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कोरोना की चढ़ गया भेंट...जुलाई का जीएसटी टारगेट
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कोरोना की चढ़ गया भेंट...जुलाई का जीएसटी टारगेट
मेरठ। राज्य वस्तु एवं सेवा कर का जुलाई का टारगेट कोरोना की भेंट चढ़ गया है। टारगेट से 18 प्रतिशत कम टैक्स आया है। एसजीएसटी को 201 करोड़ रुपये वसूल किया जाना था, लेकिन 164.50 करोड़ रुपये की ही टैक्स लिया जा सका। हालांकि जुलाई 2019 से तुलना करें तो करीब 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। पिछली जुलाई को 148 करोड़ रुपये टैक्स आया था, जो टारगेट से ज्यादा था।
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) एक जुलाई 2017 को लागू हुआ था। जीएसटी लागू होने के बाद मेरठ में 19 हजार 39 नए व्यापारियों ने जीएसटी के तहत रजिस्ट्रेशन कराया है। इससे पहले यहां 32 हजार व्यापारी वैट के तहत पंजीकृत थे। अब जीएसटी के तहत मेरठ में 51 हजार 39 व्यापारी पंजीकृत हो गए हैं। हालांकि कोरोना के ही कारण जिले के 8602 व्यापारियों को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के निरस्त हो गया है। लेकिन इन्हें पंजीकरण की बहाली का मौका मिला है। जीएसटी पोर्टल पर 30 सितंबर तक ये विकल्प खुला रहेगा। एसजीएसटी विभाग के एडिशनल कमिश्नर संपूर्णानंद पांडेय ने बताया कि कि कोरोना की वजह से काफी फर्क पड़ा है, लेकिन फिर भी काफी टैक्स आया है। टारगेट जरूर पूरा नहीं हुआ, मगर ऐसे वक्त में इतनी टैक्स वसूली भी कम नहीं है।
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मेरठ। राज्य वस्तु एवं सेवा कर का जुलाई का टारगेट कोरोना की भेंट चढ़ गया है। टारगेट से 18 प्रतिशत कम टैक्स आया है। एसजीएसटी को 201 करोड़ रुपये वसूल किया जाना था, लेकिन 164.50 करोड़ रुपये की ही टैक्स लिया जा सका। हालांकि जुलाई 2019 से तुलना करें तो करीब 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। पिछली जुलाई को 148 करोड़ रुपये टैक्स आया था, जो टारगेट से ज्यादा था।
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) एक जुलाई 2017 को लागू हुआ था। जीएसटी लागू होने के बाद मेरठ में 19 हजार 39 नए व्यापारियों ने जीएसटी के तहत रजिस्ट्रेशन कराया है। इससे पहले यहां 32 हजार व्यापारी वैट के तहत पंजीकृत थे। अब जीएसटी के तहत मेरठ में 51 हजार 39 व्यापारी पंजीकृत हो गए हैं। हालांकि कोरोना के ही कारण जिले के 8602 व्यापारियों को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के निरस्त हो गया है। लेकिन इन्हें पंजीकरण की बहाली का मौका मिला है। जीएसटी पोर्टल पर 30 सितंबर तक ये विकल्प खुला रहेगा। एसजीएसटी विभाग के एडिशनल कमिश्नर संपूर्णानंद पांडेय ने बताया कि कि कोरोना की वजह से काफी फर्क पड़ा है, लेकिन फिर भी काफी टैक्स आया है। टारगेट जरूर पूरा नहीं हुआ, मगर ऐसे वक्त में इतनी टैक्स वसूली भी कम नहीं है।
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