'जनता कर्फ्यू' के समर्थन में दूल्हा-दुल्हन, तय तारीख से एक दिन पहले निकाह, मेहमानों की संख्या घटाई
कोरोना वायरस पर सतर्कता के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का आह्वान देश से किया है। इस दिन होने वाली मुस्लिम समाज की शादियों में शामिल होने वाले लोग भी इसके समर्थन में जुट गए हैं। कई जगह विवाह की तिथि बदली गई है। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में क्षेत्र के एक गांव में 22 मार्च को होने वाला निकाह अब एक दिन पहले 21 मार्च को होगा। बरातियों की छंटनी कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार जनपद के एक गांव की रहने वाली युवती का निकाह मेरठ के रहने वाले युवक से तय हुआ है। बरात 22 मार्च को आनी थी। इस बीच कोरोना के प्रकोप के कारण पीएम मोदी ने जनता कर्फ्यू का आह्वान कर दिया। इस वजह से 22 मार्च को होने वाली शादी अब एक दिन पहले 21 मार्च को होगी।
लड़की पक्ष के लोगों ने अपने रिश्तेदारों को भी 22 की जगह 21 मार्च को ही शादी में आने के लिए सूचना देनी शुरू कर दी है। इसमें चुनिंदा लोगों को ही बुलाने की तैयारी की है। परिजनों का कहना है कि एक दिन पहले बरात की डेट फिक्स करने पर परेशानी का भी सामना करना पड़ सकता है।
मेहमानों की संख्या सीमित करने की तैयारी
कोरोना वायरस की दहशत के चलते 31 मार्च से पहले होने वाली शादियों की तरीख को पीछे हटाने पर लड़का और लड़की पक्ष ने विचार विमर्श शुरू कर दिया है। बागपत शहर में दिल्ली रोड पर आशीर्वाद बैंक्वेट संचालिका सोनिया चौधरी का कहना है कि मुस्लिम समाज के कई विवाह बुक हैं। मेहमानों की संख्या सभी सीमित करने पर विचार कर रहे हैं।
मेरठ के सरूरपुर थानाक्षेत्र के कस्बा हर्रा निवासी कासिम चौहान की शादी 22 मार्च को प्रस्तावित थी। लेकिन प्रधानमंत्री के 'जनता कर्फ्यू' की अपील पर उन्होंने अपनी शादी की तारीख बदलते हुए आज 21 मार्च शाम पांच बजे करने का फैसला लिया है। इस दौरान उन्होंने बताया कि उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री के जनता कर्फ्यू की अपील का सम्मान और समर्थन करते हुए यह फैसला लिया है।