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शहर में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की थी साजिश

Fri, 12 Jul 2019 01:51 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 12 Jul 2019 01:51 AM IST
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consprecy to spread communal tension
मेरठ। प्रहलाद नगर की बिगड़ी कानून व्यवस्था को लेकर उठे मुद्दे के बाद शहर में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की साजिश थी। यह बात खुफिया रिपोर्ट में सामने आ चुकी है। लेकिन युवा सेवा समिति के मॉब लीचिंग के विरोध में निकाले गये कथित जुलूस के बाद पुलिस ने जब मुख्य आरोपी समिति अध्यक्ष की फोन कॉल रिकार्ड खंगाली तो पता चला कि एक भाजपा नेता की बदर अली से काफी करीबी थी और वह लगातार उक्त नेता के संपर्क में था। ऐसे में माना जा रहा है कि व्यक्तिगत राजनैतिक हित साधने की कवायद में शहर के भीतर तनाव पैदा करने की साजिश थी।
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युवा सेवा समिति के अध्यक्ष बदर अली के आह्वान पर 30 जून को बिना प्रशासन की स्वीकृति के एक जनसभा का आयोजन करने के साथ जबरन जुलूस निकाला था। इस जुलूस के दौरान जमकर बवाल और पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस मामले में मुख्य आरोपी बदर अली सहित कई गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। जुलूस के दौरान जिस तरह बवाल हुआ, उसे लेकर पुलिस अधिकारियों की भौंहे चढ़ गई थी। तभी से बदर अली का पूरा इतिहास खंगालने के साथ उसकी कॉल रिकार्ड भी खंगाली गई।
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बदर अली की कॉल रिकार्ड में यूं तो कई अहम जानकारियां मिली। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात ये रही कि जनसभा के दिन से एक दिन पहले और बवाल के बाद तक एक नंबर ऐसा था जिस पर बदर अली की गई बार लंबी बातें हुई है। जब इस नंबर को खंगाला तो पुलिस भी चौंक गई, क्योंकि यह नंबर एक भाजपा नेता का था। यह भाजपा नेता भी शहर के भीतर लगातार सुर्खियों में रहता है। माना जा रहा है कि व्यक्तिगत राजनैतिक हित साधने के लिए बदर अली और यह भाजपा नेता लंबे समय से शहर में खेल खेलते आ रहे हैं। ताकि शहर में सांप्रदायिक तनाव बनें और दोनों अपनी अपनी राजनैतिक रोटी सेकते रहें।
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इस पूरे मामले की जानकारी भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को भी मिल चुकी है। लेकिन हर कोई इस पर चुप्पी साधे बैठा है। लेकिन बदर अली की फोन डिटेल में मिले इस नंबर को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि एक पदाधिकारी का कहना है कि इस पूरे मामले की गोपनीय रिपोर्ट ऊपर भेज दी गई है।
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