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एक और कोरोना पॉजिटिव महिला ने दिया बेटे को जन्म
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मेरठ। एक और कोरोना संक्रमित महिला ने मेडिकल में बच्चे को जन्म दिया है। नवजात की पहली रिपोर्ट नेगेटिव है। दूसरी रिपोर्ट नेगेटिव आने पर उसकी छुट्टी कर दी जाएगी। महिला तारापुरी की रहने वाली है। उसे दो दिन पहले कोरोना की पुष्टि हुई थी। मेडिकल में भर्ती होने पर उसकी डिलीवरी की गई।
डॉ. लोकेश कुमार ने बताया कि नवजात स्वस्थ है। उसकी एक रिपोर्ट भी नेगेटिव आ चुकी है। बीते दिनों मेडिकल कॉलेज में हुई एक स्टडी में पाया गया कि गर्भावस्था के दौरान शिशु को कोरोना का संक्रमण नही हो रहा है। न ही मां के दूध में कोरोना वायरस पाये जाने की पुष्टि हुई है। मेडिकल चिकित्सकों की टीम ने इस पर स्टडी की है। मेडिकल कॉलेज में इससे पहले सात प्रसूताएं कोरोना से संक्रमित आई हैं। दो प्रसूताओं का प्रसव इस अस्पताल में नहीं हुआ। उनके नवजात कोरोना संक्रमित पाए गए। संभव है वे मां के संपर्क में आने से पॉजिटिव हुए हों। इसी बात का ध्यान रखते हुए जन्म के तुरंत बाद शिशुओं को उनके परिजनों को सौंपा गया, जो कोरोना संक्रमित नही थे। शिशुओं को उनकी मां का ही दूध निकाल कर दिया गया। जन्म के 24 घंटे के भीतर शिशुओं की पहली कोरोना जांच भेजी गई, जो नगेटिव आई। 14 दिनों बाद दूसरी जांच भी निगेटिव आई।
चिकित्सकों ने दिए टिप्स
- मां से नवजात की देखभाल करा सकते हैं, अगर मां की हालत गंभीर न हो।
- प्रसव के दौरान कम से कम व्यक्ति प्रसूता के पास उपस्थित हों।
- अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाएं रखें, नियमित योगा व प्राणायाम करें।
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डॉ. लोकेश कुमार ने बताया कि नवजात स्वस्थ है। उसकी एक रिपोर्ट भी नेगेटिव आ चुकी है। बीते दिनों मेडिकल कॉलेज में हुई एक स्टडी में पाया गया कि गर्भावस्था के दौरान शिशु को कोरोना का संक्रमण नही हो रहा है। न ही मां के दूध में कोरोना वायरस पाये जाने की पुष्टि हुई है। मेडिकल चिकित्सकों की टीम ने इस पर स्टडी की है। मेडिकल कॉलेज में इससे पहले सात प्रसूताएं कोरोना से संक्रमित आई हैं। दो प्रसूताओं का प्रसव इस अस्पताल में नहीं हुआ। उनके नवजात कोरोना संक्रमित पाए गए। संभव है वे मां के संपर्क में आने से पॉजिटिव हुए हों। इसी बात का ध्यान रखते हुए जन्म के तुरंत बाद शिशुओं को उनके परिजनों को सौंपा गया, जो कोरोना संक्रमित नही थे। शिशुओं को उनकी मां का ही दूध निकाल कर दिया गया। जन्म के 24 घंटे के भीतर शिशुओं की पहली कोरोना जांच भेजी गई, जो नगेटिव आई। 14 दिनों बाद दूसरी जांच भी निगेटिव आई।
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चिकित्सकों ने दिए टिप्स
- मां से नवजात की देखभाल करा सकते हैं, अगर मां की हालत गंभीर न हो।
- प्रसव के दौरान कम से कम व्यक्ति प्रसूता के पास उपस्थित हों।
- अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाएं रखें, नियमित योगा व प्राणायाम करें।