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Meerut News: 10 लाख आबादी की समस्याएं, पार्षदों ने सात घंटे तक महापौर-नगरायुक्त को बताईं
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जलभराव, सफाई, निर्माण, स्ट्रीट लाइट सहित रोजमर्रा की शिकायत की भरमार
निगम की बोर्ड बैठक से पहले पार्षदों की समस्या सुनने की नगरायुक्त ने की पहल
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। नगर निगम में महापौर हरिकांत अहलूवालिया व नगर आयुक्त सौरभ गंगवार को दूसरे दिन शुक्रवार सुबह 11:00 से शाम 6:00 बजे तक 30 पार्षदों ने करीब 10 लाख आबादी की समस्याएं सुनाईं। जलभराव, सफाई, निर्माण, स्ट्रीट लाइट, अतिक्रमण सहित रोजमर्रा की शिकायत की भरमार सुनकर नगर आयुक्त भी हैरान रह गए।
मुख्य समस्या नगर आयुक्त ने खुद अपनी डायरी में लिखीं तो कुछ शिकायत संबंधित अधिकारियों को लिखवा दीं। निस्तारण कब होगा, इसका समय निर्धारित नहीं हुआ। नगर निगम की बोर्ड बैठक से पहले 90 वार्डों की समस्या सुनने की पहल का पार्षदों ने नगरायुक्त की सराहना भी की।
वार्ड-31 से वार्ड-60 तक के पार्षदों ने निगम के अधिकारियों पर काम न करने का भी आरोप लगाया है। वार्ड 31 के पार्षद कीर्ति घोपला ने अपने क्षेत्र की वीडियो दिखाई। निगम के निर्माण विभाग के जेई से सवाल जवाब किए। वार्ड 32 के पार्षद रचित गुलाठी ने जगह-जगह कूड़े के ढेर हैं। कांपेक्टर लगाकर कूड़ा उठवाया जाए। बैठक में पार्षदों ने कहा कि साकेत और एमडीए कार्यालय के 12 पिंक शौचालय बनाए गए हैं। लेकिन आज तक शुरू नहीं हुए। नगरायुक्त ने निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए अगले हफ्ते से शहर में बने पिंक शौचालय को शुरू कराने के निर्देश दिए।
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पहले काम होता था, अब अधिकारी सुनते नहीं
माधवपुरम के पार्षद दीपक वर्मा ने कहा कि पहले अधिकारी सुनते थे और काम भी होता था। अब न काम होता है और न ही अधिकारी सुनते हैं। एनटीपीसी के कूड़ा निस्तारण प्लांट के मुहूर्त को चार महीने बीत गए, कुछ नहीं हुआ। स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, गृहकर की समस्या लगातार बढ़ रही है। छोटे काम पर पाबंदी लगा दी, जिससे पानी की समस्या बढ़ गई है।
एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं लगी
पार्षद शाहिद ने कहा कि नगर निगम में भेदभाव से विकास कार्य होते हैं। उनके वार्ड-54 में एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं लगी है। जिसको सुनकर नगरायुक्त नाराज हुए। पथ प्रकाश निरीक्षक राजेश चौहान ने जबाव दिया कि जिस कंपनी द्वारा दिवाली पर 1700 स्ट्रीट लाइट लगाईं थी, कंपनी के अधिकारी निगम अधिकारियों को धमकाते हैं। लाइट कहां-कहां लगाई है, बताने को तैयार नहीं हैं।
नाला टीम नहीं, नाले हुए चौक
बैठक में नाला सफाई के लिए पार्षद सुमित ने कहा कि पहले शहर में नाला चेक करने की टीम हुआ करती थी। ये टीम कहीं नाला चोक होता था तो उसे तुरंत साफ करती थी। जिसके चलते नाले के पानी का लेबल नाले से नीचे रहता था। नाले चौक और जलभराव की स्थिति नहीं होती थी। अब वह गैंग खत्म हो चुका है, आए दिन नाले चौक रहते हैं और जलभराव की स्थिति बनी रहती है। इस पर विचार करने का अधिकारियों ने आश्वासन दिया।
पार्षदों ने ले लिया पैसा
अधिकारियों की लापरवाही वार्ड को भारी पड़ती है। वार्डों में होने वाले निर्माण का कार्य समय से पूरा नहीं करने पर वार्ड की जनता सीधे पार्षदों पर आरोप लगाती है कि पार्षद ने अधिकारियों या फिर ठेकेदारों से पैसा ले लिया है। नगरायुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि किसी भी प्रकार की लारपवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी वार्ड में निर्माण कार्य हो रहे हैं, उन्हें समय से पूरा कराएं।
बिना पार्षद की सहमति के नहीं होगा ठेकेदार का भुगतान
बैठक में पार्षदों ने कहा कि उनके वार्ड में निर्माण होता है कब शुरु हुआ और कब खत्म होता है यह सब कागजों में पूरा कर विभाग ठेकेदारों को भुगतान कर देता है। इस पर आपत्ति करते हुए पार्षदो ने कहा कि वार्ड में निर्माण कार्य कराने वाले ठेकेदारों को किए जाने वाले भुगतान से पहले वार्ड के पार्षद की सहमति हो तभी भुगातन किया जाए। नगरायुक्त ने इस पर कहा कि जो भी ठेकेदार निर्माण करा वह अपनी अंतिम रिर्पोट पर मौके फोटो चस्पा करेगा और पार्षद की सहमति होगी उसके बाद भी भुगतान की प्रक्रिया को किया जाए।
पार्षदों के पास होना चाहिए सुपरवाइजरों का नंबर
वार्ड में लगने वाली स्ट्रीट लाईटों की समस्या को लेकर नगरायुक्त ने प्रकाश पथ प्रभारी को निर्देशित करते हुए कहा कि वार्ड के पार्षद के पास सुपरवाइजर का नंबर होना चाहिए, जिससे पार्षद सीधे संपर्क कर सकें।
वार्डों का प्रतिदिन किया जाए निरीक्षण
बैठक में नगरायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह वार्ड का प्रतिदिन निरीक्षण करें और वहां होने वाली समस्याओं को तत्काल समाधान करें। कहा कि सुबह दो घंटे कार्यालय में दें। इसके बाद वार्डों का निरीक्षण करें। इससे जनता के बीच अधिकारियों की छवि भी जनता में अच्छी बनेगी।
मैं जो सैलरी ले रहा हूं, उसका कर्ज अदा कर रहा हूं
बैठक में नगरायुक्त ने कहा कि मैं जो विभाग से सैलरी ले रहा हूं। उसका कर्ज अदा कर रहा हूं, यह बैठक करने के पीछे भी यही उद्देश्य है। जिसका जो काम है उसे ईमानदारी से करें। मैं तो विभाग को सुधारने का प्रयास कर रहा हूं।
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निगम की बोर्ड बैठक से पहले पार्षदों की समस्या सुनने की नगरायुक्त ने की पहल
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। नगर निगम में महापौर हरिकांत अहलूवालिया व नगर आयुक्त सौरभ गंगवार को दूसरे दिन शुक्रवार सुबह 11:00 से शाम 6:00 बजे तक 30 पार्षदों ने करीब 10 लाख आबादी की समस्याएं सुनाईं। जलभराव, सफाई, निर्माण, स्ट्रीट लाइट, अतिक्रमण सहित रोजमर्रा की शिकायत की भरमार सुनकर नगर आयुक्त भी हैरान रह गए।
मुख्य समस्या नगर आयुक्त ने खुद अपनी डायरी में लिखीं तो कुछ शिकायत संबंधित अधिकारियों को लिखवा दीं। निस्तारण कब होगा, इसका समय निर्धारित नहीं हुआ। नगर निगम की बोर्ड बैठक से पहले 90 वार्डों की समस्या सुनने की पहल का पार्षदों ने नगरायुक्त की सराहना भी की।
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वार्ड-31 से वार्ड-60 तक के पार्षदों ने निगम के अधिकारियों पर काम न करने का भी आरोप लगाया है। वार्ड 31 के पार्षद कीर्ति घोपला ने अपने क्षेत्र की वीडियो दिखाई। निगम के निर्माण विभाग के जेई से सवाल जवाब किए। वार्ड 32 के पार्षद रचित गुलाठी ने जगह-जगह कूड़े के ढेर हैं। कांपेक्टर लगाकर कूड़ा उठवाया जाए। बैठक में पार्षदों ने कहा कि साकेत और एमडीए कार्यालय के 12 पिंक शौचालय बनाए गए हैं। लेकिन आज तक शुरू नहीं हुए। नगरायुक्त ने निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए अगले हफ्ते से शहर में बने पिंक शौचालय को शुरू कराने के निर्देश दिए।
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पहले काम होता था, अब अधिकारी सुनते नहीं
माधवपुरम के पार्षद दीपक वर्मा ने कहा कि पहले अधिकारी सुनते थे और काम भी होता था। अब न काम होता है और न ही अधिकारी सुनते हैं। एनटीपीसी के कूड़ा निस्तारण प्लांट के मुहूर्त को चार महीने बीत गए, कुछ नहीं हुआ। स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, गृहकर की समस्या लगातार बढ़ रही है। छोटे काम पर पाबंदी लगा दी, जिससे पानी की समस्या बढ़ गई है।
एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं लगी
पार्षद शाहिद ने कहा कि नगर निगम में भेदभाव से विकास कार्य होते हैं। उनके वार्ड-54 में एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं लगी है। जिसको सुनकर नगरायुक्त नाराज हुए। पथ प्रकाश निरीक्षक राजेश चौहान ने जबाव दिया कि जिस कंपनी द्वारा दिवाली पर 1700 स्ट्रीट लाइट लगाईं थी, कंपनी के अधिकारी निगम अधिकारियों को धमकाते हैं। लाइट कहां-कहां लगाई है, बताने को तैयार नहीं हैं।
नाला टीम नहीं, नाले हुए चौक
बैठक में नाला सफाई के लिए पार्षद सुमित ने कहा कि पहले शहर में नाला चेक करने की टीम हुआ करती थी। ये टीम कहीं नाला चोक होता था तो उसे तुरंत साफ करती थी। जिसके चलते नाले के पानी का लेबल नाले से नीचे रहता था। नाले चौक और जलभराव की स्थिति नहीं होती थी। अब वह गैंग खत्म हो चुका है, आए दिन नाले चौक रहते हैं और जलभराव की स्थिति बनी रहती है। इस पर विचार करने का अधिकारियों ने आश्वासन दिया।
पार्षदों ने ले लिया पैसा
अधिकारियों की लापरवाही वार्ड को भारी पड़ती है। वार्डों में होने वाले निर्माण का कार्य समय से पूरा नहीं करने पर वार्ड की जनता सीधे पार्षदों पर आरोप लगाती है कि पार्षद ने अधिकारियों या फिर ठेकेदारों से पैसा ले लिया है। नगरायुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि किसी भी प्रकार की लारपवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी वार्ड में निर्माण कार्य हो रहे हैं, उन्हें समय से पूरा कराएं।
बिना पार्षद की सहमति के नहीं होगा ठेकेदार का भुगतान
बैठक में पार्षदों ने कहा कि उनके वार्ड में निर्माण होता है कब शुरु हुआ और कब खत्म होता है यह सब कागजों में पूरा कर विभाग ठेकेदारों को भुगतान कर देता है। इस पर आपत्ति करते हुए पार्षदो ने कहा कि वार्ड में निर्माण कार्य कराने वाले ठेकेदारों को किए जाने वाले भुगतान से पहले वार्ड के पार्षद की सहमति हो तभी भुगातन किया जाए। नगरायुक्त ने इस पर कहा कि जो भी ठेकेदार निर्माण करा वह अपनी अंतिम रिर्पोट पर मौके फोटो चस्पा करेगा और पार्षद की सहमति होगी उसके बाद भी भुगतान की प्रक्रिया को किया जाए।
पार्षदों के पास होना चाहिए सुपरवाइजरों का नंबर
वार्ड में लगने वाली स्ट्रीट लाईटों की समस्या को लेकर नगरायुक्त ने प्रकाश पथ प्रभारी को निर्देशित करते हुए कहा कि वार्ड के पार्षद के पास सुपरवाइजर का नंबर होना चाहिए, जिससे पार्षद सीधे संपर्क कर सकें।
वार्डों का प्रतिदिन किया जाए निरीक्षण
बैठक में नगरायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह वार्ड का प्रतिदिन निरीक्षण करें और वहां होने वाली समस्याओं को तत्काल समाधान करें। कहा कि सुबह दो घंटे कार्यालय में दें। इसके बाद वार्डों का निरीक्षण करें। इससे जनता के बीच अधिकारियों की छवि भी जनता में अच्छी बनेगी।
मैं जो सैलरी ले रहा हूं, उसका कर्ज अदा कर रहा हूं
बैठक में नगरायुक्त ने कहा कि मैं जो विभाग से सैलरी ले रहा हूं। उसका कर्ज अदा कर रहा हूं, यह बैठक करने के पीछे भी यही उद्देश्य है। जिसका जो काम है उसे ईमानदारी से करें। मैं तो विभाग को सुधारने का प्रयास कर रहा हूं।

-फोटो 58 : कार्यक्रम का शुभारंभ करते मुख्यातिथि डॉ. राजेश कुमार व साथ मौजूद प्राचार्य। स्रोत कॉ