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लक्षणों वाले कोरोना नेगेटिव लोगों की होगी अब होगी टीबी की जांच
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लक्षणों वाले कोरोना नेगेटिव लोगों की होगी अब होगी टीबी की जांच
मेरठ। अगर कोरोना के लक्षण नहीं हैं तो टीबी की बीमारी हो सकती है। लक्षणों वाले कोरोना नेगेटिव लोगों की अब टीबी की जांच होगी। स्वास्थ्य विभाग जिला क्षय रोग अधिकारी को ऐसे लोगों की सूची देगा। अब तक 80 लोगों की जानकारी दी जा चुकी है।
इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला क्षय रोग अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। दरअसल, दोनों बीमारियों के कई लक्षण मिलते जुलते हैं। साल 2025 तक टीबी मुक्त भारत की तैयारी है। लिहाजा प्रदेश के सभी जिलों में सीवियर एक्यूट रेस्पेरेट्री इलनेस (एसएआरआई) और इंफ्लूएंजा लाइक इलनेस (आईएलआई) के रोगी जो कोरोना जांच में नेगेटिव पाए गए हैं, उनकी टीबी की जांच जरूरी है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एमएस फौजदार ने बताया कि जो लोग कोरोना नेगेटिव पाए गए हैं और उनमें खांसी, बुखार आदि लक्षण हैं, इनमें कई संभावित क्षय रोगी भी हो सकते हैं, जिनकी जिला स्तर पर टीबी की जांच कराना आवश्यक है। नेगेटिव रिपोर्ट वालों की सूची प्रत्येक सप्ताह जिला सर्विलांस अधिकारी से लेकर ऐसे रोगियों की बलगम की सीबीनॉट से क्षय रोग की जांच कराई जाएगी। जरूरत पड़ने पर चेस्ट एक्स-रे और अन्य जांच भी कराई जा सकती है। इसके अलावा कुछ रोगियों के घर टीबी यूनिट के कर्मचारियों द्वारा भ्रमण कर वर्तमान में टीबी रोग के लक्षण बुखार, खांसी, वजन कम होना, रात्रि में पसीना आना, कांटेक्ट हिस्ट्री आदि की जानकारी की जाएगी।
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मेरठ। अगर कोरोना के लक्षण नहीं हैं तो टीबी की बीमारी हो सकती है। लक्षणों वाले कोरोना नेगेटिव लोगों की अब टीबी की जांच होगी। स्वास्थ्य विभाग जिला क्षय रोग अधिकारी को ऐसे लोगों की सूची देगा। अब तक 80 लोगों की जानकारी दी जा चुकी है।
इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला क्षय रोग अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। दरअसल, दोनों बीमारियों के कई लक्षण मिलते जुलते हैं। साल 2025 तक टीबी मुक्त भारत की तैयारी है। लिहाजा प्रदेश के सभी जिलों में सीवियर एक्यूट रेस्पेरेट्री इलनेस (एसएआरआई) और इंफ्लूएंजा लाइक इलनेस (आईएलआई) के रोगी जो कोरोना जांच में नेगेटिव पाए गए हैं, उनकी टीबी की जांच जरूरी है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एमएस फौजदार ने बताया कि जो लोग कोरोना नेगेटिव पाए गए हैं और उनमें खांसी, बुखार आदि लक्षण हैं, इनमें कई संभावित क्षय रोगी भी हो सकते हैं, जिनकी जिला स्तर पर टीबी की जांच कराना आवश्यक है। नेगेटिव रिपोर्ट वालों की सूची प्रत्येक सप्ताह जिला सर्विलांस अधिकारी से लेकर ऐसे रोगियों की बलगम की सीबीनॉट से क्षय रोग की जांच कराई जाएगी। जरूरत पड़ने पर चेस्ट एक्स-रे और अन्य जांच भी कराई जा सकती है। इसके अलावा कुछ रोगियों के घर टीबी यूनिट के कर्मचारियों द्वारा भ्रमण कर वर्तमान में टीबी रोग के लक्षण बुखार, खांसी, वजन कम होना, रात्रि में पसीना आना, कांटेक्ट हिस्ट्री आदि की जानकारी की जाएगी।
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