Election Flashback: कमाल का था चुनाव प्रचार का ये अंदाज, ...जब किसानों से मिलने पैदल पहुंच गई थीं मोहसिना
Lok Sabha Election 2024 : 1980 में चुनाव प्रचार करने का तरीका बहुत ही अलग था। उस समय कांग्रेस प्रत्याशी मोहसिना किदवई चुनाव प्रचार के लिए पैदल ही खेतों पर पहुंच गई थीं। वहां उन्होंने किसानों से बातचीत की थी।
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समय के साथ-साथ चुनाव के तौर-तरीकों में भी बड़े बदलाव देखे गए हैं। पूर्व के चुनावों में चौपालों पर लोगों के विचार जानने के लिए हाथ उठवाया जाता था। जिस उम्मीदवार के पक्ष में सर्वाधिक हाथ उठते थे, उसी के पक्ष में सभी मतदान करते थे।
उस समय संसाधन कम थे पर चुनौती बड़ी थी। न ऊंचे मंच थे और न ही लाउडस्पीकर की उचित सुविधा। तब वोटों के लिए प्रत्याशी खेत-खलिहानों तक पैदल ही जाते थे। खेतों में काम कर रहे किसानों से बातचीत करते थे। साइकिलों से भी चुनाव का प्रचार होता था।
कस्बे के बुजुर्ग लोगों से जब इस मामले में बात की गई तो उन्होंने पूर्व के चुनाव को लेकर अपनी बात बताई। कहा कि उनके समय में चौपाल पर पंचायत होती थी, जिसमें हाथ उठाकर फैसला लिया जाता था। ग्राम पंचायत कुंहेड़ा के पूर्व प्रधान संतराम सिंह ने बताया कि 1980 का लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मोहसिना किदवई चुनाव प्रचार में पैदल ही खेतों पर पहुंची थीं। गांव के दर्जनों किसानों से खेतों पर बातचीत की थी।
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कस्बे के 70 वर्षीय गोपाल शर्मा और 75 वर्षीय दबखेड़ी निवासी रणबीर सिंह जैनर बताते हैं कि 70 और 80 के दशक में प्रचार बैलगाड़ी से होता था। फूलों से सजी आठ से दस बैलगाड़ियों का काफिला जब निकलता था तो लोगों की भीड़ देखने के लिए जुटती थी। बैलगाड़ी के पीछे उम्मीदवार और समर्थक नारे लगाते हुए चलते थे।
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