अवसर : ऑनलाइन कंपनियों ने किया 25 करोड़ का कारोबार, शहर में जल्द शुरू होगी शराब की ऑनलाइन डिलीवरी
कोरोना महामारी के दौरान ऑनलाइन कंपनियों ने आपदा को अवसर में बदला है। ऑनलाइन कंपनियों ने नेटवर्क मजबूत कर एक महीने में करोड़ों का कारोबार किया है।
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कोरोना महामारी के बीच रिटेल बाजार पर अब तक ताले लगे हैं। व्यापारी आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे हैं। आपदा को अवसर बनाते हुए ऑनलाइन कंपनियों ने अपना नेटवर्क मजबूत कर एक महीने में ही करीब 25 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। इन कंपनियों ने इलेक्ट्रॉनिक्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल के साथ अब फल, सब्जी, राशन से लेकर दवाओं तक की आपूर्ति की है। वहीं, दिल्ली के बाद अब मेरठ में भी शराब की ऑनलाइन डिलीवरी की तैयारी की जा रही है।
इन कंपनियों ने साकेत, शास्त्रीनगर, जागृति विहार सहित अन्य पॉश कालोनियों में जरूरी सामान की ऑनलाइन डिलीवरी उपलब्ध कराई। महामारी के बीच सभी रेस्टोरेंटों ने भी जोमेटो और स्विगी के माध्यम से डिलीवरी दी। आर्डर कैंसल होने पर भी जिम्मेदारी रेस्टोरेंट को दी गई। संयुक्त व्यापार संघ मंत्री और किराना व्यापारी अंकित गुप्ता ने बताया कि कंपनी द्वारा प्रतिदिन दो ट्रक राशन की आपूर्ति सिर्फ साकेत में की जा रही है। इसके अतिरिक्त फल, सब्जी की भी ऑनलाइन डिलीवरी हो रही है। पहले चुनिंदा लोग ऑनलाइन राशन मंगवाते थे। कोरोना की पाबंदियों के बीच अब ऑनलाइन बुकिंग वाले बढ़ गए हैं।
मोबाइल, कंप्यूटर पर 80 प्रतिशत तक शेयर
- मोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के महामंत्री राजवीर सिंह ने बताया कि कंपनियों ने होम डिलीवरी कर 80 प्रतिशत तक मार्केट पर कब्जा किया है। केंद्रीय कमेटी ने इसके दखल पर रोक की मांग की है। गैलेक्सी इलेक्ट्रॉनिक एसोसिएशन के महामंत्री संजय गोयल ने बताया कि लैपलॉप बिजनेस में ऑनलाइन कंपनियों का शेयर 22 से बढ़कर 60 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
ई-फार्मेसी के क्षेत्र में बढ़ाए कदम
- ड्रगिस्ट एवं केमिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री घनश्याम मित्तल ने बताया कि दवा कारोबार में कंपनियों का शेयर दो से बढ़कर 10 प्रतिशत तक पहुंच गया है। जीवनरक्षक दवाओं की ऑनलाइन आपूर्ति पर प्रतिबंध के लिए प्रदेश और देश के कई संगठन प्रयासरत हैं।
रिटेलरों को हो रहा भारी नुकसान
- संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा कि व्यापारियों पर बिजली का खर्च, कर्मचारियों की सैलरी सहित अन्य खर्च बढ़ रहे हैं। ऑनलाइन कंपनियों की दखल से रिटेलरों को और नुकसान हुआ है। बाजार खुलने के बाद भी अब मार्केट में पहले जैसी मांग नहीं होगी। संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि ऑनलाइन कंपनियों को आवश्यक वस्तुओं को छोड़ अन्य की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
ऑनलाइन कंपनियों के कारोबार के शेयर की स्थिति
आइटम मार्च 2021 अप्रैल 2021
लैपटॉप 22 प्रतिशत 60 प्रतिशत
मोबाइल 40 प्रतिशत 80 प्रतिशत
गारमेंट्स 35 प्रतिशत 60 प्रतिशत
फुटवियर 30 प्रतिशत 50 प्रतिशत
ई फार्मेसी 02 प्रतिशत 10 प्रतिशत
(व्यापारी संगठनों की केंद्रीय इकाइयों से मिले आंकड़ों के आधार पर)