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कोरोना का असर: माध्यमिक विद्यालयों में प्रवेश लेने का गिरा ग्राफ, 15 से 20 प्रतिशत विद्यार्थियों के प्रवेश हुए कम
Sun, 06 Sep 2020 01:50 AM IST
Dimple Sirohi
संजीव शर्मा, अमर उजाला, शामली
संजीव शर्मा, अमर उजाला, शामली
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sun, 06 Sep 2020 01:50 AM IST
सार
- पिछले साल की तुलना में 15 से 20 प्रतिशत विद्यार्थियों के प्रवेश हुए कम
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के शामली जनपद के माध्यमिक विद्यालयों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या में गिरावट आई है। पिछले साल की तुलना में 15 से 20 प्रतिशत तक कम प्रवेश होना सामने आया है। शासन ने प्रवेश लेने की अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित की थी। कोरोना संक्रमण काल को प्रवेश का ग्राफ गिरने की वजह बताया गया है। इस बारे में अमर उजाला ने माध्यमिक विद्यालयों में प्रवेश की स्थिति को लेकर पड़ताल की। प्रस्तुत है रिपोर्ट...
जैन कन्या इंटर कॉलेज शामली
प्रधानाचार्या डा. रुचिता ढाका ने बताया कि पहले छात्राओं के प्रवेश अप्रैल माह में अधिकांश हो जाते थे, लेकिन इस बार कोरोन की वजह से शासन ने 31 अगस्त तक प्रवेश लेने की अंतिम तिथि निर्धारित की थी। इस तिथि तक प्राइमरी वर्ग में 171 नए एडमिशन हुए हैं।
इसी तरह कक्षा 9 में इस बार 179 प्रवेश हुए, जबकि पिछले साल 232 हुए थे। इसी तरह कक्षा 11 में 192 प्रवेश हुए, जबकि पिछले साल 228 नए प्रवेश हुए थे। सभी कक्षाओं को मिलाकर 1381 प्रवेश हुए हैं, जबकि पिछले साल यह संख्या 1600 के आसपास थी। इस तरह से 15 से 20 प्रतिशत तक कम प्रवेश हुए हैं। इसकी वजह कोरोना संक्रमण माना जा रहा है।
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जैन कन्या इंटर कॉलेज शामली
प्रधानाचार्या डा. रुचिता ढाका ने बताया कि पहले छात्राओं के प्रवेश अप्रैल माह में अधिकांश हो जाते थे, लेकिन इस बार कोरोन की वजह से शासन ने 31 अगस्त तक प्रवेश लेने की अंतिम तिथि निर्धारित की थी। इस तिथि तक प्राइमरी वर्ग में 171 नए एडमिशन हुए हैं।
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इसी तरह कक्षा 9 में इस बार 179 प्रवेश हुए, जबकि पिछले साल 232 हुए थे। इसी तरह कक्षा 11 में 192 प्रवेश हुए, जबकि पिछले साल 228 नए प्रवेश हुए थे। सभी कक्षाओं को मिलाकर 1381 प्रवेश हुए हैं, जबकि पिछले साल यह संख्या 1600 के आसपास थी। इस तरह से 15 से 20 प्रतिशत तक कम प्रवेश हुए हैं। इसकी वजह कोरोना संक्रमण माना जा रहा है।
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आरके इंटर कॉलेज शामली
प्रधानाचार्य कैप्टन लोकेंद्र सिंह ने बताया कि इस साल कॉलेज में 1510 के करीब प्रवेश हुए हैं। इनमें कक्षा नौ में 225 और कक्षा 11 में 510 के करीब प्रवेश हुए हैं। पिछले साल 1655 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था। इस तरह से इस बार कोरोना की वजह से प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों में थोड़ी कमी आई है।
हिंदी कन्या इंटर कॉलेज शामली
प्रधानाचार्य दीपाली गर्ग ने बताया कि कक्षा 6 से 12 तक की कक्षाओं में इस साल अभी तक 1298 छात्राओं के प्रवेश हुए हैं। पिछले साल 1611 प्रवेश हुए थे। उनका कहना है कि कोरोना की वजह से ऑनलाइन क्लास अप्रैल से ही शुरू हो गई थी।
इस वजह कुछ छात्राओं व अभिभावकों ने मान लिया था कि उनका अगली कक्षा में स्वत: प्रवेश हो गया होगा या बाद में प्रवेश हो जाएगा। यह मानकर शुरुआत में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। अब निर्धारित तिथि के बाद भी प्रवेश लेने के लिए अभिभावक व छात्राएं कॉलेज आ रहे हैं, जिसके बारे में डीआईओएस को अवगत कराया गया है।
प्रधानाचार्य कैप्टन लोकेंद्र सिंह ने बताया कि इस साल कॉलेज में 1510 के करीब प्रवेश हुए हैं। इनमें कक्षा नौ में 225 और कक्षा 11 में 510 के करीब प्रवेश हुए हैं। पिछले साल 1655 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था। इस तरह से इस बार कोरोना की वजह से प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों में थोड़ी कमी आई है।
हिंदी कन्या इंटर कॉलेज शामली
प्रधानाचार्य दीपाली गर्ग ने बताया कि कक्षा 6 से 12 तक की कक्षाओं में इस साल अभी तक 1298 छात्राओं के प्रवेश हुए हैं। पिछले साल 1611 प्रवेश हुए थे। उनका कहना है कि कोरोना की वजह से ऑनलाइन क्लास अप्रैल से ही शुरू हो गई थी।
इस वजह कुछ छात्राओं व अभिभावकों ने मान लिया था कि उनका अगली कक्षा में स्वत: प्रवेश हो गया होगा या बाद में प्रवेश हो जाएगा। यह मानकर शुरुआत में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। अब निर्धारित तिथि के बाद भी प्रवेश लेने के लिए अभिभावक व छात्राएं कॉलेज आ रहे हैं, जिसके बारे में डीआईओएस को अवगत कराया गया है।
वीवी इंटर कॉलेज शामली
प्रधानाचार्य एसके आर्य ने बताया कि इस बार कोरोना की वजह से छात्रों के प्रवेश कुछ कम हुए हैं। 10वीं में इस बार 217 प्रवेश हुए, जबकि पिछले साल 245 हुए थे। 12वीं में इस बार 447 व पिछले साल 474, 9वीं में इस बार 175 व पिछली बार 200 और 11वीं में इस बार 384, जबकि पिछली बार 400 से अधिक प्रवेश हुए थे। प्रधानाचार्य का कहना है कि विलंब शुल्क के साथ अभी छात्र प्रवेश ले सकते हैं।
पिछले साल की तुलना में इस बार विद्यालयों में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या कुछ कम रही है। इसकी वजह कोरोना संक्रमण माना जा रहा है। कक्षा 9 से 12 तक प्रवेश लेने की अंतिम तिथि 31 अगस्त थी। कक्षा 6 से 8 तक सितंबर माह में छात्र प्रवेश प्रवेश ले सकते हैं।- सरदार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
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प्रधानाचार्य एसके आर्य ने बताया कि इस बार कोरोना की वजह से छात्रों के प्रवेश कुछ कम हुए हैं। 10वीं में इस बार 217 प्रवेश हुए, जबकि पिछले साल 245 हुए थे। 12वीं में इस बार 447 व पिछले साल 474, 9वीं में इस बार 175 व पिछली बार 200 और 11वीं में इस बार 384, जबकि पिछली बार 400 से अधिक प्रवेश हुए थे। प्रधानाचार्य का कहना है कि विलंब शुल्क के साथ अभी छात्र प्रवेश ले सकते हैं।
पिछले साल की तुलना में इस बार विद्यालयों में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या कुछ कम रही है। इसकी वजह कोरोना संक्रमण माना जा रहा है। कक्षा 9 से 12 तक प्रवेश लेने की अंतिम तिथि 31 अगस्त थी। कक्षा 6 से 8 तक सितंबर माह में छात्र प्रवेश प्रवेश ले सकते हैं।- सरदार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक।
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