फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Corona patients increase in Meerut even more than in Lucknow, the situation is not improving

लखनऊ से भी ज्यादा बढ़े मेरठ में कोरोना के मरीज, नहीं सुधर रहे हालात

Fri, 14 May 2021 02:37 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 14 May 2021 02:37 AM IST
विज्ञापन
Corona patients increase in Meerut even more than in Lucknow, the situation is not improving
लखनऊ से भी ज्यादा बढ़े मेरठ में कोरोना के मरीज, नहीं सुधर रहे हालात
विज्ञापन

मेरठ। कोरोना के मामलों में पिछले 24 घंटे में मेरठ ने लखनऊ (856) को भी पीछे छोड़ दिया है। 12 मई की सुबह छह बजे से 13 मई की सुबह छह बजे तक 24 घंटे में मेरठ में 1070 नए मरीज मिले। 15 मरीजों की मौत हो गई। प्रदेश में ये सर्वाधिक संख्या है। मेरठ मंडल के दूसरे जिलों के हालात भी अच्छे नहीं हैं।
मेरठ में जांच कम होने के बाद भी केस अधिक सामने आ रहे हैं। मई महीने में ही अब तक 16 हजार नए मरीज आ चुके हैं। ये हाल भी तब है जबकि कोरोना कर्फ्यू लगा हुआ है। होम आइसोलेशन के मामले बढ़ने के साथ ये संख्या बढ़ी है। बहुत से लोग खांसी-बुखार के कई-कई दिन तक भी जांच नहीं करा रहे हैं, जिसके कारण संक्रमण फैलता जा रहा है। अगर ये चेन नहीं टूटी तो कर्फ्यू खुलने के बाद हालात और भी भयावह हो जाएंगे। पिछले 12 दिनों की बात करें तो जिले में 81326 लोगों के टेस्ट किए गए। इनमें से 15578 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। जांच वाले मरीजों में 20 फीसदी पॉजिटिव पाए जा रहे हैं जोकि अच्छे हालात नहीं हैं।
विज्ञापन

होम आइसोलेशन में खास रखें ध्यान
डॉक्टर बताते हैं कि होम आइसोलेशन में लोगों को खास ध्यान रखने की जरूरत है। मरीज के पास खाना आदि लेकर जाएं तो डबल मास्क लगाकर जाएं। मरीज को भी कहें कि वो भी मास्क लगाकर रखे। जहां मरीज हो वहां पर अधिक देर तक न रुकें। कोरोना जांच के मामलों में अधिकतर अब होम आइसोलेट मरीजों के चेन के मरीज आ रहे हैं। ऐसे में लोगों को ध्यान रखने की जरूरत है। अगर इसमें सावधानी नहीं बरती जाती है तो केस और बढ़ेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्रामीण क्षेत्र में बहुत कम जांच करा रहे लोग
शहर में तो जांच हो रही है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में अभी भी बहुत कम जांच करा रहे हैं। ये भी तब है जबकि गांवों में मौत के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे में अगर गांवों में लोग अगर अब भी सतर्क नहीं हुए तो चेन बढ़ती जाएगी, जोकि आने वाले समय के लिए बेहद खतरनाक होगी।
मरीजों के इलाज में लगातार हो रही देरी
मेरठ। मेडिकल कॉलेज में मरीजों को इलाज में लगातार देरी हो रही है। बृहस्पतिवार को मोदीनगर से आईं विमला देवी को लेकर परिजन घंटों तक इमरजेंसी के बाहर इंतजार करते रहे। काफी देर मिन्नतें करने के बाद उनको भर्ती कराया गया। यही हाल तीन अन्य मरीजों का रहा। परिजन एंबुलेंस में मरीजों को लेकर कई घंटे तक खड़े रहे। एक मरीज को तो परिजन वापस ले गए। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में लगातार मरीजों को भर्ती किए जाने में लापरवाही सामने आई है। मेडिकल में बुधवार को हुस्नआरा नाम की महिला ने ऑक्सीजन के अभाव में दम तोड़ दिया तो वहीं, मंगलवार को जिला अस्पताल में बुजुर्ग भोपाल सिंह की भी भर्ती नहीं किए जाने के कारण मौत हो गई। इससे पहले भी मेडिकल में कई मरीजों की इलाज नहीं मिलने के कारण मौत हो चुकी है।

993 लोग निकले संक्रमित, 13 की मौत
मेरठ। मेरठ में बृहस्पतिवार रात दस बजे तक 993 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। 13 लोगों की मौत हो गई है। 6116 लोगों की जांच में यह रिपोर्ट आई है। जिले में 18701 लोग कोरोना संक्रमित हैं। 8250 लोग होम आइसोलेट हैं। यह आंकड़ा केवल उन लोगों का है जिन्होंने अपनी जांच कराई है और होम आइसोलेट होने के बाद उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दी है। दो से तीन गुना ऐसे लोग हैं जो खुद घर पर होम आइसोलेट हैं और स्वास्थ्य विभाग को जानकारी नहीं दे रहे हैं। ऐसे में फिलहाल जिले में होम आइसोलेट मरीजों की संख्या 20 हजार से ज्यादा है जो की बहुत ही गंभीर है। अगर संक्रमण कम नहीं हुआ और यह संख्या बढ़ती गई तो स्थिति भयावह हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed