सहकारी समितियों के चुनाव: 756 संचालकों के लिए हुए नामांकन, सब पर भारी दिख रही भाजपा, पढ़ें जिले का पूरा अपडेट
सहकारी समितियों के चुनाव : 756 संचालकों के लिए नामांकन किए गए हैं। बताया गया कि सब पर भाजपा भारी दिख रही है। पढ़िए जिले का पूरा अपडेट।
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मेरठ जिले में 84 साधन सहकारी समितियों में प्रबंध समिति के 756 सदस्यों (संचालकों) के चुनाव के लिए नामांकन किए गए। प्रत्येक ब्लॉक में कई गांवों से एक-एक प्रत्याशी ने ही नामांकन किया, जिससे 100 से अधिक प्रत्याशियों का निविरोध चुना जाना तय माना जा रहा है। बुधवार यानी (आज) नामांकन पत्रों की जांच हुई। अब 16 मार्च को नाम वापसी के बाद बाकी बचे सभी प्रत्याशियों के लिए 18 मार्च को सहकारी समितियों में मतदान किया जाएगा।
जनपद की प्रत्येक साधन सहकारी समिति से नौ संचालकों यानि सभी समितियों से 756 संचालकों का चुनाव होगा। सहकारी समितियों के चुनाव में भाजपा ही नहीं बल्कि सपा, रालोद, कांग्रेस और बसपा भी अपनी जोर आजमाइश कर रही हैं। इनमें सत्ताधारी दल भाजपा सब पर भारी दिख रहा है।
दौराला खंड विकास क्षेत्र में सात सहकारी समितियों से पांच प्रत्याशियों के सामने दूसरा पर्चा नहीं भरा गया, इन पांचों का निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है। रजपुरा ब्लॉक में छह साधन सहकारी समितियों में से बहचौला सोसायटी के छह प्रत्याशियों के सामने कोई प्रतिद्वंदी नहीं है। अब केवल तीन पदों पर मतदान होने की उम्मीद है। मसूरी से चार, कस्तला से दो और रजपुरा से तीन प्रत्याशियों का निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है। खरखौदा ब्लॉक की पांच सहकारी समितियों से 22 डायरेक्टरों (संचालकों) का निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है। इनके सामने किसी दूसरे ने नामांकन नहीं किया है। मवाना ब्लॉक की 11 साधन सहकारी समितियों से 38 प्रत्याशियों का भी एक-एक नामांकन होने के कारण निर्विरोध चुना जाना तय है।
दा सैनिक सहकारी आवास समिति में कोई नामांकन नहीं
कंकरखेड़ा की दा सैनिक सहकारी आवास समिति के लिए कोई नामांकन नहीं किया गया। इस संबंध में आरओ जेपी सिंह ने बताया कि दिन भर पूरा स्टाफ समिति कार्यालय पर उपस्थित रहा लेकिन कोई प्रत्याशी नामांकन को नहीं पहुंचा।
नामांकनों की जांच के बाद घोषित होंगे निर्विरोध
जिला सहायक सहकारी निर्वाचन अधिकारी एवं सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक प्रदीप सिंह ने बताया कि कंकरखेड़ा क्षेत्र में दा सैनिक सहकारी आवास समिति को छोड़कर बाकी सभी सहकारी समितियों में नामांकन किए गए हैं। लगभग 100 प्रत्याशियों के सामने किसी दूसरे ने नामांकन दाखिल नहीं किया है। बुधवार (आज) को नामांकन पत्रों की जांच के बाद ही किसी प्रत्याशी का निर्विरोध चुना जाना माना जा सकेगा। नामांकन पत्रों की जांच के बाद सभी निर्विरोध प्रत्याशियों के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे। बाकी सीटों पर निर्धारित तिथि 18 मार्च को मतदान होगा।
मवाना ब्लॉक में साधन सहकारी समिति : 11
नामांकन : 99
कुल निर्विरोध : 38
चुनाव मैदान में : 61
रजपुरा ब्लॉक में सहकारी समिति : छह
बहचौला में छह निर्विरोध , तीन लड़ेंगे चुनाव
मसूरी में चार निर्विरोध,
कस्तला में दो निर्विरोध,
रजपुरा में तीन निर्विरोध,
खरखौदा ब्लॉक में सहकारी समिति : पांच
नामांकन दाखिल किए : 73
निर्विरोध : 22
चुनाव मैदान में प्रत्याशी : 51
दौराला ब्लॉक में सहकारी समिति : सात
कुल नामांकन : 37
दौराला में निर्विरोध : तीन
लावड़ में निर्विरोध : दो
चुनाव में प्रत्याशी : 32
सरधना ब्लॉक में सहकारी समिति : दो
सरधना देहात में नामांकन : 21
महादेव सहकारी समिति में नामांकन : 15
सरूरपुर ब्लॉक सहकारी समिति : पांच
दबथुआ में नामांकन : 15,
ईकड़ी में नामांकन : 26,
सरूरपुर में नामांकन : 24,
गोटका में नामांकन : 14,
पथौली में नामांकन : 22
रोहटा ब्लॉक में सहकारी समिति : तीन
अरनावली में नामांकन : 15
निर्विरोध : पांच
रासना में नामांकन : 16
निर्विरोध : तीन
भाजपा ने बनाया दबदबा
सहकारी समिति के चुनाव में सत्ताधारी दल भाजपा का दबदबा साफ दिखाई दे रहा है। जनपद में प्रत्येक ब्लॉक की अधिकतर सहकारी समितियों में भाजपा का कब्जा देखने को मिल रहा है। समितियों पर नामांकन के दौरान भले ही भाजपा समेत सभी राजनीतिक दलों का बड़ा नेता मौके पर न दिखा हो लेकिन सच्चाई यह है कि भाजपा ने गांव-गांव में अपना जाल बिछा दिया है। विपक्षी दल सहकारी समिति के चुनाव में जीत का दावा तो कर रहे हैं लेकिन सत्ता प्रभाव को वे भी स्वीकारने को मजबूर दिख रहे हैं।