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Meerut News: नगर निगम में भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाकर पार्षदों ने किया हंगामा
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मेरठ। नगर निगम में भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर पार्षदों ने शनिवार को हंगामा किया। पार्षदों ने निगम के वाहन डिपो, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, गृहकर सहित कई विभाग में भ्रष्टाचार और निर्माण कार्य में अनियमितता का आरोप लगाया है। पार्षदों का कहना कि सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है। सड़कों पर जलभराव है, शिकायत के बावजूद निगम की टीम नहीं पहुंची। पार्षदों ने जन-सुनवाई कर रहे मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एसके गौतम को ज्ञापन दिया।
पार्षद कुलदीप उर्फ कीर्ति घोपला, प्रशांत कसाना, आशीष चौधरी, भूपेंद्र उर्फ भूपे सहित अन्य कई पार्षदों ने निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया। पार्षदों ने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए वाहन डिपो से लेकर निर्माण कार्यों तक में कथित वित्तीय गड़बड़ी, असंतुलित विकास और कर्मचारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। आरोप है कि निगम में जनता को छोटे-छोटे कामों के लिए भी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, गृहकर, व्यापार लाइसेंस, सफाई और जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्य समय पर नहीं हो रहे हैं। बिना अवैध धनराशि दिए फाइलों को आगे बढ़ाना मुश्किल है। पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें जनआंदोलन करना पड़ेगा।
वाहन डिपो में भ्रष्टाचार होना बताया
पार्षदों ने वाहन डिपो में डीजल खर्च, वाहन संचालन, मरम्मत और रखरखाव में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया है। निगम के संसाधनों के दुरुपयोग और वित्तीय भ्रष्टाचार की आशंका जताते हुए इन डिपो की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। कहा शहर के विकसित क्षेत्रों में लगातार सौंदर्यीकरण और निर्माण कार्य हो रहे हैं, जबकि आउटर व ग्रामीण क्षेत्र में सौतेला व्यवहार हो रहा है। श्मशान घाट और कब्रिस्तान जैसी बुनियादी सुविधा का भी पर्याप्त विकास नहीं हो पाया है।
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पार्षद कुलदीप उर्फ कीर्ति घोपला, प्रशांत कसाना, आशीष चौधरी, भूपेंद्र उर्फ भूपे सहित अन्य कई पार्षदों ने निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया। पार्षदों ने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए वाहन डिपो से लेकर निर्माण कार्यों तक में कथित वित्तीय गड़बड़ी, असंतुलित विकास और कर्मचारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। आरोप है कि निगम में जनता को छोटे-छोटे कामों के लिए भी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, गृहकर, व्यापार लाइसेंस, सफाई और जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्य समय पर नहीं हो रहे हैं। बिना अवैध धनराशि दिए फाइलों को आगे बढ़ाना मुश्किल है। पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें जनआंदोलन करना पड़ेगा।
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वाहन डिपो में भ्रष्टाचार होना बताया
पार्षदों ने वाहन डिपो में डीजल खर्च, वाहन संचालन, मरम्मत और रखरखाव में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया है। निगम के संसाधनों के दुरुपयोग और वित्तीय भ्रष्टाचार की आशंका जताते हुए इन डिपो की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। कहा शहर के विकसित क्षेत्रों में लगातार सौंदर्यीकरण और निर्माण कार्य हो रहे हैं, जबकि आउटर व ग्रामीण क्षेत्र में सौतेला व्यवहार हो रहा है। श्मशान घाट और कब्रिस्तान जैसी बुनियादी सुविधा का भी पर्याप्त विकास नहीं हो पाया है।
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