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ठेका तो बढ़ा दिया पर सुविधाएं सिफर
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मेरठ। कैंट बोर्ड ने वाहन प्रवेश शुल्क वसूली का ठेका दो महीने बढ़ा दिया है परंतु सुविधाओं के नाम पर सारे अफसरों ने चुप्पी साध रखी है। पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर वसूली करने में तो कैंट बोर्ड को तमाम कानून याद रहते हैं परंतु टोल वसूले जाने पर नियम एवं सुविधाएं भूल जाते हैं। ये भी तब है जब एडम कमांडेंट के निर्देशन में सारे नियमों का पालन कराने के लिए समिति बनाई गई थी।
कैंट बोर्ड के अफसरों ने सात दिसंबर को आपात बोर्ड बैठक बुलाकर वसूली का 11 जगह का ठेका दो महीने के लिए बढ़ा दिया था। बैठक में हवाला दिया था कि देश में दूसरी जगह पर भी केंद्र सरकार ने महामारी के चलते सभी टोल ठेकों को दो महीने बढ़ा दिया है। ऐसे में उन्हें भी ठेका बढ़ाना पड़ेगा। यहां तक कि एडीएम सिटी ने पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर वसूली को गलत बताया तो अफसर सुप्रीम कोर्ट के आदेश और नियमों का हवाला देने लगे। सवाल ये है कि जब फायदा लेने को टोल के सारे नियम-कायदे बताए जा रहे हैं तो वसूली पर सुविधाओं के नाम पर चुप्पी साध लेते हैं।
टोल वसूली की जगह सड़क चौड़ी करके लेन बनाए जाने का प्रावधान है। जिससे कॉमर्शियल वाहनों की लेन अलग रहे और बाकी वाहन दूसरी लेन में चलते रहें। वसूली के सभी प्वाइंट पर वाटर कूलर और सुलभ शौचालय, रेस्ट रूम आदि की व्यवस्था होनी चाहिए परंतु 11 प्वाइंट में से एक भी पर सुविधा नहीं हैं। कहीं भी संकेतक नहीं लगे हैं, जिससे किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। कैंट बोर्ड को अपने राजस्व की चिंता है बाकी चाहे सारे नियम टूट जाएं।
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शिकायत की चल रही तैयारी
इस प्रकरण को लेकर रक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में शिकायत की तैयारी की जा रही है। स्पीड ब्रेकर को लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की जा चुकी है परंतु पीडब्लूडी अफसर सोए हुए हैं।
ये है वसूली प्वाइंट पर नियम
वाटर कूलर
सुलभ शौचालय
संकेतक
सड़क चौड़ी, लेन बनी हो
एक एंबुलेंस प्वाइंट पर खड़ी हो
ट्रक आदि के ड्राइवर के लिए रेस्ट रूम
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कैंट बोर्ड के अफसरों ने सात दिसंबर को आपात बोर्ड बैठक बुलाकर वसूली का 11 जगह का ठेका दो महीने के लिए बढ़ा दिया था। बैठक में हवाला दिया था कि देश में दूसरी जगह पर भी केंद्र सरकार ने महामारी के चलते सभी टोल ठेकों को दो महीने बढ़ा दिया है। ऐसे में उन्हें भी ठेका बढ़ाना पड़ेगा। यहां तक कि एडीएम सिटी ने पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर वसूली को गलत बताया तो अफसर सुप्रीम कोर्ट के आदेश और नियमों का हवाला देने लगे। सवाल ये है कि जब फायदा लेने को टोल के सारे नियम-कायदे बताए जा रहे हैं तो वसूली पर सुविधाओं के नाम पर चुप्पी साध लेते हैं।
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टोल वसूली की जगह सड़क चौड़ी करके लेन बनाए जाने का प्रावधान है। जिससे कॉमर्शियल वाहनों की लेन अलग रहे और बाकी वाहन दूसरी लेन में चलते रहें। वसूली के सभी प्वाइंट पर वाटर कूलर और सुलभ शौचालय, रेस्ट रूम आदि की व्यवस्था होनी चाहिए परंतु 11 प्वाइंट में से एक भी पर सुविधा नहीं हैं। कहीं भी संकेतक नहीं लगे हैं, जिससे किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। कैंट बोर्ड को अपने राजस्व की चिंता है बाकी चाहे सारे नियम टूट जाएं।
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शिकायत की चल रही तैयारी
इस प्रकरण को लेकर रक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में शिकायत की तैयारी की जा रही है। स्पीड ब्रेकर को लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की जा चुकी है परंतु पीडब्लूडी अफसर सोए हुए हैं।
ये है वसूली प्वाइंट पर नियम
वाटर कूलर
सुलभ शौचालय
संकेतक
सड़क चौड़ी, लेन बनी हो
एक एंबुलेंस प्वाइंट पर खड़ी हो
ट्रक आदि के ड्राइवर के लिए रेस्ट रूम