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Meerut News: विज्ञापन से भरेगा निगम का खजाना, शहर मेंं दौड़ेगी विकास की रफ्तार
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मेरठ। इस बार विज्ञापनों से नगर निगम का खजाना भरेगा। यूनिपोल, क्योस्क, एलईडी इलेक्ट्रानिक, ग्लोसाइन के लिए जारी किए गया टेंडर पांच गुना बढ़ोत्तरी के साथ खुला है। इस खजाने का लाभ शहर की विकास योजनाओं को मिलेगा। शहर में ए श्रेणी वाली जगहों पर हीरा एडवरटाइजिंग कंपनी और अन्य बी, सी, डी श्रेणी वाली जगहों पर प्रधान इंफ्रा वेंचर कंपनी ही विज्ञापन लगाएगी। निगम के अधिकारियों का दावा है कि फिलहाल शहर में लगे सभी विज्ञापन अवैध घोषित कर दिए हैं। जिन पर शुक्रवार सुबह से निगम का प्रर्वतन दल अभियान चलाकर कार्रवाई भी करेगा।
नगर निगम ने विज्ञापन की दृष्टि से शहर को चार श्रेणी में बांटा है। ए श्रेणी में वीआईपी इलाका है। सामान्य क्षेत्र बी-श्रेणी में हैं। इसके बाद सी और डी कैटेगिरी बनी हैं। ई-टेंडर में ए-बी श्रेणी में पांच-पांच और सी-डी श्रेणी में छह-छह कंपनियों ने हिस्सा लिया था। अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार ने बताया है कि ठेके दो साल के लिए होंगे। चार श्रेणियों में अलग- अलग दरों पर टेंडर मांगे गए थे। पहली बार ई-टेंडर की प्रकिया अपनाने के साथ-साथ डिवाइडर पर दो यूनीपोल के बीच 40 मीटर की दूरी और धरातल से 30 फीट ऊंचाई तय की गई है। विद्युत पोल और मार्ग प्रकाश पोल पर 1.5 से दो फीट के विज्ञापन हो सकेंगे। वाल पेंटिंग व पोस्टर प्रतिबंधित कर दिए गए हैं। यूनीपोल, क्योस्क, एलईडी इलेक्ट्रानिक और ग्लोसाइन विज्ञापन होंगे। शहर के मुख्य चौराहे के 100 फीट के दायरे में विज्ञापन पर प्रतिबंध है। विज्ञापन पट से जान-माल की हानि होने पर ठेकेदार की जिम्मेदारी तय की गई है। बृहस्पतिवार को नगर निगम ने टेंडर खोला, जिसमें सबसे बड़ी बोली ए श्रेणी वाले विज्ञापनों में हीरा एडवरटाइजिंग की निकली। अन्य तीनों श्रेणी के विज्ञापन का ठेका प्रधान इंफ्रा वेंचर कंपनी को मिल गया है। नगर आयुक्त डॉ. अमित पाल शर्मा का कहना कि निगम में पहली बार ई-टेंडर की प्रक्रिया अपनायी गई। जिसमें पांच गुना बढ़ोत्तरी से टेंडर खुला है। जिसमें निगम का खजाना भरेगा और शहर के विकार्य कार्य होंगे।
ए-श्रेणी के मार्ग : शास्त्रीनगर एल ब्लाक चौराहा, बेगमपुल चौराहे से हापुड़ अड्डा तक, हापुड़ अड्डा से तेजगढ़ी चौराहे होते हुए काली नदी तक। मेरठ कालेज से बच्चा पार्क चौराहे होते हुए घंटाघर तक, तेजगढ़ी से एल ब्लाक तक के मार्ग। पिछली बार इस श्रेणी में 2500 सौ रूपये वर्ग मीटर से विज्ञापन का टेंडर हुआ था, अबकी बार 8000 हजार रूपये का टेंडर हुआ है।
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बी श्रेणी के मार्ग : दिल्ली- रुड़की हाइवे पर निगम सीमा की साइड, परतापुर से ट्रांसपोर्ट नगर तक दिल्ली रोड, तेजगढ़ी से जेलचुंगी, पीएल शर्मा रोड, रूड़की रोड पीएसी से मोदीपुरम, ईव्ज चौराह से कमिश्नर आवास चौराहा तक का मार्ग, मवाना रोड पर निगम के क्षेत्र तक। पिछली बार बी श्रेणी में 2000 हजार रुपये वर्गमीटर का टेंडर हुआ था। अबकी बार 8000 हजार रुपये में टेंडर हुआ है।
सी श्रेणी के मार्ग : सरधना रोड, बागपत रोड, रोहटा रोड, रेलवे रोड़ चौराहे से माधवपुरम तक, गोल मार्केट, साकेत, नेहरू रोड, जवाहर क्वार्टर, सेंट्रल मार्केट के मार्ग। पिछली बार सी श्रेणी में 1500 सौ रुपये वर्गमीटर का टेंडर हुआ था। अबकी बार 7000 हजार रुपये में टेंडर हुआ है।
डी श्रेणी के मार्ग : ए, बी और सी श्रेणी में शामिल मार्गों के अतिरिक्त नगर निगम के क्षेत्र में सभी मार्ग डी श्रेणी में रखे गए है। पिछली बार डी श्रेणी में 1000 हजार रुपये वर्गमीटर का टेंडर हुआ था। अबकी बार 5000 हजार रुपये में टेंडर हुआ है।
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नगर निगम ने विज्ञापन की दृष्टि से शहर को चार श्रेणी में बांटा है। ए श्रेणी में वीआईपी इलाका है। सामान्य क्षेत्र बी-श्रेणी में हैं। इसके बाद सी और डी कैटेगिरी बनी हैं। ई-टेंडर में ए-बी श्रेणी में पांच-पांच और सी-डी श्रेणी में छह-छह कंपनियों ने हिस्सा लिया था। अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार ने बताया है कि ठेके दो साल के लिए होंगे। चार श्रेणियों में अलग- अलग दरों पर टेंडर मांगे गए थे। पहली बार ई-टेंडर की प्रकिया अपनाने के साथ-साथ डिवाइडर पर दो यूनीपोल के बीच 40 मीटर की दूरी और धरातल से 30 फीट ऊंचाई तय की गई है। विद्युत पोल और मार्ग प्रकाश पोल पर 1.5 से दो फीट के विज्ञापन हो सकेंगे। वाल पेंटिंग व पोस्टर प्रतिबंधित कर दिए गए हैं। यूनीपोल, क्योस्क, एलईडी इलेक्ट्रानिक और ग्लोसाइन विज्ञापन होंगे। शहर के मुख्य चौराहे के 100 फीट के दायरे में विज्ञापन पर प्रतिबंध है। विज्ञापन पट से जान-माल की हानि होने पर ठेकेदार की जिम्मेदारी तय की गई है। बृहस्पतिवार को नगर निगम ने टेंडर खोला, जिसमें सबसे बड़ी बोली ए श्रेणी वाले विज्ञापनों में हीरा एडवरटाइजिंग की निकली। अन्य तीनों श्रेणी के विज्ञापन का ठेका प्रधान इंफ्रा वेंचर कंपनी को मिल गया है। नगर आयुक्त डॉ. अमित पाल शर्मा का कहना कि निगम में पहली बार ई-टेंडर की प्रक्रिया अपनायी गई। जिसमें पांच गुना बढ़ोत्तरी से टेंडर खुला है। जिसमें निगम का खजाना भरेगा और शहर के विकार्य कार्य होंगे।
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ए-श्रेणी के मार्ग : शास्त्रीनगर एल ब्लाक चौराहा, बेगमपुल चौराहे से हापुड़ अड्डा तक, हापुड़ अड्डा से तेजगढ़ी चौराहे होते हुए काली नदी तक। मेरठ कालेज से बच्चा पार्क चौराहे होते हुए घंटाघर तक, तेजगढ़ी से एल ब्लाक तक के मार्ग। पिछली बार इस श्रेणी में 2500 सौ रूपये वर्ग मीटर से विज्ञापन का टेंडर हुआ था, अबकी बार 8000 हजार रूपये का टेंडर हुआ है।
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बी श्रेणी के मार्ग : दिल्ली- रुड़की हाइवे पर निगम सीमा की साइड, परतापुर से ट्रांसपोर्ट नगर तक दिल्ली रोड, तेजगढ़ी से जेलचुंगी, पीएल शर्मा रोड, रूड़की रोड पीएसी से मोदीपुरम, ईव्ज चौराह से कमिश्नर आवास चौराहा तक का मार्ग, मवाना रोड पर निगम के क्षेत्र तक। पिछली बार बी श्रेणी में 2000 हजार रुपये वर्गमीटर का टेंडर हुआ था। अबकी बार 8000 हजार रुपये में टेंडर हुआ है।
सी श्रेणी के मार्ग : सरधना रोड, बागपत रोड, रोहटा रोड, रेलवे रोड़ चौराहे से माधवपुरम तक, गोल मार्केट, साकेत, नेहरू रोड, जवाहर क्वार्टर, सेंट्रल मार्केट के मार्ग। पिछली बार सी श्रेणी में 1500 सौ रुपये वर्गमीटर का टेंडर हुआ था। अबकी बार 7000 हजार रुपये में टेंडर हुआ है।
डी श्रेणी के मार्ग : ए, बी और सी श्रेणी में शामिल मार्गों के अतिरिक्त नगर निगम के क्षेत्र में सभी मार्ग डी श्रेणी में रखे गए है। पिछली बार डी श्रेणी में 1000 हजार रुपये वर्गमीटर का टेंडर हुआ था। अबकी बार 5000 हजार रुपये में टेंडर हुआ है।