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मेरठ: ब्लैक फंगस के दोनों मरीजों की हालत गंभीर, अस्पताल में चल रहा इलाज, ये हैं इसके लक्षण, रहें सावधान

Thu, 13 May 2021 02:09 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Thu, 13 May 2021 02:09 PM IST
सार

यूपी के मेरठ में ब्लैक फंगस के तीन मरीज मिले हैं। इनमें से दो का न्यूटिमा अस्पताल में इलाज चल रहा है। दोनों मरीजों की हालत गंभीर है। वहीं एक मरीज के परिजन अस्पताल से रेफर कराकर ले गए थे।

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Corona: two black fungus patients are serious and treatment is going on in hospital of Meerut
मरीज की आंख पर सूजन। - फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में न्यूटिमा अस्पताल में भर्ती ब्लैक फंगस बीमारी के दोनों मरीज की हालत गंभीर है। अस्पताल के एमडी डॉक्टर संदीप गर्ग ने बताया कि एक मरीज वेंटिलेटर पर और दूसरा ऑक्सीजन पर है।

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यह फंगस त्वचा के साथ नाक, फेफड़ों और मस्तिष्क तक को नुकसान पहुंचा सकता है। महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, उड़ीसा और दिल्ली में मरीज मिल चुके हैं। अब बिजनौर और मुजफ्फरनगर जिले के मरीजों में मिला है। काला फंगस पहले ही हवा और जमीन में मौजूद है
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जैसे ही कोई कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाला व्यक्ति से संपर्क में आता है, तो उसके चपेट में आने की आशंका अधिक रहती है। जो मरीज जितने लंबे समय तक अस्पताल में रहेगा और जितनी अधिक उसे स्टेरॉयड, एंटीबायोटिक और एंटीफंगल दवाई चलती रहेंगी, उसे इससे खतरा बढ़ता जाएगा। हवा में फंगस की मौजूदगी के कारण यह सबसे पहले नाक में घुसता है। फेफड़ों के बाद रक्त से मस्तिष्क तक पहुंच सकता है। ब्लैक फंगस का संक्रमण जितना गंभीर होगा, लक्षण भी उतने ही गंभीर होंगे। काला कंगस जब मस्तिष्क तक पहुंचेगा तो व्यक्ति बेहोशी की हालत में रहेगा।
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क्या है ब्लैक फंगस
ब्लैक फंगस या म्यूकर माइकोसिस फंगस की वजह से होने वाला दुर्लभ संक्रमण है। इंसान की नाक और बलगम में भी ये पाया जाता है। इससे साइनस, दिमाग, फेफड़े प्रभावित होते हैं। ये डायबिटीज के मरीजों या कम इम्युनिटी वाले लोगों, कैंसर या एड्स के मरीजों के लिए घातक भी हो सकता है। ब्लैक फंगस में मृत्यु दर 50 से 60 प्रतिशत तक होती है।


ये हैं लक्षण
बीमारी में मरीज की नाक का बहना, चेहरे का सूजना, आंखों के पीछे वाले हिस्से में दर्द, खासी, मुंह के न भरने वाले छाले, दातों का हिलना और मसूड़ों में पस पड़ना आदि लक्षण दिखते हैं। ब्लैक फंगस को अक्सर कोविड के इलाज के दौरान दी गई दवाओं का साइड इफेक्ट माना जाता है।

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