आ पाए। ग्राम प्रधान कासमपुर शिवराज भाटी ने बताया कि उन्होंने अपनी निधि से गोवंश स्थल पर टिन शेड के अंदर छह हेलोजन लाइट लगवाई हैं। जिससे रात्रि में रोशनी और गर्माहट रहेगी। गोवंश ठंड से बचे रहेंगे। उधर, डॉ. संदीप शर्मा ने बताया कि इस समय सभी गोवंश स्वस्थ हैं तथा कासमपुर निवासी पशुपालक परविसा भाटी के खाते में त्रुटि की वजह से रुपये नहीं पहुंच पा रहे हैं। उसे दूर कराकर रुपये खाते में भेजे जाएंगे।
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