कोरोना से जंग जीतने का जुनून, इन योद्धाओं ने कही ऐसी बात, आप भी करेंगे सलाम
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बीच ऐसे चेहरे सामने आ रहे हैं। जिनसे कोरोना के खिलाफ जंग जीतने में काफी लोगों का हौसला बढ़ रहा है। आइए आज हम आपको ऐसे ही दो योद्धाओं से मिलाते हैं। जिनके बारे में जानकर आप भी सलाम करेंग। अगली स्लाइडों में पढ़िए पूरा अपडेट-
मेरठ के बाफर गांव के रहने वाले चौ. विराट सीओ ऑफिस में तैनात है। विराट का कहना है कि वह घर में इकलौते है। चार महीने पहले ही शादी हुई है और ढाई माह से घर नहीं गए हैं। कोरोना संक्रमण में डयूटी का कोई समय नहीं रहा। रात दिन कब कहां जाना पड़ जाए पता नहीं रहता है। समय मिलने पर पत्नी से वीडियो कॉल पर बात कर लेते हैं। बताया गया कि चौ. विराट सहारनपुर के देवबंद में कांस्टेबल के पद पर तैनात है
माता-पिता कहते हैं कि बेटा अपना ख्याल रखना और इस संकट की घड़ी में तत्परता से लोगों की सेवा करना। विराट का कहना है कि वह कोरोना महामारी के समाप्त होने के बाद ही अपने गांव जाएंगे।
कोरोना को हराने के लिए जो कीमत चुकानी पड़े, लेकिन पीछे नहीं हटूंगा
जगदीश को तीन साल पहले कैंसर जैसी घातक बीमारी ने जकड़ लिया था। गले का ऑपरेशन जयपुर में हुआ था, तभी से उनकी दवाई लगातार चल रही हैं। कुछ दिनों से जगदीश को परेशानी हो रही है। चिकित्सकों ने आराम करने की सलाह दी है लेकिन उन्होंने छुट्टी नहीं ली और अपनी ड्यूटी बखुबी निभा रहे हैं। जगदीश मुजफ्फरनगर के सीएचसी खतौली में वार्ड ब्वॉय के पद पर तैनात है।
जगदीश ने कहा कि कोरोना वायरस को उखाड़ फेंकने के लिए ड्यूटी करना जरूरी है। इस महामारी से लोहा लेने के लिए चाहे उन्हें जो भी कीमत चुकानी पड़े। वह पीछे नहीं हटेंगे। कस्बे में कोरोना पॉजिटिव के छह केस मिल चुके हैं। हॉटस्पॉट क्षेत्र में भी जगदीश अपने फर्ज को निभा रहे हैं।
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