खाकी पर कोरोना का कहर : दूसरी लहर में पुलिसकर्मी हुए संक्रमित, पश्चिमी यूपी में मौत का आंकड़ा भी ज्यादा
पुलिस अधिकारियों ने भी संक्रमित पुलिसकर्मियों को स्वस्थ करने के लिए कहीं बेहतर प्रयास भी किए है। जिला पंचायत चुनाव में ड्यूटी करने वाले अधिकाँश पुलिसकर्मी संक्रमित हुए हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मेरठ में कोरोना की दूसरी लहर पुलिसकर्मियों पर भारी पड़ी है। पुलिसकर्मी संक्रमित के साथ-साथ मौत का आंकड़ा भी वेस्ट यूपी में पुलिस विभाग में ज्यादा है। आज रविवार को पुलिस लाइन में तैनात सिपाही सुरेंद्र सिंह कोरोना के चलते मौत हो गई।
पुलिस विभाग में अबकी बार कोरोना का संक्रमण तेजी से फैला है। बताया गया है कि वेस्ट यूपी के जिलों में कोरोना से मरने वाले सिपाहियों की संख्या 60 पहुंची है। पुलिस की माने तो कोरोना की दूसरी लहर वेस्ट यूपी में पहली लहर से पुलिस कर्मियों पर ज्यादा भारी पड़ी है। जिसमें मेरठ जोन के 8 जिलों में आठ दरोगा समेत 25 पुलिसकर्मियों की मौत हो हुई है।
मेरठ में लिसाड़ी गेट में तैनात दरोगा चंद्रपाल, टीपी नगर थाने में तैनात दरोगा कामिल समेत छह पुलिसकर्मी की मौत हुई है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने भी संक्रमित पुलिसकर्मियों को स्वस्थ करने के लिए कहीं बेहतर प्रयास भी किए है।
जिला पंचायत चुनाव में ड्यूटी करने वाले अधिकांश पुलिसकर्मी संक्रमित हुए हैं। जिसे लेकर मेरठ जोन के जिले मेरठ, शामली, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, बुलंदशहर, हापुड और सहारनपुर में पुलिस को अस्थायी हॉस्पिटल बनाने पड़े है। जिसमें 24 घंटे की ड्यूटी डॉक्टरों की भी निर्धारित की है।
पुलिस अधिकारियों ने किए बेहतर प्रयास
कोरोना संक्रमित इलाकों में पुलिस कर्मियों को बचाने के लिए एडीजी मेरठ जोन आईजी और एसएसपी ने बेहतर प्रयास भी किए। कम फोर्स होने के बावजूद भी पुलिस अधिकारी कानून व्यवस्था बनाने में सफल रहे। 12-12 घंटे की ड्यूटी पुलिसकर्मियों ने की।
हालांकि यह प्रयास कोरोना की पहली लहर में भी पुलिस अधिकारियों ने किए थे। अबकी बार भी कोरोना के चलते आर्थिक स्थिति से कमजोर लोगों को बेहतर इलाज दिलाने का काम भी पुलिस द्वारा किया गया। इतना ही नहीं लोगों को मुफ्त में खाना खिलाने की काम किया है।
पुलिस कर्मियों को कोरोना से बचाने के लिए जोन के सभी जिलों में अस्थायी हॉस्पिटल भी बनाएं है। पुलिसकर्मियों को कोरोना से बचाने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। मेरठ जोन के सभी जिलों में कप्तान काम कर रहे हैं। -राजीव सभरवाल, एडीजी मेरठ जोन